Tuesday, 16 January 2018

Meri Chudai Se Langdane Lagi Sasuri -मेरी चुदाई से लंगड़ाने लगी


Meri Chudai Se Langdane Lagi-

ये मेरी पहली कहानी हे. मैंने यहाँ पर बहुत कहानियाँ पढ़ के अपने लंड को हिलाया हुआ हे. मैं अक्सर रात को कहानी पढ़ के अपने लंड हिला के सोता हूँ. अब मेरे बारे में बताऊँ. मैं हैदराबाद से हूँ और एक मकान में पीजी रहता हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 7 इंच हे और कलर में घेउआ हूँ. लेकिन मेरा बॉडी स्ट्रक्चर एकदम बढियां हे. मेरा लंड पूरा 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा हे. जो भी मेरे लंड को एक बार देख ले तो उस से चुदने को उसका मन हो जाए ऐसा हे मेरा पेनिस. ये बात जो आप को मैं आज बताने के लिए आया हूँ वो मेरी डिग्री की पढाई के समय मेरे दादा जी वाले घर में मेरे साथ हुई थी.


मेरे दादा जी की फेमली काफी बड़ी हे और वो लोग संयुक्त कुटुंब में रहते हे. तो जाहिर हे की उनका घर भी काफी बड़ा था और मैं अक्सर अपनी छुट्टियों में उस घर में रहने के लिए भी जाता था. घर काफी बड़ा हे जिसमे दो विभाग बने हे. एक साइड में घर के मेम्बर्स रहते हे. और दूसरी साइड में बोरवेल हे. उसी साइड में अनाज का छोटा गोदाम हे और एक बड़ा सा स्टोर रूम भी.

घर के दुसरे मजले के ऊपर दो बेडरूम बने हुए हे महमानों के लिए जो सिर्फ महमानों के लिए ही खोले जाते हे. घर बड़ा हे इसलिए नोकर चाकर भी काफी हे. वैसे भी दादा जी बड़े जमीनदार हे और काफी रुआब सा हे उनका. घर में नोकरों के बच्चे भी हे जो स्टोर रूम वाली साइड में घर के बच्चो के साथ ही खेलते हे. अक्सर दोपहर में जब घर के मेम्बेर्स सोये होते हे तब स्टोर रूम वाली साइड में बच्चो के खेलने का वक्त होता हे.


कामवाली के बच्चो में एक लड़की भी थी जिसका नाम देवी था और वो उम्र में 18 साल की थी. वो घर के बच्चो का ध्यान रखती हे और कभी कभी उनको खेल भी लगाती हे.

एक दिन मैं जब वेकेशन के लिए दादा के घर आया था तो लांच के बाद बड़े लोग सब घर के मेन एरिया में बैठे हुए थे. फिर सब लोग सोने के लिए चले गए. दोपहर का वक्त था और गर्मी भी काफी थी. मुझे नींद नहीं आई तो मैं दुसरे एरिया में चला गया जहां पर बच्चे खेल रहे थे. वैसे भी मुझे दोपहर में कम ही सोने की आदत हे. मैंने उस वक्त लुंगी पहनी हुई थी. मैं गया तो मैंने देवी को बच्चो के साथ खेलते हुए देखा. उसने एक साडी पहनी थी जिसके अन्दर रेड ब्लाउज था. उसकी नाभि दिख रही थी. उसका फिगर भी काफी अच्छा लग रहा था. उसके बूब्स काफी बड़े हे जो ब्लाउज में से जैसे बहार आने को बेताब लग रहे थे. वो बच्चो के साथ खेलते हुए उछल कूद कर रही थी जिसकी वजह से उसके बूब्स भी ऊपर निचे हो रहे थे. मेरे लंड में तूफ़ान आ गया उसकी उभरती हुई जवानी को देख के. अभी कुछ समय पहले तक तो वो चड्डी में घुमती थी. और अब एकदम से ही बड़ी हो गई जैसे! Chudai Se


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देवी के उछलते हुए बूब्स ने मेरे लंड को खड़ा कर दिया था. फिर धीरे धीरे कुछ बच्चे भी दोपहर की नींद लेने के लिए निकल पड़े. फिर एंड में देवी के साथ सिर्फ मेरे चाचा जी का 8-9 साल का बेटा ही रह गया. मेरा लंड ऐसे खड़ा हो चूका था की उसके अंदर से प्रीकम भी लुंगी के अन्दर निकल रहा था. मैंने धीरे से अपनी लुंगी को खोला और अपना मोटा लंड देवी को दिखा दिया.


देवी ने मेरे बड़े लंड को देखा तो उसकी आंखे ही फट गई जैसे. फिर उसने मुझे देख के स्माइल दिया. और फिर मैं समझ गया की वो भी इस लोडे से अपनी हार्ड फकिंग करवाना चाहती हे. मैंने चाचा के बेटे को 10 का नोट दिया और उसको कहा की जाओ सो जाओ बेटा आज गर्मी ज्यादा हे. उसके जाने के बाद मैं देवी को कहा बाजू वाले कमरे में चलोगी मेरे साथ? वो निचे देख के हंस रही थी. शर्ट की जेब से मैंने 100 का नोट निकाल के उसके ब्लाउज में खोस दिया. वो हंस के ऊपर देखने लगी. मैंने उसके बूब्स को हलके से दबाये और फिर उसका हाथ पकड के बगल के कमरे में ले गया.



वो एकदम देसी देहाती लड़की थी, लेकिन दिखने में जैसे मैंने कहा वैसे काफी सेक्सी थी. मेरा लंड लुंगी को फाड़ के बहार आने को बेताब सा था. मैंने कमरे में घुसते ही दरवाजे को बंद कर दिया और लुंगी उठा दी. देवी के हाथ में मैंने अपना लंड पकड़ा दिया. फिर मैंने लुंगी को निकाल दिया. मैं लुंगी के अन्दर अंडरवेर नहीं पहनता हूँ. देवी को लंड की बड़ी नवाई सी लग रही थी. वो उसे पकड़ के जैसे दूध निकालना हो वैसे हिला रही थी.


गाँव की लडकियां जब भी उन्हें चांस मिले तो लंड ले लेती हे. और मैं जानता था की देवी भी वर्जिन नहीं थी. वो एकदम कस कस के मेरे लंड को हिला रही थी. उसने लंड को जोर से दबाया हुआ था और हिला हिला के उसने लंड का पानी छुड़ा दिया. उसके दोनों हाथ मेरे वीर्य से गंदे हो चुके थे. उसने वही पर पड़े हुए एक कपडे से अपने हाथ को और मेरे लंड को साफ़ कर दिया.


फिर देवी ने मुझे बताया की यहाँ पर कोई भी आ सकता हे. मैंने कहा फिर कहा करेंगे? वो बोली ऊपर के कमरे की चाबी हे मेरे पास. मैंने कहा, पहले तुम जाओ दरवाजा खोल के अन्दर बैठो मैं आता हूँ 2 मिनिट में. मैं जब वहां पहुंचा तो देवी मेरी ही राह देख रही थी. मेरे कमरे के अन्दर जाते ही उसने मेरी शर्ट और बनियान को निकाला. और फिर लुंगी निकाल के मेरा लंड निकाल लिया. और फिर से वो मेरे लंड को पकड़ के हिलाने लगी. मैंने उसे लंड चूसने के लिए कहा तो उसे नहीं कहा. मैं समझ गया की वो विलेज की मेंटालिटी की हे इसलिए लंड नहीं चूसेगी. Chudai Se

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फिर मैंने अपने होंठो को उसके होंठो से लगा दिया और हम दोनों के लिप्स लोक से हो गए. हम एक दुसरे को मस्त लिप किस कर रहे थे. 5 मिनिट तक हम दोनों के होंठ और जबान एक दुसरे से टच हो रही थी. और तब उसका हाथ मेरे लंड को पकड़ के हिला ही रहा था. वो मेरे लंड को बहुत पसंद कर रही थी और उसे स्लोवली स्लोवली हिला रही थी. मैंने ए हाथ से अब उसके ब्लाउज के बटन को खोला.


करीब 10 मिनट के बाद हमारी किस छूटी. और तब तक मैंने उसकी ब्लाउज को और ब्रा को भी उतार दिया था. वो अपने हाथ से अपने बड़े बूब्स को छिपा रही थी. फिर मैंने धीरे से उसके पेटीकोट के नाड़े को भी खोल दिया. मेरा लंड उसकी सेक्सी चूत में घुसने के लिए बेबाक खड़ा हुआ था.


उसने अन्दर कोई पेंटी नहीं पहनी थी. उसकी चूत के ऊपर हलके हलके से बाल थे. और उसकी चूत की फांके एकदम गुलाबी गुलाबी थी. मैं अपनी ऊँगली को उसकी चूत के ऊपर रख दिया और फिर धीरे से एक ऊँगली अंदर कर दी. दुसरे हाथ से मैंने उसकी गांड को पकड़ा और उसे अपने और भी पास ले लिया. Chudai Se

मैंने ऊँगली से उसको चोदना चालू कर दिया. और वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह की मोअनिंग करने लगी थी. 10 मिनिट तक ऊँगली से उसकी चूत को चोद चोद के मैंने उसे एकदम गिला कर दिया. उसके अन्दर से पानी भी छुट गया था. उसकी चूत के झड़ने से वो और भी होर्नी हो चुकी थी और उसकी मोअनिंग और भी बढ़ चुकी थी.


फिर मैंने देवी को निचे लिटा दिया बिस्तर के ऊपर और उसके ऊपर चढ़ आया. मैंने अपने लंड को उसकी देसी चूत पर लगाया और हलके से धक्का मारा. उसकी छोटी सी चूत में मेरा 7 इंच का लंड कैसे घुसेगा वो सवाल भी था ही मेरे दिमाग में. उसकी चूत एकदम गीली होने की वजह से मेरा काम आसान हो गया था. देवी ने अपनी पोजीशन को भी ऐसे बना लिया की चूत के अन्दर लंड के घुसने से उसे कम से कम दर्द हो.

मैं उसके ऊपर झुका हुआ था और मेरा लंड आधे से ज्यादा उसकी चूत में ही था. वो दर्द की वजह से कराह रही थी. और उसने अपने होंठो को दांतों के तले दबा लिया था. मैंने उसके बूब्स को पकड के निपल्स को खिंच के चूसा और फिर एक धक्का दिया. मेरा लंड अब ऑलमोस्ट पूरा उसकी चूत में था. देवी दर्द के मारे बेहाल थी और उसका पसीना भी छुट चूका था.
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देवी अपनी गांड को हिला हिला के अब चुदवाने लगी थी. मैं उसके बूब्स को चूस के उसकी चूत को ऐसे चोद रहा था की जैसे वो दुनिया की आखरी चूत हो चोदने के लिए. मेरा गिला देसी लंड पूरा बहार निकालता था मैं और फिर वापस उसको चूत में डाल देता था. देवी भी पूरा सपोर्ट दे रही थी मुझे.


पांच मिनिट कस कस के चोदने के बाद में मैएँ उसको घोड़ी बना दिया. उसकी चूत पीछे से एकदम पिचपिची लग रही थी. मैंने लंड को अन्दर डाला और फिर से उसको कस कस के ठोकने लगा. देवी भी अपनी गांड को मेरे लंड पर मार मार के पुरे लंड से चुदने के मजे लुट रही थी.


फिर मैंने अपने लंड को निकाला और बिना कुछ कहे ही उसे देवी की गांड में डाला. देवी के मुहं से इतनी जोर की चीख निकली लेकिन मैंने उसके मुहं को जोर से अपने हाथ से बंद कर दिया. मेरे हाथ के ऊपर उसके आंसू आ चुके थे. वो दर्द से कराह रही थी और रोने लगी थी. उसकी गांड से खून भी बहार आ गया था. मेरा आधा लंड भी अन्दर नहीं गया था. Chudai Se


कुछ 2 मिनिट तक वो रोती रही लेकिन मैने लंड को बहार नहीं निकाला. आधे लंड को धीरे धीरे अन्दर बहार कर के मैं उसकी गांड मारने लगा. वो दर्द से कराह तो रही थी लेकिन काफी कम हो चूका था उसका दर्द अब. फिर मैंने अपने दोनों हाथ से उसके चूतड़ को खोला और लंड को और अंदर पेनेट्रेट कर दिया. फिर से वो दर्द से कराहने लगी थी. मेरा लंड ऑलमोस्ट अन्दर जा चूका था और उसके ऊपर देवी का पिला गू भी लगा हुआ था. मैंने लंड के ऊपर थूंक दिया और फिर जोर जोर से उसे अन्दर बाहर करने लगा.


देवी थक चुकी थी लेकिन वो गांड मरवाती रही अपनी. फिर मैंने अपने लंड से ढेर सारे वीर्य की पिचकारी छोड़ी. एक एक बूंद को उसकी गांड में ही छोड़ के जैसे मैंने लंड को बहार निकाला तो वीर्य भी पाद के साथ बहार आ गया. देवी दर्द और थकान की वजह से वही लुडक पड़ी. मैंने अपने शर्ट से 200 रूपये और निकाले और उसके हाथ में पकड़ा के मैं वहां से निकल पड़ा. दुसरे दिन देवी काम पर ही नहीं आई. तीसरे दिन वो पूरी लंगडी चल रही थी जब काम के लिए आई तब.


शायद मैंने उसके साथ की पहली चुदाई ही इतनी हार्ड कर दी थी की फिर देवी मेरे से बचने लगी थी. मुझे देखते ही वो घर के मेम्बर्स वाले एरिया में भाग जाती थी इसलिए उसे चोदने का चांस नहीं मिला फिर.
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Monday, 15 January 2018

सेक्सी भाभी की प्यासी बहन | Sexy Bhabhi ki Pyasi behen

p>हैल्लो दोस्तों, में आप सभी का मित्र आकाश आज आप सभी सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालो को अपने जीवन के एक और सेक्स अनुभव को लेकर आपके सामने आया हूँ। दोस्तों में 21 साल का गठीले सुंदर गोरे बदन का लड़का हूँ और में सेक्स करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ और मुझे कहीं भी सेक्स करने का मौका मिले में उस मौके को कभी भी खाली नहीं जाने देता। दोस्तों यह उन दिनों की बात है, जब मेरे बड़े भैया जो मेरे ताऊ जी के लड़के है उनकी शादी हुई और जब पहली बार मेरी भाभी हमारे घर आई तब में तो उनकी सुंदरता को देखकर पागल ही हो गया। दोस्तों मेरी भाभी इतनी सुंदर थी कि मेरा मन अब करने लगा कि आज अपने भैया की जगह में खुद ही उनके साथ सुहागरात मना लूँ, लेकिन यह सब मुमकिन नहीं था। सच में दोस्तों मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी है और उसके बूब्स को अगर कोई एक बार देख ले तो वो पूरी दुनिया को भूलकर बस बूब्स को ही देखता रह जाएगा। दोस्तों मेरी भाभी के वो गोलमटोल आगे की तरफ बड़े हुए नोकदार बूब्स है, जिसको देखकर तो किसी नामर्द का भी लंड तुरंत बिजली के झटके के साथ खड़ा हो जाए और भाभी के वो सेक्सी बूब्स उनकी गोरी पतली सी कमर और 5.3 इंच की उनकी लम्बाई मेरी भाभी को और भी सेक्सी बम बना देती और वो दिखने में पूरी सेक्स की देवी की लगती है।
दोस्तों मेरी भाभी जब से हमारे घर आई थी तब से मेरे लंड का बड़ा बुरा हाल हो गया था और वो कभी भी सोया नहीं था और सारा दिन मेरा सात इंच का लंड हमेशा खड़ा रहने लगा था। अब मेरा सेक्स करने का बहुत मन करता था, में भाभी के सेक्सी गांड और बूब्स को देख देखकर मन ही मन मचलने लगा था। अब मेरा तो मन करता कि में अपनी भाभी को अभी पकड़कर उनकी चुदाई कर दूँ, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता था। फिर मैंने अपनी भाभी के पास जाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुझे कोई भी ऐसा मौका नहीं मिला, जिसका में फायदा उठाकर यह काम पूरा करूं। फिर ऐसे ही दिन निकलने लगे थे, मेरे ताऊ जी का घर हमारे घर के बिल्कुल पास ही था और अपने उस सेक्स के सपने को अपने मन में दबाए हुए ही में अपने दिन बिता रहा था। एक दिन मेरे मन की बात भगवान ने सुन ली और में उस दिन अपने कॉलेज से जब वापस अपने घर लौटा तो मैंने देखा कि मेरे भैया के घर एक बहुत ही ज़्यादा सुंदर भाभी से भी सेक्सी कुंवारी लड़की को मैंने देखा। फिर उसको देखकर ही मेरा तो लंड और भी ज्यादा उतावला हो गया। फिर में जल्दी से अपने काम खत्म करके में पहुंच गया अपनी ताई जी के घर। मैंने देखा कि उस समय मेरी भाभी भैया और वो लड़की भी बैठी हुई थी।
फिर कुछ देर के बाद मुझे पता चला कि वो सुंदर लड़की मेरी भाभी की बहन है। दोस्तों में आप सभी को क्या बताऊँ? दोस्तों वो लड़की बहुत बहुत मेरी भाभी से भी कहीं ज़्यादा हॉट सेक्सी लड़की थी, उसके होंठ एकदम गुलाबी सुंदर गोरा गोल चेहरा और उसके बूब्स बड़े ही टाइट भाभी की तरह गोलमटोल थे और उस लड़की ने जो सूट पहन रखा था। उसके बड़े गले से उसके दोनों गोरे बूब्स के बीच वाली लाइन बाहर से भी साफ दिखाई दे रही थी। दोस्तों यह सब देखकर मेरी तो नज़रें ही बस उस जगह पर अटक गई उसने बिना बाहं वाला सूट पहना था, जिससे उसकी सेक्सी बाहें साफ नजर आ रही थी। दोस्तों यह सब देखकर मेरी हालत बहुत खराब थी और अपने आपको संभालते हुए में अब भाभी और भैया से बात करने लगा। फिर भाभी ने उस लड़की के साथ मेरा परिचय करवाया, तब मुझे पता चला कि उस लड़की का नाम सोनिया था। दोस्तों में बहुत देर तक वहीं पर बैठा उन सभी से बातें करता रहा और मैंने जानबूझ कर उस दिन अपनी ट्यूशन को भी छोड़ दिया था। अब सोनिया मुझसे बहुत खुलकर बातें करने लगी थी और फिर मुझे पता चला कि वो अपने कॉलेज के पेपर देकर आई थी। उसकी अब एक महीने की छुट्टियाँ थी इसलिए वो यहाँ पर अपनी बड़ी बहन के पास 15-20 दिनों के लिए रहने आई थी।
फिर मेरी मम्मी ने मुझे आवाज़ लगा दी और में सोनिया को मेरे घर आने के लिए कहकर अपने घर चला गया। दोस्तों उस रात को तो में सो ही नहीं पाया, क्योंकि आज में अपनी भाभी के बूब्स और सोनिया के बूब्स दोनों को बड़ी अच्छी तरह से देख चुका था और उन दोनों के ही बूब्स बड़े सेक्सी थे। फिर उस रात को मैंने सोनिया के नाम की चार बार मुठ मारी, लेकिन फिर भी मेरा पेट नहीं भरा था। अगले दिन में जानबूझ कर अपने कॉलेज नहीं गया, मैंने अपने बीमार होने का मम्मी को झूठा बहाना लगा दिया और फिर सुबह होते ही में पहुंच गया ताई जी के घर। उस समय 8:30 का टाइम था। अब मैंने देखा कि मेरे ताऊ जी बाहर बैठे अखबार पढ़ रहे थे और मेरे भैया अभी सोए हुए थे और भाभी पूजा कर रही थी, लेकिन मेरी नज़र अब सोनिया को हर जगह ढूंड रही थी। फिर में अपनी ताई जी के पास ही बैठा बातें कर रहा था और थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि सोनिया ऊपर वाले कमरे से नीचे आ रही थी। दोस्तों अभी वो सोकर ही आई थी इसलिए उसने नाइट सूट पहन रखा था, एक पतली सी टीशर्ट और मैंने देखा कि उसने टीशर्ट के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी और उसकी उस पतली सी टीशर्ट होने की वजह से उसके दोनों बूब्स के निप्पल मुझे बाहर से ही साफ दिखाई दे रहे थे।
अब तो वो और भी ज़्यादा सेक्सी लग रही थी, मेरा मन कर रहा था कि उसी समय में उसकी टीशर्ट में अपना मुहं डालकर उसके दोनों बूब्स को बारी बारी से बहुत जमकर उनका रस चूस लूँ। में उनका सारा दूध पी जाऊं। अब मेरा लंड भी वो द्रश्य देखकर हरकत में आ गया था और वो लोहे की तरह अकड़कर खड़ा हो गया था और बहुत गरम भी हो गया था। फिर मैंने अपने लंड पर हाथ रखा हुआ था कहीं सभी को पता ना चल जाए और अब ना तो में खड़ा होने की हालत में था और ना ही बैठ सकता था। दोस्तों मैंने उस समय ट्राउज़र और एक लंबी टी-शर्ट पहनी थी और फिर मैंने तुरंत ही अपनी टी-शर्ट को बाहर निकाल लिया, जो पहले अंदर थी। दोस्तों वो सब मैंने इसलिए किया क्योंकि वो मेरा खड़ा लंड उसके नीचे आ गया और किसी को अब मेरा खड़ा लंड नजर नहीं आया। दोस्तों सोनिया ने जैसे ही मुझे देखा उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। अब वो मुझसे बोली गुड मॉर्निंग आकाश, मैंने भी उसको जवाब दे दिया, उसके बाद वो मुहं हाथ धोने और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर बाद वो वापस आ गई।
अब मैंने देखा कि वो बहुत गीली हो चुकी थी, क्योंकि वो पानी से अपने मुहं हाथ धोकर आई थी इसलिए पानी अब उसकी टी-शर्ट के ऊपर बूब्स वाली जगह पर भी पड़ गया था, इसलिए अब मुझे उसके बूब्स का वो हिस्सा साफ नज़र आ रहा था। दोस्तों मेरी नज़र उसके बूब्स पर गई और में कुछ देर उसके बूब्स को देखता ही रहा और उसके बाद मैंने ऊपर देखा, तब वो मेरी तरफ ही देख रही थी। अब वो मुझसे बोली क्यों क्या हुआ आकाश? मैंने बोला कि कुछ नहीं। फिर वो मेरे पास आ गई और उसी समय मेरे ताऊ जी नहाने के लिए चले गये और वो मेरे पास आकर बैठ गई, बहुत देर तक हम दोनों इधर उधर की बातें हंसी मजाक करते रहे और बातों ही बातों में कॉलेज की बातें चल पड़ी।
दोस्तों वो बहुत ही चालाक समझदार थी, इसलिए उसने तुरंत ही मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ लिया। फिर मैंने उसको साफ मना कर दिया किया कि मेरी अभी तक कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है और जब मैंने उसको उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, तब उसने भी मुझसे मना कर दिया और वो मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगी कि अभी मुझे कोई मिला ही नहीं, में वैसे ढूंढ रही हूँ और बहुत देर इस तरह की बात हमारे बीच चली। फिर उसके बाद में अपने घर चला गया और उसने मुझसे वादा किया कि वो मेरे घर ज़रूर आएगी।
दोस्तों मेरी मम्मी को आज सत्संग सुनने के लिए कहीं जाना था, इसलिए मम्मी ने मुझे ग्यारह बजे ही खाना खिला दिया और वो चली गई और मेरे पापा भी अपने ऑफिस जा चुके थे। दोस्तों में अक्सर जब भी मेरे घर में कोई नहीं होता तो में कोई भी सेक्सी फिल्म लगाकर मुठ मारता था। फिर मैंने वैसे ही किया। मैंने एक सीडी लगाई और में फिल्म देखने लगा था। फिर अभी कुछ देर ही हुई थी कि बाहर से किसी ने दरवाजे की घंटी को बजा दिया और मैंने जल्दी में सीडी बंद नहीं किया, मैंने बस टीवी को रिमोट से ही बंद कर दिया और फिर में उस कमरे से बाहर आ गया। अब मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो देखता ही रह गया, क्योंकि उस समय मेरे सामने सोनिया खड़ी हुई थी, उस समय तो में शॉर्ट्स और बनियान में ही था और हमेशा जिम जानने की वजह से मेरे शरीर की बनावट बहुत ही अच्छी थी। अब वो भी मेरे गोरे गठीले बदन को चकित होकर देखती ही रह गई और फिर में उसको अपने साथ अंदर ले आया, सबसे पहले मैंने उसको अपना सारा घर दिखाया और फिर हम कमरे में जाकर बैठ गये। फिर उसने मेरे गठीले बदन की तारीफ करना शुरू किया और मैंने उसको धन्यवाद कहा और उसके बाद में उसके लिए जूस बनाने के लिए रसोई में चला गया।
फिर उसने मेरे जाने के बाद टीवी को चालू किया और वो सीडी अपने आप ही चल पड़ी और वो तो बस उसको देखती ही रह गई। दोस्तों में तो उस समय रसोई में ही था, वो चोरी चोरी उस फिल्म को देख रही थी और मेरे आने की आहट पर उसने तुरंत ही टीवी को वापस बंद कर दिया। दोस्तों मुझे उसने बिल्कुल भी एहसास ही नहीं होने दिया कि उसने कुछ देखा भी है और फिर हम दोनों बैठकर बहुत देर तक बातें ही करते रहे। अब मुझे लगा कि वो शायद बोर हो रही है इसलिए मैंने टीवी को चलाने का विचार बनाए, मैंने सबसे पहले सीडी को बंद किया और केबल को चलाने लगा। दोस्तों उसको भी मेरी तरह इंग्लीश फिल्म बहुत पसंद थी। मैंने देखा कि एक चेनल पर एक इंग्लीश फिल्म आ रही थी, हम दोनों उसको देखने लगे और थोड़ी ही देर के बाद उसमे एक सेक्सी द्रश्य आ गया। अब मुझे उसके साथ बैठकर वो द्रश्य देखते हुए थोड़ी सी शरम सी आ रही थी और वो भी देखकर मन ही मन में हंस रही थी। अब मैंने उसकी तरफ और उसने मेरी तरफ देखा हम दोनों की आंखे दो और दो चार हो गई। अब वो ज़ोर से हंस पड़ी और में भी उसको देखकर मुस्कुरा गया।
दोस्तों हम दोनों उस समय सोफे पर बैठे थे, वो ज़ोर ज़ोर से हंस पड़ी और उसी समय वो मुझसे कहने लगी तुम बहुत गंदे हो आकाश और वो दोबारा से हंस पड़ी, लेकिन मुझे बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा था। दोस्तों वो 20-21 साल की थी, इसलिए उसमे जवानी की मस्ती भरी पड़ी थी और वो ज़ोर से बार बार कहने लगी तुम बहुत गंदे हो गंदे हो और हंस रही थी। फिर मैंने उसको पूछा कि वो कैसे? तब वो कहने लगी कि में नहीं बता सकती। अब मैंने उसको कहा बताओ ना, लेकिन वो जैसे मुझसे चिढ़ाते हुए भाग पड़ी और हम दोनों तो जैसे खेलने लगे थे, वो भाग रही थी में उसको पूछ रहा था बता दो बता दो और वो आगे भाग रही थी और कह रही थी नहीं बताउंगी। फिर मैंने जब कुछ देर बाद पीछे दौड़ते हुए उसको पकड़ लिया और मैंने उसका अभी तो बस एक हाथ ही पकड़ा था और में उसको बोला बताओ वो क्या बात है। फिर वो अब भी हंस पड़ी और बोलने लगी में नहीं बताउंगी में वो बात सभी को बताउंगी। फिर मेरे ज़ोर डालने पर उसने मुझसे बोल दिया कि तुम चोरी चोरी सीडी पर सेक्सी फिल्म देखते हो।
दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरे तो एक बार तोते उड़ गये और जब मैंने उसको पूछा कि तुम्हे कैसे पता चला? थोड़ी देर के बाद उसने मुझे बता दिया कि मैंने तेरे जाने के बाद टीवी को चालू कर लिया था। अब मेरे तो यह बात सुनकर माथे पर पसीना आ गया और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम इतना डर क्यों गये? में किसी को नहीं बताने वाली तुम्हे इतना डरने की जरूरत नहीं है। अब हम दोनों सोफे पर बैठ गये, लेकिन अब हम दोनों एकदम पास चिपककर बैठे हुए थे और वो थोड़ी देर के बाद दोबारा से हंसने लगी और आख़िर में उसने मुझसे कहा कि चलो आज हम दोनों ही एक साथ बैठकर वो फिल्म देखते है मुझे भी वो देखनी है, क्योंकि मेरी सभी सहेलियों ने वो फिल्मे बहुत देखी है, लेकिन में अब तक देख नहीं सकी, प्लीज एक बार मुझे भी तुम दिखा दो। दोस्तों मैंने पहले तो उसको मना किया, लेकिन फिर उसके बार बार ज़ोर डालने पर मैंने सीडी को चालू कर दिया और जब उस फिल्म में सेक्सी सेक्सी द्रश्य आने लगे तब उसको भी सेक्स चढ़ने लगा और मुझे भी जोश आने लगा था। फिर में मौका देखकर थोड़ा सा उसके साथ चिपककर बैठ गया और उसके बाद धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया, लेकिन उसने मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं किया।
फिर उसके बाद मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, उसने मेरी तरफ देखा और फिर दोबारा फिल्म देखने लगी। अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा था और उसकी तरफ से विरोध ना देखकर मैंने अपना दूसरा हाथ भी उसके दूसरे बूब्स पर रख दिया और में मसलने लगा, में लगातार अब उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो भी मस्त सी हो रही थी। अब मैंने मौका देखकर धीरे से उसके गालो पर चूम लिया और फिर अपने होंठो को मैंने उसके गरम गुलाबी रसभरे होंठो पर रख दिए। दोस्तों इतना सब होने की वजह से वो भी बहुत गरम हो चुकी थी और उसने भी मेरा पूरा साथ देना शुरू किया और हम दोनों होंठो को चूमने लगे। उसने मुझे और मैंने उसको बहुत जमकर चूसा और मेरे होंठ पर उसने काट भी दिया था। अब में नीचे से उसके बूस को मालिश कर रहा था, उसके बाद मैंने धीरे से अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया और फिर मैंने उसका टाइट सूट ऊपर से उतार दिया। अब मैंने देखा कि उसके गोरे गोरे सेक्सी बूब्स गुलाबी रंग की ब्रा के अंदर से ऐसे लग रहे थे कि जैसे कि वो मुझसे कह रहे हो जल्दी आ जा आकाश हमें आज़ाद कर दे और हमे बहुत जमकर चूस। अब मैंने वैसा ही किया। मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसके बूब्स पर में टूट पड़ा और मज़े से उसके बूब्स को चूस रहा था और वो गरम हो रही थी।
फिर मैंने अपने हाथ से उसकी पटियाला सलवार को खोल दिया। मैंने देखा कि उसने गुलाबी रंग की पेटी पहनी थी। मुझे पेंटी बहुत पसंद है वो सब देखकर मेरा लंड नाचने लगा था। अब मैंने उसकी पेंटी को फाड़ दिया और अपना हाथ सीधा मैंने उसकी चूत पर कर दिया और फिर सोनिया ने अपनी चूत के बालों के बाल साफ कर रखे थे। उसकी लाल रंग की चूत पर मैंने अपनी एक ऊँगली को डाल दिया और सोनिया ने आहहहह ऊहह्ह्ह्ह की आवाज़ निकाली। फिर में अपनी ऊँगली को कभी अंदर और बाहर निकलने लगा, वो सेक्स की वजह से पागल हो रही थी। लगातार उसके मुहं से सेक्सी सेक्सी आहे भर रही थी उम्म्म्मम आहह्ह्ह। फिर मैंने जब उसके निप्पल और बूब्स को बहुत जमकर चूस लिए उसके बाद मैंने अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और उसने भी मेरे लंड को चूसना शुरू किया। चूसते चूसते वो मेरी तरफ देख रही थी और उसकी आँखों की चमक बहुत बढ़ चुकी थी, उसकी आँखों से मुझे पता चल रहा था कि वो बहुत खुश थी, क्योंकि उसको मेरे सात इंच के लंड का स्वाद मिल रहा था। अब मुझे उसकी हरकतों से पता लग गया था कि उसने पहले भी अपनी चूत को किसी से चुदवा रखी थी, इसलिए वो तो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह मेरे लंड को हाथ में पकड़कर चूसने लगा रही थी और वो उम्म्म्मम ऊऊऊऊओ करके हंस रही थी।
अब वो तो अपने आप ही मेरे लंड को अपने मुहं के अंदर पूरा उतार देना चाहती थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मुझे इतना मस्त मज़ा आ रहा था कि आनंद मज़े की वजह से मेरी आखें बंद हो रही थी। अब मेरे भी मुहं से आअहह निकल रही थी। मैंने अपने लंड को उसके मुहं से निकाल लिया और उसके बाद में सोफे के नीचे फर्श पर अपने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत को चूसना शुरू किया। अब में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डालकर बहुत मस्त चूस रहा था। उसने अपने हाथ मेरे कंधो रखे हुए थे उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब उसका चूत रस मेरे मुहं में आ रहा था। उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी, लेकिन दोस्तों मैंने इतनी लाल चूत पहली बार देखी थी। उसके बूब्स के निप्पल भी लाल रंग के थे और दूध की बोतल की तरह उसके निप्पल बाहर निकले हुए थे। फिर उसकी चूत के दाने को भी मैंने बहुत चूसा और उसका दाना गरम हो गया था। अब मैंने उसको सोफे पर बैठाकर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और अपने लोहे की तरह तने हुए लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा था। अब मैंने अपना लंड उसकी रेशम जैसी मुलायम चूत में डालना शुरू किया, जिसकी वजह से एक बार उसने ज़ोर से चीख मारी और अपने हाथ से उसने अपने पास पड़ा अपना रुमाल अपने मुहं पर रख लिया।
फिर मैंने जब दो तीन धक्के मारे तो वो भी तब तक सेट हो गई। में जब थोड़ा ज़ोर से धक्के मारता तो वो दर्द को महसूस करती। फिर मैंने थोड़ी देर धीरे किया और उसके बाद जब उसको मज़ा आने लगा तो तब में भी थोड़ा और तेज होने लगा था, वो भी अब मेरा साथ देने लगी थी और मेरी नज़रो से नज़र मिलाकर हंस पड़ी और वो बोल रही थी में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आकाश धीरे मत करो, प्लीज लगातार ही करते रहो। अब मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मेरे धक्के लगातार बिना रुके ज़ोर ज़ोर से जारी थे। अब में सोफे पर बैठ गया और वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई। वो अपने आपको ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदवा रही थी और उस समय उसके कूल्हों की हरकत देखने वाली थी। उसके गोरे गोरे चूतड़ बहुत पागल कर देने वाले थे। दोस्तों उसके कूल्हे बहुत समय लगाकर भगवान ने तैयार किए होंगे, ऐसा लग रहा था। अब वो बड़ी ज़ोर से कभी ऊपर और कभी नीचे होकर धक्के मार रही थी। फिर जब वो थक गई तो तब मैंने उसको सोफे पर ही कुतिया बना लिया अब में पीछे से लग गया और धक्के मारने लगा था। फिर जब धक्के पड़ते तो उसके कूल्हों से ठप ठप ठप की आवाज़ निकल रही थी और पहले तो कुछ देर उसके कूल्हों पर अपने हाथ को रखकर पीछे से धक्के देकर मैंने उसको बहुत जमकर चोदा।
फिर कुछ देर बाद में पीछे से हाथ डालकर सोनिया के बूब्स को मसलने लगा था और कभी उसकी पीठ पर उसकी गर्दन पर भी चूमने लगा और एक बार तो मैंने उसके बाल ही पकड़ लिए थे, जिसकी वजह से मुझे वो बहुत मज़े देकर अपनी चूत दे रही थी। मुझे उसका जोश देखकर ऐसा लग रहा कि जैसे वो बहुत दिनों से चुदाई भूखी हो। दोस्तों उसके जिस्म का हर एक अंग ऊँची कंपनी का लग रहा था और अब मेरा लंड झड़ने वाला था। अब मैंने उसको कहा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालने को कहा। फिर उसी समय वो मुझसे कहने लगी कि नहीं तुम इसको बाहर मत निकालना, तुम ऐसे ही धक्के देकर करते रहो। फिर मैंने उसको बोला कि मेरा लंड अब किसी भी समय झड़ जाएगा, लेकिन वो नहीं मानी और आख़िर में मैंने उसकी चूत में ही अपने आखरी ज़ोर ज़ोर से पांच धक्के ऐसे मारे कि उसकी चूत के अंदर ही मैंने अपना सारा वीर्य निकाल दिया। दोस्तों वो तो अब भी मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकलवाना नहीं चाहती थी, लेकिन दोस्तों आप सभी को तो पता है कि काम पूरा हो जाने के बाद एक बार लंड को चूत से बाहर निकालना हमारी मजबूरी है।
फिर कुछ देर बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया और अपना गीला लंड मैंने उसके मुहं से अपने को उसकी जीभ से साफ करवाया, वो लंड से हटती तो मेरे जिस्म से खेलने लगी और मुझे लगातार चूम रही थी और में भी बहुत देर उसको प्यार करता रहा। अब मैंने सोनिया के ना चाहते हुए भी सोनिया को कपड़े डलवाए और उसको घर पर भेज दिया, लेकिन जाते हुए भी वो बोल गई तुम बहुत सेक्सी हो। एक तुम ही हो जिसको में अब तक ढूंड रही थी, मुझे तुम्हारे साथ यह सब करके बड़ा मज़ा आया और में तुम्हारे साथ दोबारा भी यह खेल जरुर खेलना चाहती हूँ ।।
धन्यवाद …

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Sunday, 14 January 2018

बुआ की पड़ोसन को तेल लगाकर चोदा | Bhua Ki Padosan ko tel laga kar choda

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम बॉबी है और में कैथल हरियाणा का रहने वाला हूँ| मैंने अब तक बहुत सी कहानियों को पढ़ा है क्योंकि यह सभी कहानियाँ हम सभी का बहुत अच्छी तरह से मनोरंजन कर देती है और यह मेरा मन कहता है। दोस्तों में भी आज आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने आया हूँ जो बिल्कुल सच है और अब आप उसको सुनिए और मज़े लीजिए। दोस्तों में एक कॉलेज का छात्र हूँ और मेरा सेमेस्टर सिस्टम होने की वजह छुटियाँ बहुत कम होती है और फिर मुझे मेरे पेपर से पहले छुट्टियों में कुछ दिनों के लिए मेरी बुआ जी के पास जाने का मौका मिला और में बता दूँ कि मेरी बुआ करनाल में रहती है इसलिए में उनको मिलने करनाल चला गया। दोस्तों में वहां पर उनके पास बस दो तीन दिन के लिए गया था, लेकिन फिर मेरे बहुत दिनों के बाद उनसे मिलने की वजह से मेरी बुआ जी ने मुझे अपने पास ही और कुछ दिनों के लिए रोक लिया और में भी वहीं पर रुक गया। दोस्तों उन्ही दिनों मेरी बुआ जी के पड़ोस में एक सिख परिवार किराए से उस एक मकान में रहने आया, उस परिवार में एक बड़ी सुंदर सी प्यारी सी लड़की भी थी। दोस्तों जिसका नाम गुरदीप कौर था।
दोस्तों में आप सभी को उस लड़की के बारे में क्या बताऊँ? में बस इतना सा कह सकता हूँ कि वो एक बहुत ही सुंदर गोरी अच्छी दिखने वाली शरीफ लड़की थी और उसका चेहरा बड़ा ही बेदाग रंग बहुत ही साफ, उसका कद करीब 5.7 इंच उसके बूब्स का आकार करीब 34-36 इंच रहा होगा। दोस्तों अब आप ही सोच लीजिए वो दिखने में कैसी लगती होगी? अब में थोड़ा अपने बारे में भी बता देता हूँ, मेरी लम्बाई 6.1 इंच है और मेरा लंड इतना लंबा और मोटा है कि किसी भी असंतुष्ट को भी पहली चुदाई के बड़ी आसानी से संतुष्ट कर दे। दोस्तों अब में सीधा मुद्दे की बात पर आता हूँ। फिर मैंने उस लड़की को मेरे करनाल पहुंच जाने के दूसरे दिन पहली बार देखा था, लेकिन वो भी मुझे बस उसका पिछला हिस्सा ही मुझे नजर आया था और इसलिए मैंने उस लड़की में इतनी कोई रूचि नहीं ली थी। दोस्तों क्योंकि अब तक मुझे उसका वो सुंदर आकर्षक चेहरा और उसका गोरा हॉट सेक्सी बदन जो नजर नहीं आया था। फिर अगले दिन अचानक ही किसी काम से मुझे उनके घर जाना पड़ा और मैंने तब पहली बार वहां पर उसको बड़े ध्यान से देखा था और में बहुत चकित था, लेकिन फिर भी जैसे तैसे अपने मन को काबू में करके अपने उस काम को खत्म करके वहां से निकल गया।
दोस्तों मेरे मन में अब भी उस लड़की के लिए कोई भी गलत बात नहीं थी, क्योंकि अगले दिन मुझे अपने घर भी वापस आना था, लेकिन बुआ जी ने मुझे जिद करके अपने पास ही रोक लिया और में भी हंसी खुशी उनके पास ही रुक गया, क्योंकि वैसे चाहता तो मेरा मन भी यही था। फिर उसी दिन शाम को सभी लोग गली में बैठकर बातें कर रहे थे और में अपनी बुआ के घर के अंदर टीवी पर क्रिकेट मेच देख रहा था, लेकिन कुछ देर के बाद ही बिजली चली गई। अब में भी घर से बाहर आ गया। दोस्तों मेरी बुआ जी की कोई औलाद नहीं है इसलिए वो मुझे हमेशा बहुत प्यार करती है और फिर में उन्ही के पास आकर बैठ गया, मैंने सुना कि सभी के बीच इधर उधर की कुछ बातें चल ही रही थी, तभी गुरदीप ने मेरी तरफ मुस्कुरा दिया। फिर मैंने भी अपनी तरफ से जवाब में उसकी तरफ मुस्कुरा दिया। अब में अच्छी तरह से समझ चुका था कि वो मुझे थोड़ा बहुत पसंद करती है और फिर ऐसे ही इधर उधर की बातें होती रही। दोस्तों रात को करीब आठ बजे हम दोनों गली में एक साथ खड़े थे कि तभी एक आईस्क्रीम वाला आ गया।
फिर मैंने उसको मेरी तरफ से आईस्क्रीम खाने के लिए पूछा और बस वहीं से हम दोनों की दोस्ती की कहानी शुरू हुई, लेकिन मेरे दिल में उसके लिए कोई भी पाप नहीं था। फिर बस ऐसे ही चलता रहा और अब में उसके साथ अकेले में भी मिलना चाहता था, लेकिन हम दोनों को ऐसा कोई भी मौका नहीं मिला था। एक दिन मुझे मेरी अच्छी किस्मत से वो मौका मिल ही गया, हमारे पड़ोस में एक सत्संग चल रहा था इसलिए सभी लोग वहीं पर गए हुए थे और में अपने घर पर ही अकेला रह गया था। फिर मुझे लगा कि शायद गुरदीप भी वहीं सत्संग में गयी होगी इसलिए में अकेले घर में बैठे टीवी देखने लगा था। फिर कुछ देर बाद में वैसे ही अपने घर से बाहर निकला तो उस समय मैंने देखा कि गुरदीप उस तेज धूप में बाहर खड़ी हुई थी। अब मैंने उसको अंदर आने को कहा, लेकिन उसने आने से साफ मना कर दिया और मैंने एक बार फिर से उसको आने के लिए कहा तब जकड़ वो मान गयी। अब वो घर के अंदर आकर सोफे पर बैठ गयी और में फ्रिज से हमारे लिए ठंडा लेने चला गया और फिर वापस आकर हम दोनों उसको पीते हुए बातें करने लगे। फिर कुछ देर उसके साथ बातों को करते हुए ही मैंने हिम्मत करके उसको पूछ लिया क्या तुम्हे सेक्स करना पसंद है? उसने यह बात सुनकर तुरंत ही अपनी आँखों को फेर लिया।
फिर मैंने उसका एक हाथ अपने हाथ में ले लिया। अब उसने थोड़ा सा गुस्से में आकर मुझसे कहा यह सब क्या बदतमीजी है?
में : अच्छा यह बदतमीजी है क्या?
गुरदीप : हाँ और नहीं तो क्या है? घर आए मेहमान से क्या ऐसे पेश आते है?
अब मैंने तुरंत उसका हाथ छोड़ दिया और वो मेरी इस हरकत की वजह से ज़ोर से हंसने लगी। फिर मैंने उसको पूछा क्यों अब क्या हुआ, जो तुम मुझे ऐसे देख रही हो? तभी वो मुझसे कहने लगी कि बुद्दू राजा एक बार किसी लड़की का हाथ पकड़कर वापस इस तरह से नहीं छोड़ते है। अब में उसकी आँखों में आँखें डालकर देख रहा था और मुझे उसकी आँखों में अजीब सी कशिश नजर आ रही थी, जो मुझे अब बिल्कुल दीवाना कर चुकी थी। अब उसने मुझसे पूछा कि आपकी बुआ जी आज कहाँ गई है? मैंने उसको कहा कि जहाँ पर आपकी माता जी गई है। अब वो यह बात सुनकर खुश होकर कहने लगी ओह फिर तो वो भी शाम को ही वापस आएँगी क्या तुमने खाना खा लिया? फिर मैंने उसको कहा कि हाँ खा लिया और वो लगातार मुझे देखती ही रही और उसका मुझे देखने का अंदाज कुछ ऐसा था मानो जैसे वो अभी मेरा कत्ल कर देगी। अब मेरा ध्यान उसके बूब्स की तरफ चला गया जिसकी वजह से मेरे अंदर का वो शैतान जाग गया, हालाँकि मैंने कभी सेक्स नहीं किया था, लेकिन मुझे उसके बारे में सारा सब कुछ पता था। फिर में खड़ा हो गया और मैंने उसका हाथ पकड़कर उसके पास बैठ गया और कुछ देर एक दूसरे को हम दोनों बिना बोले देखते रहे। अब मैंने उसको कहा कि तुम अब अपनी आँखों को बंद करो, में तुम्हारे लिए एक उपहार लेकर आया हूँ।
फिर वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर खुश हो गई और उसने उत्साहित होकर अपनी दोनों आँखों को बंद कर लिया और अब क्या था? में तुरंत उसके सामने आ गया और मैंने उसको ज़ोर से अपनी बाहों में भरकर एक बड़ा प्यारा सा चुम्मा दे दिया, जिसकी वजह से वो मेरी बाहों में मचलने लगी थी और अपने आप को मुझसे छुड़ाने की कोशिश लगी और उसका चेहरा गुस्से से एकदम लाल हो चुका था, लेकिन वो मुझसे बोल कुछ नहीं रही थी। फिर मैंने भी कुछ देर उसको छोड़ दिया, जिसकी वजह से अब वो थोड़ा सा शांत हो चुकी थी। अब वो मुझसे कहने लगी यह सब क्या था?
में : वही जो एक जवान लड़के और सुंदर लड़की के बीच होता है।
गुरदीप : हाँ वो सब तो तुम्हारा कहना ठीक है, लेकिन यह सब ठीक नहीं है बहुत गंदी गलत बात है।
में : तो फिर तू ही मुझे बताओ कि क्या ठीक है? मुझे भी तो पता चले।
गुरदिप : अगर किसी को पता चल गया तो क्या हो सकता है तुम्हे इस बात का अंदाजा भी है?
में : अच्छा, इसका मतलब तुम यह बात सबको बताना चाहती हो?
गुरदिप : नहीं में क्यों बताने लगी, मुझे क्या मरना है सबको यह सब बताकर?
में : तो फिर इस सभी के बारे में किसी को कैसे चलेगा?
अब वो मेरे मुहं से यह सब बातें सुनकर थोड़ी सी शांत हो गई और मैंने सही मौका देखकर एक बार फिर से उसको अपनी बाहों में भर लिया और में धीरे से उसको चूमने प्यार करने लगा था, लेकिन उसकी तरफ से मुझे थोड़ा सा भी साथ नहीं मिल रहा था। अब मैंने उसको पूछा क्यों क्या तुम्हे कोई आपत्ति है मेरे साथ यह सब करने में? वो कहने लगी कि नहीं बस वैसे ही मैंने पहले कभी यह सब किया नहीं ना इसलिए मुझे थोड़ा सा डर लग रहा है। अब मैंने हंसते हुए उसको कहा कि तो में कौन सा हर रोज किसी के साथ ऐसा सब करता हूँ और फिर वो थोड़ी सी मान गई। फिर मैंने उसके माथे पर चूम लिया और उसके बाद में उसके होंठो पर भी चूमने लगा, जिसकी वजह से उसके शरीर में कम्पन सी हुई और मुझे उसने अपनी बाहों में जकड़ लिया और दोनों मदहोश होकर एक दूसरे में खोकर करीब दो मिनट तक वैसे ही प्यार करते रहे। दोस्तों मैंने उसको चूमने के दौरान ही उसके बूब्स पर अपने एक हाथ को रख दिया और उसकी वजह से उसकी सांसे तभी अचानक ही तेज हो गयी और अब में उसकी सांसो की गरमी को भी भली भांति से महसूस कर रहा था। अब वैसे मेरा लंड भी इतना सब उसके साथ हो जाने की वजह से तनकर खड़ा हो चुका था और मेरे लंड को भी उसके शरीर को छू जाने की वजह से अब जोश आ चुका था
फिर मैंने उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से ही दबाने शुरू किए, लेकिन कुछ देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और वो मुझसे कहने लगी कि यह तुम क्या कर रहे हो? में अब उसको कुछ नहीं बोला और मैंने उसके बूब्स के उठे हुए निप्पल को अपने एक हाथ से रगड़ दिया, जिसकी वजह से वो सीईई करने लगी। अब में उसको बेड की तरफ़ ले गया और मैंने उसको लेटा दिया। उसके बाद में दोबारा उसको चूमने प्यार करने लगा और अब वो भी मेरी दीवानगी में खो गयी थी। फिर मैंने कपड़ो में ही उसके पूरे शरीर पर अपने हाथ को फेरना शुरू किया और वो जोश मस्ती की वजह से बिन पानी की मछली की तरह मचल रही थी। अब में उसके बूब्स कपड़ो के ऊपर से ही चूसने दबाने लगा था, लेकिन अब उसके बस में कुछ भी नहीं था। फिर में अपना हाथ धीरे धीरे नीचे ले गया और उसकी चूत पर रख दिया जिसकी वजह से वो डरते हुए सहम सी गयी, लेकिन उसने कहा कुछ भी नहीं। अब में दोबारा उसको चूमने लगा था और अब वो भी मेरा उस काम में पूरा साथ दे रही थी। फिर मैंने सही मौका देखकर उसकी कमीज़ को उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने ब्रा और सलवार में थी।
दोस्तों मैंने देखा कि उसका रंग एकदम शीशे की तरह साफ था। उसके बदन में कोई भी दाग नहीं था और में अब उसमे पूरी तरह से डूब जाना चाहता था। फिर मैंने उसकी काली रंग की ब्रा को भी उतार दिया जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने अधनंगी थी और मैंने उसकि छाती पर बूब्स को दबाने के लिए अपने एक हाथ को रखा, तब मैंने महसूस किया कि उसका दिल बहुत ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था और उसकी दोनों आंखे बंद थी। अब मैंने उसकी गर्दन पर चुम्मा किया और फिर में उसके बूब्स से खेलने लगा और अब वो मज़े मस्ती की वजह से इस दुनिया में नहीं थी और उसको पता ही नहीं चल रहा था कि हो क्या रहा है? अब में धीरे धीरे नीचे की तरफ आने लगा और मैंने अपना हाथ एक बार फिर से उसकी चूत पर रख दिया, जिसकी वजह से वो एक बार फिर से मचलने लगी और वो मेरा हाथ पकड़ने लगी। अब मैंने अपने हाथ को उससे छुड़ाकर तुरंत ही उसकी सलवार को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी और में उसके सामने अपने पूरे कपड़ो में था।
फिर मैंने बिना देर किए उसकी पेंटी को भी उतार दिया, हाए राम में क्या बताऊँ आप सभी को? में उसको पहली बार अपने सामने पूरी नंगी देखकर सब कुछ भूल चुका था, क्योंकि मैंने देखा कि उसकी उस कुंवारी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसका आकार छोटा था, लेकिन फिर भी वो बड़ी सुंदर लग रही थी। फिर मैंने उसकी नंगी चूत पर अपना हाथ लगाकर उसकी चूत को सहलाया तो वो एकदम से तिलमिला उठी और जोश की वजह से उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। अब मैंने भी बिना देर किए अपने सारे कपड़े उतार दिए, मैंने देखा कि उसकी दोनों ऑंखें अब भी बंद ही थी और उसने मेरा आठ इंच का लंबा मोटा लंड भी तक नहीं देखा था। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को पूरा फैलाकर उसकी चूत की पंखुड़ियो पर तुरंत अपने होंठ रख दिए, जिसकी वजह से वो एकदम धीरे से चिल्ला पड़ी आईई ऊह्ह्ह। दोस्तों में अब उसकी गुलाबी रसभरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा था और उसको और भी ज्यादा मदहोश करने लगा था और अब उसके मुँह से बड़ी अजीब सी आवाज़े आ रही थी। अब में उसको चोदना चाहता था, लेकिन पहले कभी सेक्स ना करने की वजह से मुझे ज्यादा कुछ उसके बारे में पता नहीं था।
फिर में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया और मैंने अपने लंड का अगला हिस्सा उसकी खुली चूत के मुँह पर रख दिया, तभी अचानक से उसने अपनी आँख खोली। अब वो मेरा लंड देखकर डर गयी और वो मुझसे कहने लगी कि यह अंदर नहीं जाएगा। फिर मैंने उससे कहा कि अगर यह अंदर नहीं गया तो मजा भी नहीं आएगा उसके बिना यह सब काम अधूरा ही रह जाएगा। अब वो कहने लगी हाँ ठीक है, लेकिन तुम इस बात का भी ध्यान रखना इसकी वजह से मुझे बड़ा तेज दर्द होने वाला है इसलिए तुम इसको धीरे से ही अंदर डालना, ज्यादा जल्दबाजी मत करना। फिर जब में अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डालने लगा, तब वो अंदर नहीं जा रहा था, क्योंकि उसकी चूत अब तक वर्जिन थी इसलिए वो बहुत टाईट और में भी उस समय बहुत जोश में था इसलिए मुझे पता था कि उसकी चूत में लंड डालते ही खून जरुर आएगा। फिर इसलिए मैंने पहले से ही एक फटा पुराना कपड़ा उसके कूल्हों के नीचे रखने के लिए ढूँढ लिया था। फिर मैंने अपने लंड पर बहुत सारा सरसों का तेल लगाकर अपने लंड को बहुत चिकना कर लिया और अब थोड़ा सा तेल मैंने उसकी चूत पर भी लगाकर उसको भी चिकना कर दिया।
अब मैंने धीरे से अपने लंड को दोबारा उसकी चूत के उस छोटे से छेद पर रखकर एक धक्का मार दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत में मेरे लंड का टोपा अंदर चला गया और बस इतने में ही वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी ऊईईईईई माँ में मर गई ऊउईईईईई मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है। तभी मैंने तुरंत ही उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर उसकी आवाज को अंदर ही दबा दिया और फिर धीरे से मैंने एक और धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से वो तो एकदम तड़प उठी और मेरी नंगी पीठ पर उसने अपने दोनों हाथों के नाखूनों को चुभो दिया और उस दर्द की वजह से उसकी आँखों में आँसू आ गये। दोस्तों वो चिल्लाना चीखना चाहती थी, लेकिन मैंने उसके होंठ नहीं छोड़े और में ऐसे ही कुछ देर उसके ऊपर बिना धक्के दिए लेटा रहा और वो कुछ देर बाद थोड़ी सी शांत हो गई। अब में उसके बूब्स को चूसने लगा और उसके बदन को अपने हाथ से सहलाने भी लगा था, जिसकी वजह से उसको अब कुछ अच्छा महसूस होने लगा था और इसी बीच मैंने सही मौका देखकर एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया। अब वो दोबारा से चीखना चाहती थी, लेकिन ऐसा कर ना सकी और अब में उसके बूब्स को पागलों की तरह लगातार चूसने और उसके पूरे बदन को सहलाने लगा था, जिसकी वजह से उसको उस दर्द का एहसास ज्यादा ना हो।
फिर कुछ देर बाद जब वो शांत होने लगी तब मैंने उसको धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किए और अब वो थोड़ा सा अच्छा महसूस कर रही थी और करीब 10-15 धक्के देने के बाद अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी। फिर थोड़ी ही देर के बाद उसके शरीर में एक अजीब सी हरकत हुई और मुझे उसने कसकर अपनी छाती से लगा लिया और फिर उसके बाद वो एकदम से शांत हो गई। अब में तुरंत समझ गया कि वो झड़ चुकी है उसके माथे से पसीना बहने लगा था वो एकदम ठंडी होकर वैसे ही पड़ी रही जैसे उसके शरीर में अब बिल्कुल भी जान नहीं है। फिर करीब दो मिनट लगातार धक्के देने के बाद में भी झड़ गया और में अपने लंड को उसकी चूत के अंदर ही डाले हुए उसके ऊपर लेट गया। अब मैंने देखा कि उसके चेहरे पर एक अजीब सी ख़ुशी थी और में यह सब कुछ देखकर मन ही मन बहुत खुश हुआ कि मेरा पहला सेक्स अनुभव बहुत अच्छा रहा। फिर कुछ देर बाद हम दोनों उठकर बाथरूम में एक साथ नहाने चले गये और हम दोनों नहाकर बाहर आए और हम दोनों बड़े खुश थे हमारे उस पहले सेक्स अनुभव की वजह से। फिर उसके बाद वो अपने घर पर जाते समय बाहर फेंकने के लिए वो पुराना कपड़ा जो चुदाई की वजह से निकले खून की वजह से लथपथ था उसको अपने साथ ही ले गयी और उसने अपने घर जाते समय उसको भी कहीं बाहर फेंक दिया। दोस्तों यह थी मेरी एकदम सच्ची कहानी आप सभी को यह कैसी लगी में नहीं बता सकता, लेकिन मुझे वो चुदाई करके बड़ा मस्त मज़ा आया ।।
धन्यवाद …

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Saturday, 13 January 2018

साली की वर्जिन चूत की सील तोड़ी - saali ki vargin seel todi


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मेरी साली कुवांरी थी तो मैंने ही मेरी साली की चूत का उद्घाटन किया था। अब उसकी शादी हो चुकी है। दोस्तों मेरी साली हीना और उसके पति महेश को एक किराए के मकान की जरूरत थी तो मैंने अपने एरिया के एक मकान किराए पर देने वाले एजेंट से बात की और फिर उनके लिए एक मकान ढूंढा जो कि मेरे घर से कुछ ही दूरी पर था और ऐसा मैंने जानबूझ कर किया था क्योंकि में ये चाहता था कि में जब भी चाहूँ तब हीना के साथ सेक्स कर पाऊं और उसे भी ये बात मालूम थी और वो इस बात से बहुत खुश थी। फिर मकान के किराए का अग्रीमेंट मिलने पर महेश ने मुझे कॉल किया और हम तीनो उनका समान लाने के लिए गये। फिर हमने सारा समान लाकर नये मकान में रख दिया और अपने घर चले गये।
महेश अपनी माँ के घर गया और हीना अपनी माँ के घर.. जाते वक़्त हीना ने मुझे इशारे से कॉल करने के लिए कहा था और मैंने उसे शाम को 5 बजे कॉल किया तो उसने मुझसे कहा कि आज रात को वो मुझसे मिलेगी। में तो बहुत खुश था और उसने मुझसे कहा कि उसने अपनी माँ को बहाना बनाकर कहा है कि आज रात को वो अपनी एक सहेली के साथ उसके घर पर रुकने वाली है क्योंकि उसकी सहेली के घर के सभी लोग किसी काम से बाहर गए हुए है और वो घर पर अकेली बहुत डरती है और ये बात महेश को बिलकुल ना बताए क्योंकि वो मना कर देगा। तभी मुझे भी अपने घर पर कुछ ऐसा ही एक झूठ बोलना था.. जिससे मेरी बात भी सभी लोग मान ले। तभी मैंने अपने घर वालो से कहा कि में अपने दोस्त के घर पर जाकर आता हूँ क्योंकि मेरे दोस्त सुनील की तबीयत बहुत खराब है।फिर में शाम को 7 बजे घर से निकला हीना मुझे नये मकान के पास ही मिलने वाली थी।ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।  फिर उसके आने के बाद हमने सोचा कि अगर हम साथ साथ मकान पर गये तो पड़ोसी देख लेंगे और वो ये जानते है कि में हीना का पति नहीं हूँ। तभी इस पर हमने एक तरकीब सोची। प्लान के मुताबिक पहले हीना रूम में जाएगी और फिर में चुपचाप अंदर जाऊंगा। तभी हीना आगे चली गयी और में उसके पीछे खड़ा खड़ा सोच रहा था कि रात को अगर मेरी ज़ोर से खासने की आवाज़ कोई सुन लेगा तो पड़ोसियों को मालूम हो जाएगा कि महेश के मकान में कोई है और मुझे इसकी बहुत चिंता हो रही थी.. क्योंकि मुझे बहुत खांसी थी। फिर मैंने मेडिकल पर जाकर खांसी के लिए कोई बहुत ही अच्छी दवाई देने को कहा.. तब उसने मुझे दवाई की बड़ी बॉटल दी। दवाई और एक पानी की बॉटल को लेकर में मकान की तरफ बड़ा और मैंने अपना मोबाईल फोन भी साइलेंट किया था। फिर मकान की सीढ़ियां चढ़ते वक्त भी मैंने देखा कि कोई मुझे ना देख ले। तभी पहली मंज़िल पर ही हीना का मकान था और उसने मकान का दरवाज़ा थोड़ा खोल रखा था.. में तुरंत ही अंदर चुपके से घुस गया। हीना मेरा इंतज़ार ही कर रही थी.. तभी उसने मुझसे देर से आने की वजह पूछी।

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मैंने बताया कि में दुकान पर खांसी की दवा लेने गया था। फिर उसने कहा कि तुम बहुत शातिर हो रूम में अंधेरा ही था लाईट चालू नहीं की थी ताकि पड़ोस वाले ना जान पाए कि अंदर कोई है। फिर हमने बहुत देर तक बातें की इस बीच में उसे बाहों में भरकर लेटा हुआ था और वो मुझे चूम रही थी। धीरे धीरे माहोल बहुत गरम होने लगा। फिर हमने एक दूसरे के सारे कपड़े उतार दिए और एक दूसरे के बदन को चूमने चाटना शुरू किया। हीना का बहुत अच्छा फिगर मेरे अंदर बहुत सेक्स जगा रहा था। हीना की पसंद क्या है उसने मुझे पहले ही सिखाया था और फिर वो धीरे धीरे मेरे पेट पर से होते हुए मेरे लंड को चूमने के लिए आगे बढ़ी। फिर उसने पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया और फिर बहुत ज़ोरो से हिला हिलाकर चूसने लगी। चूसने की आवाज़ रूम में गूँज रही थी और तभी उसने अपनी स्पीड कम कर दी और फिर में नीचे से उसकी चूत पर से अपनी जीभ किसी जानवर की तरह चला रहा था.. जिससे वो और पागल हो रही थी और मेरा मुहं अपनी चूत पर ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी।मेरी सांसे भी बीच बीच में अटक रही थी। फिर कुछ देर बाद उसने मेरे सर के बालों को ज़ोर से पकड़ा और चूत को मुहं में पूरा घुसाना चाहा और उसका बदन सिकुड़ रहा था.. ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। में समझ गया कि वो अब अमृत बरसाने वाली है और तुरंत ही उसने अपना सारा पानी मेरे मुहं पर गिरा दिया.. इसी समय मुझे खांसी भी आ रही थी लेकिन मैंने वो सारा रस पी लिया.. अब वो बहुत संतुष्ट लग रही थी। तभी मैंने भी उठकर थोड़ी दवाई पी ली और वापस आकर उसके पास लेट गया। हम फिर बातों में खो गये और दवाई पीने की वजह से कब आँख लगी पता ही नहीं चला। रात को करीब 3.30 बजे मुझे कुछ आवाज़ सुनाई दी। मैंने चादर उठाकर देखा तो हीना उठकर बैठी थी उसे बाथरूम जाना था.. लेकिन बाहर जाने में बहुत डर रही थी और उसने मुझे भी उठाया और मुझे टॉयलेट के दरवाज़े के पास खड़ा होने को कहा में सिर्फ़ अंडरवियर में था और वो सिर्फ़ शर्ट पहने थी। वो बिना लाईट जलाए नीचे बैठी और पेशाब करने लगी। उसकी पेशाब करने की आवाज़ से मेरा सोया हुआ लंड जागने लगा और इस वक्त तो मेरा लंड मानो गरम होकर तन रहा था।

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फिर हीना जब बाहर आई तो आगे जाते वक्त उसका हाथ मेरे लंड से छू गया.. इससे उसे भी मेरे सख़्त हुए लंड का एहसास हुआ और वो धीरे से हंस दी। तभी मैंने तुरंत उसे उठाकर नीचे लेटा दिया और किस करने लगा। नीचे मेरा लंड उसके पेट में घुस रहा था। किस करते करते वो अचानक मेरे सीने के नीचे जाकर मेरे लंड को पकड़कर चूसने लगी। मैंने भी फिर से उसकी चूत को चाटना शुरू किया.. वो अभी अभी पेशाब करके आई थी.. इसीलिए एक अलग ही नमकीन सा स्वाद आ रहा था। दोस्तों उस वक्त हम बिल्कुल मदहोश हो रहे थे। फिर मैंने उसको सीधा लेटाया और साली को मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ कर चूत में डालने को कहा.. तभी उसने ठीक से अपने दोनों पैरो को फैला लिया और मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर दो तीन बार हिलाया और लंड को धीरे धीरे चूत के अंदर सरकाने लगी और उस समय लंड की चमड़ी भी धीरे धीरे उसकी चूत के अन्दर से चिपक कर पीछे सरक रही थी। वो एक ज़बरदस्त अहसास था। फिर जब लंड पूरा चूत में अपनी जगह पर आ गया तो उसके बाद झटको का सिलसिला शुरू हुआ।फिर उस अंधेरे रूम में छप छप की मादक आवाज़े गूँज रही थी और हम दोनों का पसीना पानी की तरह निकल रहा था। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी में उसकी जीभ को पूरी तरह अपने मुहं में लेने की कोशिश कर रहा था.. नीचे से हीना भी अपनी चूत को उठा उठाकर मेरे पेट के नीचे पटक रही थी और लंड आरी के जैसे उसकी चूत में आगे पीछे चल रहा था इसलिए कुछ ही देर में उसकी चूत बहुत ढीली हो गयी थी और हीना को भी ये एहसास हुआ तो उसने लंड को चूत से निकालकर उसके पीछे वाले छेद में डालना चाहा तो वो थोड़ा टाईट था। फिर मैंने अपने हाथों से उसकी चूत का थोड़ा जूस लेकर उसकी गांड के छेद पर लगाया तो थोड़ा चिकनापन आ गया। उसके बाद अपनी दो उंगली घुसाकर उसे और ढीला किया।

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फिर हीना ने लंड को गांड के अंदर घुसाने की भरपूर कोशिश की और धीरे धीरे लंड उसके छेद में जा रहा था और वो दर्द महसूस कर रही थी.. लेकिन उसने रोका नहीं और जब वो आधे से ज़्यादा अंदर गया तभी मैंने धीरे धीरे अंदर और बाहर करना शुरू किया मुझे भी बहुत जलन हो रही थी.. लेकिन हीना ने मुझे कमर से बहुत टाईट पकड़ कर रखा। मेरा लंड अंदर ही था और उसने मुझे अपने नीचे लिया और खुद ऊपर सवार हो गयी.. वाह मुझे जैसे जन्नत मिल गई थी। अब उसने घुड़सवारी शुरू की और इस तरह उसके मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी। अब मेरे लंड पर बहुत प्रेशर आ रहा था.. उसने अपना एक बूब्स मेरे मुहं में डाल दिया और में उसे चूसने लगा उसकी रफ़्तार तेज़ हो रही थी। थोड़ी देर बाद में समझ गया कि हीना जूस निकालने वाली है। वो और तेज़ हो गयी और अचानक मेरे लंड पर जैसे किसी ने गरम आमलेट पलट दिया हो.. मुझे ऐसा लगा।फिर वो जल्दी से नीचे आकर लंड चूसने लगी। ये चुदाई कहानियाँ,गंदी कहानियां डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेरा भी अब पिचकारी मारने का टाईम आया था.. वो भी ये समझ चुकी थी और वो लंड को दोनों हाथों से पकड़ कर हिलाते हिलाते चूस रही थी। तभी उसके सर के बाल मैंने खींच कर पकड़ लिए। अब उसने पूरा लंड जड़ तक मुहं में ले लिया और निगलने लगी जल्दी से मैंने उसके मुहं में सारा वीर्य निकाल दिया और वो सारा पी गयी और लंड को किसी भूखी बिल्ली के जैसे चाट चाटकर साफ कर दिया। हमें ऐसा लग रहा था कि सातवां आसमान छू कर हम अभी अभी ज़मीन पर आए है। फिर हम एक दूसरे को चाटते चूमते सो गए | मैंने अपनी बहन को कैसे मदद की? | और फिर दीदी की जेठानी की चुदाई

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Friday, 12 January 2018

मेरी बीवी और बहन चुद गई मेरे सामने


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मेरी बीवी गीता और बहन पायल तीनों कहीं बाहर जा रहे थे। हमारी ट्रेन रात को 11 बजे थी और दूसरे दिन सुबह 8 बजे हमे ट्रेन से उतरना था। मेरी बीवी ने गहरे गले का ब्लाउज और काली कलर की साड़ी पहनी थी और उसने अंदर कोई ब्रा या पेंटी नहीं पहनी थी और ऊपर से लाल कलर की लिपस्टिक लगाई थी। फिर इन कपड़ो में वो पूरी रंडी दिख रही थी और उसके बूब्स आधे दिख रहे थे। फिर मेरी बहन ने टीशर्ट और स्लेक्स पहनी थी। फिर इस ड्रेस में मेरी बहन के बूब्स बहुत बड़े लग रहे थे.. उसने शायद ब्रा पहनी थी। फिर नीचे स्लेक्स में उसकी गांड बहुत सेक्सी लग रही थी।
फिर जब हम बाहर निकले तो मेरी बहन ने कहा कि भाभी आप तो ट्रेन में सभी मर्दो को मार ही डालोगी। फिर यह कहकर उसने मेरी बीवी के बूब्स पर चिकोटी ली। फिर मेरी बीवी आऊऊच कर गई और कहने लगी कि तू भी कुछ कम नहीं दिख रही.. इस सेक्सी स्लेक्स में तो तेरी गांड क्या खूब लग रही है.. कोई भी आदमी देखेगा तो उसका लंड खड़ा हो जाएगा। फिर इतना कहकर मेरी बीवी ने पायल की गांड पर एक ज़ोर से थप्पड़ लगाया। फिर में चुपचाप सुनता खड़ा था और मन ही मन कामुक हो रहा था। फिर इस तरह की बातें करते हुए हम लोग स्टेशन पर पहुँचे। फिर मैंने वहाँ पर देखा तो सारे आदमी मेरी बीवी और बहन की गांड को घूर- घूर कर देख रहे थे।फिर जब ट्रेन आई तो हम लोग अंदर चड़ गये और हमारी जगह पर बैठ गये। फिर थोड़ी देर बाद एक आदमी बहुत काला सा वहाँ पर आया और सामने आकर बैठ गया। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। वो बहुत मजबूत शरीर का था और उसने पायजामा पहना हुआ था। तभी उसने एक नज़र मेरे घर की दोनों औरतो पर डाल दी और वो दोनों पैर सीट पर रखकर बैठ गया। तभी उसने अंडरवियर नहीं पहना हुआ था.. इस वजह से उसका मोटा लंड और बड़ी बड़ी झांटे पायजामे में से दिखाई पड़ रही थी।

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फिर थोड़ी देर बाद ट्रेन चल पड़ी लेकिन जनरन डिब्बे में हम सिर्फ़ चार लोग ही थे। मेरी बीवी खिड़की वाली सीट पर थी.. में बीच में और बहन मेरी सीधी साईड में बैठी थी। फिर सामने की सीट पर वो आदमी अपना लंड दिखता हुआ बैठा था। फिर मेरी बीवी और बहन बराबर उस आदमी के लंड की और देख रही थी। फिर वो आदमी भी मेरे घर की इज़्ज़त.. मेरी बहन और बीवी को बार बार घूर घूर कर देख रहा था। फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया और वो लंड को सहलाने लगा। उसका लंड पायजामा के अंदर कड़क हो गया था। फिर मेरी बीवी ने यह देखकर अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया और उसने अपने दोनों बूब्स साड़ी के बाहर कर दिए। फिर एकदम बड़े बड़े सफेद बूब्स हवा में थे.. सिर्फ़ एक पतला सा गहरे गले का ब्लाउज ही उसको संभाले हुए था। तभी यह देखकर उस आदमी ने अपना पैर मेरी बीवी के दोनों पैरो के बीच लंबा कर दिया। तभी गीता ने अपना पैर लंबे करके उसके लंड के पास लगा दिया। तभी हाल ऐसा था कि उसका एक पैर गीता की चूत को और गीता का पैर उसके लंड को छू रहा था।ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर में बिलकुल अंजान बनकर यह सब देख रहा था। मेरी बहन भी यह सब देख रही थी। फिर उससे रहा नहीं गया। तभी उसने मुझसे कहा कि भैया आप मेरी सीट पर आ जाओ और मुझे बीच में बैठ जाने दो। फिर हम दोनों ने अपनी अपनी सीट बदल दी। फिर मेरी बहन ने अब खड़े होकर.. उस आदमी की तरफ गांड करके वो खड़ी हो गयी और ऊपर की बर्थ से कुछ समान उतारने करने की आक्टिंग करने लगी। तभी अचानक से ट्रेन का एक झटका लगा और मेरी बहन उस अंजाने आदमी की गोद में गिर पड़ी। तभी उस आदमी का लंड पहले से टाईट ही था। तभी ज़ोर से वो लंड मेरी बहन की बड़ी गांड से टकराया और मेरी बहन आअहह करके उसके ऊपर पड़ी। फिर उसने भी मेरी बहन को खड़ी करने के बहाने से उसके बूब्स पकड़ लिए और फिर उसका एक हाथ पकड़कर उसे खड़ा किया। फिर मेरी बहन सॉरी कहती हुई अपनी जगह पर बैठ गयी।

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फिर उस आदमी ने मौका देखकर दूसरा पैर भी मेरी बहन की चूत में घुसा दिया। फिर साले का एक पैर मेरी बीवी की चूत में और दूसरा पैर मेरी बहन की चूत में था। फिर मेरा लंड भी यह सब देखकर खड़ा हो गया था। फिर मैंने गीता की और देखा तो उसने मुझे कहा कि क्या आप सामने वाली सीट पर बैठ सकते हो? तभी मैंने पायल को कहा कि पायल तेरी भाभी को सीट पर सोना है.. चल हम सामने वाले भाई साहब के पास जाकर बैठ जाते है। फिर हम दोनों उसके पास जाकर बैठ गये। फिर मेरी बीवी हमारी सीट पर सो गयी। तभी उसने पीठ हमारी और की हुई थी.. इस पोज़ में मेरी बीवी की खुली हुई पीठ साफ साफ दिखाई पड़ रही थी और उसकी गांड भी मस्त उभरी हुई दिख रही थी।फिर थोड़ी देर बाद उस आदमी ने कहा कि क्या में सामने आपकी बीवी की सीट पर बैठ सकता हूँ? तभी मैंने हाँ कह दी। तभी वो सामने गया और मेरी बीवी की गांड के पास जाकर बैठ गया। फिर कुछ देर बाद उसने अपना एक हाथ गीता की गांड पर रख दिया लेकिन गीता कुछ नहीं बोली। तभी उसकी हिम्मत खुल गयी और वो उसकी पतली कमर पर हाथ फैरने लगा और इधर में और पायल सोने की एक्टिंग कर रहे थे। फिर गीता ने अब एक कंबल लेकर ओड़ लिया। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर वो आदमी मेरी बीवी के बाजू में सो गया। फिर उसने भी कंबल ओड़ लिया था। अब एक ही कंबल में मेरी बीवी और एक अंजना आदमी था। फिर इधर में और पायल सोने की एक्टिंग कर रहे थे। फिर अंदर उसने मेरी बीवी की साड़ी ऊपर करके अपना लंड पीछे से ही गीता की चूत में घुसेड़ दिया और फिर उसको चोदने लगा। फिर गीता चुपचाप लंड का मज़ा ले रही थी। फिर कुछ एक घंटे तक चोदने के बाद वो बैठ गया। फिर मेरी पत्नी कंबल के अंदर ही आधी नंगी पड़ी थी। फिर जब वो चुद चुकी तो उसने मुझे उठाया और कहा कि क्या आप मेरे साथ सो सकते है मुझे बहुत ठंड बहुत लग रही है। तभी वो आदमी खड़ा होकर मेरी सीट पर आ गया और फिर में मेरी बीवी के कंबल में चला गया। फिर वहाँ पर मैंने उसकी चूत में उंगली डाली तो उसकी चूत पूरी गीली हो गयी। फिर उस आदमी के वीर्य से गीता की चूत पूरी भर गयी थी।

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फिर में उल्टा हो गया और उसकी चूत चाटने लगा। मेरी बीवी की चूत में से मैंने उस आदमी का सारा वीर्य चाट चाट कर साफ कर दिया। फिर उधर वो आदमी यह सब देख रहा था। फिर उसने अब ज़ोर से कंबल खींच दिया। तभी में उसे चूत में वीर्य चाटता हुआ दिखाई पड़ा। तभी उसने खुलेआम मेरी बहन की टी-शर्ट उतार दी। तभी पायल के बूब्स हवा में लहराने लगे। फिर उसने पायल के मुहं में अपना लंड घुसा दिया और उसके बाल पकड़ कर उसके मुहं को वो फक फक करके चोदने लगा। फिर मेरी बहन के मुहं से ढेर सारा वीर्य बहकर गिर रहा रहा था। फिर वो मेरी बहन के बालों को पकड़कर अपना लंड घुसा रहा था। फिर हम चारों के बीच में कोई शरम नहीं थी। फिर इधर मैंने भी गीता का ब्लाउज निकाल दिया और अब उसके बूब्स भी हवा में लहरा रहे थे।दोस्तों आप सोचिए कितना हसीन पल था कि ट्रेन के एक डिब्बे में मेरी बहन और बीवी दोनों अपने बूब्स खुले रखकर एक पराए आदमी के साथ है वो भी मेरे सामने। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मेरा लंड तो यह देखकर तन सा गया था। फिर थोड़ी देर बाद मेरी बहन का मुहं चोदने के बाद उसने पायल को कुतिया बनाया और पीछे से उसकी गांड में अपना लंड घुसा दिया। फिर पीछे से वो ज़ोर से मेरी इकलोती बहन की गांड मारने लगा और फिर पायल भी आहह आहह आहह की आवाज़े निकालने लगी। तभी इधर में और गीता भी घोड़ी बनकर प्यारी बहन की चुदती हुई चूत के पास अपना मुहं ले गये और वहाँ पर किस करने लगे। फिर बीच बीच में वो आदमी अपना लंड मेरी बहन की गांड से निकलता तो मेरी बीवी और में उसके लंड को चूसने लगते.. कभी उसका लंड मेरे मुहं में तो कभी मेरी बीवी के मुहं में रहता था। फिर बाकी के टाईम में हम पति पत्नी किस करते थे। फिर करीब बीस मिनट बहन की गांड मारने के बाद वो बहन की गांड में ही झड़ गया।

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तभी उसने लंड को गांड से बाहर निकाला तो गीता ने उसे मुहं में लेकर बराबर चाट चाट कर साफ कर दिया और मेरे सामने मेरी बहन बहुत मस्त चुदी और वो भी एक पराए मर्द के लंड से और गांड से वीर्य टपकाती हुई खड़ी थी। फिर में उसकी गांड के पास अपना मुहं ले गया तभी पायल ने कहा कि देखो भैया आपकी इकलोती बहन की क्या हालत कर दी है इस पराए आदमी ने.. देखो भैया आपकी बहन की गांड देखो कैसी फाड़ दी है.. कैसी चोद चोदकर रंडी जैसी गांड बना दी है देखो भैया। तभी मैंने कहा कि बहना तू डर मत में तेरी चुदी हुई गांड को अभी चाट देता हूँ और मैंने मेरी प्यारी बहन की वीर्य से भारी हुई गांड चाटना चालू कर दिया। फिर गांड चाटकर हम तीनों ने कपड़े पहन लिए। फिर सुबह होते ही हम अपने स्टेशन पर उतर कर चले गये ।।
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Thursday, 11 January 2018

भैया के बॉस को अपने चूत देकर खुश किया नौकरी के लिए


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ये चुदाई की कहानियाँ तब की है जब में ग्रॅजुयेशन पास करके नौकरी ढूँढ रही थी.. मेरा फिगर 33-32-34 है और में दिखने में बहुत सुंदर और सेक्सी लगती हूँ और मेरे बूब्स बहुत सेक्सी और बड़े बड़े है। वैसे मेरे दोस्त कहते है कि में एक आईटम हूँ। अब में आपको स्टोरी सुनाती हूँ जो मेरे साथ घटी एक घटना है। दोस्तों मैंने अपनी पूरी पढ़ाई एक अच्छे कॉलेज से पास की और घर में पैसों की प्रॉब्लम्स की वजह से में आगे की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई और मैंने एक अच्छी नौकरी ढूँढनी शुरू कर दी। फिर उन दिनों मेरा कज़िन अजीत हमारे घर आया। वो मुझसे उम्र में 2 साल बड़े है और उन्होंने अपना MBA पूरा किया है और उन्हें नयी नयी एक अच्छी सी नौकरी मिली थी और वो दिल्ली जा रहे थे। तभी मेरे घरवालों ने कहा कि वो मुझे भी अपने साथ ले जाए ताकि में एक बड़े शहर में अपने लिए एक अच्छी नौकरी ढूँढ सकूँ।
फिर में भी उनके साथ दिल्ली आ गयी और मैंने नौकरी ढूंढनी शुरू कर दी.. लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी मुझे नौकरी नहीं मिली.. क्योंकि मेरी पड़ाई ज़्यादा अच्छी नहीं थी। फिर एक दिन में अपने भैया के घर पर बैठ कर सोच रही थी कि अब मुझे अपने घर चले जाना चाहिए उसी वक़्त डोर बेल बजी और मैंने दरवाज़ा खोला तो देखा कि भैया आए थे और साथ में उनका बॉस भी था.. उनकी उम्र कोई 35-40 साल के बीच की होगी और दिखने में ठीक था। भैया ने अंदर आते ही बोला कि ये मेरी छोटी बहन है और ये एक नौकरी ढूँढ रही है.. उनका बॉस मुझे घूर घूर कर देख रहा था। उसकी नज़र मेरे बूब्स पर ही अटकी थी। तभी मैंने देखा कि वो बार बार मुझे देखकर अपनी पेंट पर हाथ लगा रहा था और भैया अंदर अपने कंप्यूटर से कुछ प्रिंट आउट्स ले रहे थे। उन्होंने अंदर से ही आवाज़ दी और कहा कि हमारे लिए दो कप चाय बना दो। तभी में चाय बनाने किचन में चली गयी तभी उनका बॉस मेरे पीछे किचन में आ गया और उसने मेरी गांड को हल्के से छू दिया मैंने पीछे मुड़कर उसे घूर दिया वो घबरा कर बोले कि मुझे एक ग्लास पानी चाहिए.. मैंने उसे पानी दे दिया। फिर वो बाहर चला गया में अंदर किचन में ये सोच रही थी कि शायद ये मुझे कोई नौकरी दे दे और अगर ऐसा है तो उनको खुश करने में मेरा क्या जाता है? फिर मैंने चाय बनाकर बाहर जाने से पहले अपने टॉप के दो बटन खोल दिया ताकि जब में चाय देने के लिए नीचे झुकूं तो उसे मेरे बूब्स आसानी से साफ साफ नज़र आए और मैंने वैसा ही किया। जब मैंने चाय दी तो उसे मेरे बूब्स दिखे और में हल्का सा मुस्कुरा दी.. ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। जिससे उसे ग्रीन सिग्नल मिल गया उसने बैठकर चाय पी। फिर मेरे भैया भी अपना काम खत्म करके आ गये। फिर वो दोनों बाहर निकल गये लेकिन जाते जाते मैंने फिर से उन्हे एक हल्की सी स्माईल दे दी। फिर दूसरे दिन सुबह सुबह भैया के ऑफीस जाने के एक घंटे के बाद भैया का फोन आया कि उन्हें कुछ काम से बाहर जाना होगा और आज मुझे इंटरव्यू के लिए अकेले ही जाना होगा और वो ऑफीस से गाड़ी भेज देंगे। तभी मैंने कहा कि आप कब तक वापस आओगे? तो उन्होंने कहा कि अगर काम जल्दी ही खत्म हो गया तो आज ही आ जाऊंगा। फिर मैंने इंटरव्यू के लिए एक सुंदर सी साड़ी निकाली और नहाकर पहन ली। इतने में डोर बेल बजी तभी मुझे लगा कि ड्राइवर होगा इसलिए मैंने दरवाज़ा खोला और मैंने देखा कि सामने भैया के बॉस खड़े है और उनके हाथ में एक पॅकेट था.. जिसमे शायद खाने की कोई चीज़ होगी। तभी मैंने उनसे पूछा कि आप यहाँ कैसे? भैया तो आज बाहर गये हुए है।

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बॉस : में इसलिए ही तो आया हूँ। में : क्या मतलब में समझी नहीं? बॉस : तुम अकेले इंटरव्यू देने जाओगी इसलिए मैंने सोचा कि में तुम्हे छोड़ दूँ और फिर मुझे कल से ही बहुत भूख लगी है इसलिए खाने को कुछ चीज़े ले ली आओ हम साथ में खाते है फिर इंटरव्यू देने चलेंगे। वैसे तुम्हे कैसा नौकरी चाहिए? में : कोई भी अभी मुझे नौकरी की बहुत ज़रूरत है। बॉस : अगर तुम चाहो तो में तुम्हे नौकरी दे सकता हूँ लेकिन पहले तुम्हे मुझे इंटरव्यू देना होगा। में : कौन सी नौकरी है? बॉस : में बहुत दिनों से एक पर्सनल सेक्रेटरी ढूँढ रहा हूँ और तुम तो बहुत होशियार, समझदार और सुंदर भी हो काश कि मेरी बीवी तुम्हारी तरह सुंदर होती। में : (मुस्कुराते हुए) क्या मुझे नौकरी मिल सकती है? बॉस : लेकिन तुम्हे पहले इंटरव्यू पास करना होगा.. क्या तुम तैयार हो? में : हाँ में तैयार हूँ लेकिन सेलेरी क्या होगी? बॉस : अगर तुम पास हो गयी तो बहुत अच्छी सेलेरी मिलेगी। में : हाँ में तैयार हूँ। बॉस : तो तुम यहाँ पर आकर सोफे पर बैठो। फिर वो मेरे पास में आकर बैठ गये और मेरे कंधे पर हाथ रखकर बोले कि तुम अपने बारे में कुछ बताओ। फिर में अपने बारे में बताने लगी तो वो बोले कि ये सब नहीं में जो पूछ रहा हूँ वो बताओ। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने उनसे पूछा क्या? बॉस : तुम ये बताओ कि तुम्हारा साईज़ क्या है? तभी में हैरान हो गयी.. लेकिन तब तक में समझ गयी थी कि वो मुझसे क्या चाहता है? में भी सोचने लगी कि अगर इन सब के बदले वो मुझे एक अच्छी सी सेलेरी वाली नौकरी दे दे तो मुझे क्या प्रॉब्लम है? और मैंने शरमाते हुए कह दिया कि 32. बॉस : वाउ अगला सवाल क्या तुम इस नौकरी के लिए कुछ भी कर सकती हो? में : हाँ सर में सब कुछ कर सकती हूँ। बॉस : तो फिर तुम जाओ और दरवाजा बंद कर दो। तभी मैंने उठकर दरवाज़ा बंद कर दिया और अंदर आ कर उसके सामने बैठ गयी। वो मेरे पास आ गया और पीछे से उसने मेरी पीठ पर एक किस कर दिया मैंने कहा कि ये क्या कर रहे हो? बॉस : वही कर रहा हूँ जो एक आदमी और एक औरत के बीच होता है और ये मत कहना की तुम ऐसा कुछ करना नहीं चाहती हो.. तुझे भी तो खुजली हो रही है। में : ये ग़लत है हम ऐसा नहीं कर सकते। बॉस : सही और ग़लत का फ़ैसला हम क्यों करे.. अभी तो वो करो जो हमे आज करना चाहिए।

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में : लेकिन सर कोई आ गया तो? और कहीं भैया को पता चल गया तो? बॉस : अरे तेरा भैया मेरा एक नौकर है ज़्यादा बोलेगा तो प्रमोशन देकर चुप करवा दूँगा। साला खुद लेकर आएगा तुझे चुदवाने के लिए। तू तो बस अब मेरी प्यास बुझा दे मेरी जान। साली में तो पहले दिन से ही तड़प रहा हूँ तुझे चोदने के लिए.. चल आज मेरी रांड बन जा। में : लेकिन सर ये सब कुछ बिल्कुल ग़लत है। फिर ये सब कहते कहते उसने मेरे होंठो पर अपने होंट रख दिया और वो पागलो की तरह मुझे चूमने लगा और पागलो की तरह मेरे कपड़े खुलवाने लगा। में और भी उसका साथ देने लगी। फिर मैंने धीरे से पूछा कि सर मेरी सेलेरी कितनी होगी? वो हंस कर बोला अगर आज में खुश हो गया तो 20-25 हजार रूपय तो दे ही दूँगा। लेकिन फिर तुझे हमेशा मेरी रांड बनकर रहना होगा.. बोलो मंजूर है? में : हाँ सर मुझे मंजूर है। बॉस : अब और मत तड़पा.. आ जाओ मेरी प्यास भुझा दो मेरी रानी और उन्होंने मुझे गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया। वो मेरे पूरे शरीर को चूम रहे थे और में उनका साथ पूरा पूरा दे रही थी.. धीरे धीरे उन्होंने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया। में बिल्कुल नंगी उनके नीचे लेटी हुई थी और मैंने अपने दोनों हाथो से अपने बूब्स छुपा लिए। फिर उन्होंने मेरे दोनों हाथ हटाकर मेरे बूब्स जोर ज़ोर से चूसने लगे। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर उसने मेरी चूत पर अपना हाथ रखा और उसे मसलने लगा और थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना अंडरवियर उतार कर मुझे अपना लंड दिखाया जो पहले से ही खड़ा था तभी मेरे तो होश ही उड़ गये। फिर उन्होंने अपना लंड मेरे मुहं में डाल दिया और खुद मेरी चूत चाटने लगा। में आह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह की आवाजे निकाल रही थी। मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि में बता नहीं सकती। तभी थोड़ी देर बाद में झड़ गयी और उन्होंने पूरा रस पी लिया। तभी उन्होंने कहा कि मेरी जान अभी तो तेरी चुदाई बाकी है चल तैयार हो जा अपनी चुदाई के लिए साली रांड आज तुझे मज़ा चखाता हूँ। आज तेरी सारी गर्मी निकालता हूँ और हाँ तुझे कभी कभी हमारे ग्राहकों के साथ भी सोना पड़ेगा। उनको भी अपनी चूत का रस पिलाना होगा.. साली तेरे बूब्स तो बड़े मस्त है। तू तो असली माल है कहाँ छुपकर बैठी थी और फिर वो मेरे ऊपर चड़ गये और मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और एक झटके से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। तभी में ज़ोर से चिल्लाई और उन्होंने मेरा मुहं बंद कर दिया और थोड़ी देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा। में ज़ोर और ज़ोर और ज़ोर चिल्लाने लगी.. बॉस ने कहा कि साली तू तो बहुत बड़ी वाली रांड

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फिर उन्होंने स्पीड बढ़ाकर मेरी चुदाई शुरू की और उधर मेरी चूत चुदाई में व्यस्त थी.. लेकिन मुझे बहुत दर्द भी हो रहा था और वो बस चुदाई पर ध्यान दे रहे थे। उनकी स्पीड कम होने का नाम नहीं ले रही थी और वो आज मेरी चूत को फाड़ देना चाहते थे। फिर करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद हम लोग एक साथ झड़ गये। फिर उन्होंने मुझे कई बार चोदा और मेरी चूत को पूरा फाड़कर भोसड़ा बना दिया और फिर अपने एक फ्रेंड की कंपनी में नौकरी दिलाई और वहाँ पर उस फ्रेंड ने भी मेरा पूरा मज़ा लिया और वो दोनों मिलकर बारी बारी से मेरी चुदाई करते रहे और फिर ऐसे ही मेरी चुदाई के साथ साथ मेरी नौकरी भी चलती रही ।
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Wednesday, 10 January 2018

ग़लती से मेरी मम्मी चुद गई - Galti se mummy chud gayi desi xxx hindi story


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मेरी मम्मी का नाम वर्षा है और वोदिखने में बहुत ही सुंदर है.. उनका फिगर बहुत ही हॉट और सेक्सी है.. उनकी गांड बिल्कुल गोल और बड़ी है। मम्मी घर में मेक्सी पहनती है और बाहर जाती है तो सलवार सूट या साड़ी पहनती है मेरी मम्मी सलवार सूट बहुत ही टाईट पहनती है फिर जब भी मम्मी बाहर जाती है तो सारे पड़ोस के अंकल उन्हें घूर घूर कर देखते रहते है और उनकी सलवार से उनकी पेंटी का आकार दिखता रहता है और कई बार मेरे मोहल्ले के सारे लड़के मेरी मम्मी के बारे में गंदी गंदी बातें भी करते रहते है।
मुझे अच्छी तरह से याद है एक बार में एक दुकान पर समान खरीदने गया हुआ था। वहाँ पर पास में कुछ लड़के थे जो सिगरेट पी रहे थे.. उन्ही में से एक का नाम असलम था.. उसने मेरी तरफ अपने दोस्तों को दिखा कर कहा कि पता है इसकी मम्मी बहुत गरम है.. इतनी टाईट सलवार पहनती है कि मन करता है उसकी सलवार यहीं पर फाड़ दूँ और उसकी गांड मारूं। में उस समय छोटा था तो मुझे इतनी बातें समझ में नहीं आती थी और मुझे उनसे बहुत डर भी लगता था कि कहीं वो लोग मुझे पीट ना दें। फिर एक दिन मैंने मम्मी को ये बात बताई तो मम्मी ने मुझसे कहा कि तुम उनकी बातें मत सुना करो.. वो लोग गंदे है मैंने कहा कि ठीक है। फिर मैंने कहा कि मम्मी वो लड़के हमेशा मुझे देखकर मुझसे कहते थे कि क्या घर पर तेरी मम्मी अकेली है और अगर में कहता हाँ अकेली है तो वो लोग मुझसे कहते थे कि ठीक है आज तेरी मम्मी को चोदने में जाता हूँ। फिर मुझे बहुत बुरा लगता था।तभी एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि अगर तू मुझे अपनी मम्मी की चूत दिलवाएगा तो हम तुझे एक क्रिकेट बॉल खरीद कर देंगे। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मैंने कुछ नहीं कहा और में रोता हुआ घर पर चला आया तो मम्मी ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ? मैंने कहा कि कुछ नहीं और में अपने कमरे में चला गया.. लेकिन मुझे उस समय तक इतना भी नहीं पता था कि चूत का मतलब क्या होता है? मुझे बस इतना समझ में आता था कि वो लोग मेरी मम्मी के बारे में बहुत गंदी गंदी बातें करते है और इस बात को करीब 6 महीने हो गये और ऐसा ही चलता रहा और वो लोग हमेशा मेरी मम्मी के बारे में गंदी गंदी बातें करते थे और में चुपचाप सुनता रहता था। फिर एक दिन की बात है हमारे सामने के फ्लेट में एक 30 साल का आदमी रहने आया.. उसका नाम राणा था वो बांग्लादेश से इंडिया बिजनेस के सिलसिले में आया था। मेरी उससे उस समय कोई जान पहचान नहीं थी। एक दिन एक लड़का मुझे मेरी मम्मी के बारे में छेड़ रहा था और मैंने उसे पलट कर गाली दे दी तो वो मुझे मारने लगा और कहने लगा कि साले तेरी मम्मी है ही रंडी इसलिए में तेरी मम्मी के बारे में गंदी बातें बोलता हूँ और मुझे मारने लगा।

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फिर अचानक से वो आदमी जिसका नाम राणा था.. वो आया उसने उस लड़के को पहले रोका और बोला कि ये बच्चा है इसे क्यों मार रहे हो.. लेकिन जब उसने मुझे फिर से मारा तो राणा ने उस लड़के को मारा और वहाँ से भगा दिया और मुझे लेकर वो घर आ गया। वो पहले मुझे अपने घर ले गया और उसने मुझे बोला कि पहले अपना चहरा साफ कर लो फिर घर चले जाना और फिर मैंने ऐसा ही किया और में घर पर चला गया। वो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। मैंने अभी तक मम्मी को ये बात नहीं बताई थी। फिर में अगले दिन उसके पास गया और मैंने उसे थेंक्स बोला और फिर धीरे धीरे हमारी बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर हम रोज़ मिलते थे और बातें करते थे एक दिन में और वो छत पर खड़े होकर बातें कर रहे थे कि नीचे मुझे मेरी मम्मी नज़र आई.. मैंने उसे दिखाया और कहा कि ये मेरी मम्मी है। मैंने देखा कि वो घूर घूर कर मेरी मम्मी के तरफ देख रहा था।फिर में लगातार उसके घर आने जाने लगा तो वो मुझसे मेरी मम्मी के बारे में पूछता था.. जैसे क्या कर रही है? क्या पहना है? यही सब। एक दिन में उससे बातें कर रहा था तो उसने मुझसे पूछा कि अच्छा वो लड़के तुझे क्या बोलते थे? तभी मैंने सारी बातें उसे बताई.. फिर मैंने उससे पूछा कि चूत का मतलब क्या होता है? तभी वो हंसने लगा और बोला कि क्या तुझे नहीं पता? मैंने कहा कि नहीं पता है इसलिए ही तो पूछ रहा हूँ। तभी उसने कहा कि जिससे तू निकला है। फिर मैंने कहा कि क्या मतलब? तभी उसने कहा कि जहाँ से तेरी मम्मी सू सू करती है वही चूत है।

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फिर एक दिन उसने मुझसे कहा कि विक्की क्या तू मुझे अपने घर नहीं बुलाएगा? मैंने कहा कि क्यों नहीं ज़रूर बुलाऊंगा.. अभी चलो.. मम्मी, पापा भी घर पर है और तुम मिल लेना मेरे मम्मी-पापा से। उसने कहा कि नहीं जब तेरी मम्मी घर पर नहीं हो तब बुलाना। मैंने कहा कि ठीक है। में उस समय समझ नहीं पा रहा था कि उसके मन में क्या चल रहा है अगले दिन मेरी मम्मी मंदिर गयी थी और मैंने उसे कॉल किया और बोला कि आ जावो। फिर वो मेरे घर पर आया हम बैठ कर बातें करने लगे उसने मुझसे पूछा कि विक्की में तुम्हे कैसा लगता हूँ? मैंने कहा कि आप बहुत अच्छे है। फिर उसने मुझसे कहा कि विक्की क्या तुम चाहते हो कि आज से वो लड़के तुम्हे नहीं चिड़ायें? मैंने कहा कि हाँ.. क्या ये हो सकता है? तभी उसने कहा कि हाँ.. क्यों नहीं हो सकता है? लेकिन तू मेरी कुछ बातें मान ले तभी ऐसा हो सकता है। फिर मैंने कहा कि हाँ बोलिए में आपकी हर बात मानूँगा। उसने कहा कि विक्की तू मुझे दिखा ना तेरी मम्मी कैसी पेंटी पहनती है। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मुझे कुछ समझ में नहीं आया मैंने कहा क्यों आप ऐसा क्यों पूछ रहे हो? उन्होंने मुझसे कहा कि तू नहीं समझेगा तू अभी बच्चा है.. तू जाकर ले आ और हाँ अपनी मम्मी से कुछ मत कहना.. नहीं तो में तेरी मदद नहीं कर पाउँगा। मैंने कहा कि ठीक है और में गया और मम्मी जितनी पेंटी और ब्रा पहनती थी वो सब ले आया। उसमे से एक पेंटी ब्रा भीगी हुई थी जो आज ही मम्मी ने धोया था। मैंने देखा कि उसने वो पेंटी उठाई और उसे सूंघने लगा। मैंने उससे पूछा कि आप ये क्या कर रहे हो? तभी उसने कहा कि कुछ नहीं.. तुम गेम खेलो मैंने कहा कि ठीक है और में गेम खेलने लगा ऐसा कुछ दिन तक चलता रहा। में भी चुपचाप सब देखता था और वो मेरी मम्मी की पेंटी लगभग रोज़ सूंघता था।

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फिर एक दिन जब मम्मी घर पर नहीं थी वो मेरे घर आया और हर दिन की तरह मेरी मम्मी की पेंटी को सूंघ रहा था। तभी थोड़ी देर बाद उसने मुझसे पूछा कि विक्की क्या मुझे अपनी मम्मी से नहीं मिलवाओगे? तभी मैंने कहा कि क्यों नहीं.. अपने ही मुझसे कहा था कि आप घर पर तब आओगे जब मम्मी नहीं रहेगी। फिर उसने कहा कि ठीक है अब में कहता हूँ कि तुम अपनी मम्मी से मेरा परिचय करवा दो। मैंने कहा कि ठीक है। फिर उस दिन जब मम्मी घर आई तो मैंने मम्मी से राणा का परिचय करवाया फिर हम लोग बैठ कर बातें करने लगे। थोड़ी देर बाद मम्मी ने कहा कि में चाय बनाती हूँ और मम्मी उठकर जाने लगी और वो मेरी मम्मी को घूरकर देख रहा था। मम्मी ने सफेद सलवार सूट पहन रखा था और मम्मी की काली कलर की ब्रा दिख रही थी और साईड से उनकी सलवार के अंदर से काली पेंटी भी दिख रही थी।फिर मम्मी ने चाय लाकर हमारे सामने रखी। हम लोगों ने चाय पी और मैंने मम्मी से कहा कि में गेम खेलने जा रहा हूँ और में दूसरे रूम में जाकर गेम खेलने लगा और मम्मी और राणा बैठकर बातें करने लगे। कुछ देर बाद मुझे मम्मी की ज़ोर से हंसने की आवाज़ आई और इस तरह मम्मी की उससे दोस्ती हो गयी। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। दो महीने इसी तरह चलता रहा और फिर एक दिन पापा ऑफीस से आए उन्होंने मम्मी से कहा कि में 15 दिन के लिए बेंगलोर जा रहा हूँ मेरी एक जरूरी मीटिंग है और वो वहाँ पर दीदी से भी मिल लेंगे। मम्मी ने कहा कि ठीक है उन्होंने मम्मी से और मुझसे कहा कि तुम लोग भी चलो। मम्मी तो तैयार हो गयी लेकिन मैंने मम्मी से कहा कि मेरा स्कूल है.. में नहीं जा सकता हूँ और मैंने मम्मी से कहा कि में अंकल के यहाँ पर रह लूँगा.. आप लोग जाओ। लेकिन मम्मी को मुझे अकेले छोड़ने में डर लग रहा था और उन्होंने कहा कि आप जाईये.. में विक्की के साथ रहूंगी। शायद वो मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी ग़लती हो गयी थी। फिर पापा अगले दिन बेंगलोर चले गये और अंकल का धीरे धीरे मेरे घर आना जाना बढ़ गया और वो मुझसे अब कम बातें करने लगे और मेरी मम्मी से ज्यादा। मेरे स्कूल जाने के बाद भी वो मेरी मम्मी से मिलने मेरे घर आने लगे और मुझे अपनी मम्मी में भी बहुत से बदलाव दिखने लगे.. पहले वो किसी और आदमी से बातें नहीं करती थी लेकिन अब वो उनके साथ घुल मिलकर बातें करने लगी.. लेकिन में इन सब बातों को अपने दिमाग से निकालता रहा.. क्योंकि मुझे ये नहीं पता था कि उसके मन में क्या है।

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फिर एक दिन में नीचे से कुछ सामान खरीद रहा था कि वही लड़के जो मुझे परेशान किया करते थे.. उन्होंने मुझसे कहा कि यार हममे क्या कमी थी जो तेरी मम्मी राणा का बिस्तर गरम करने लगी है। फिर उन्होंने कहा कि चल तू एक काम कर.. अपनी मम्मी से कह कि जैसे उसका बिस्तर गरम करती है हमारा भी कर दे और बोलना हम उसे पैसे भी देंगे और मुझे बहुत गुस्सा आया। मैंने कहा कि तुम लोग झूठ बोल रहे हो.. मेरी मम्मी ऐसी नहीं है उन्होंने कहा कि अच्छा ठीक है तू जाकर पूछ ले राणा से। तभी में वहाँ से चला आया और फिर एक दिन में उससे बातें कर रहा था तो मैंने उनसे कहा कि वो लड़के ऐसा बोल रहे थे। वो मेरी तरफ देखने लगा और उसने कहा कि ये बिल्कुल सच है मैंने उससे कहा कि आप झूठ बोल रहे हो। तभी उसने कहा कि नहीं में बिल्कुल सच कह रहा हूँ मैंने कहा कि ठीक है में जब तक विश्वास नहीं करूँगा.. जब तक में खुद ना देख लूँ।तभी उसने कहा कि ठीक है आज में फिर तेरी मम्मी को चोदूंगा और तू देख लेना। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैंने कहा कि ठीक है। फिर उसने मेरे सामने ही मेरी मम्मी को कॉल किया और पूछा कि भाभी कहाँ पर हो? मम्मी ने कहा कि में घर पर हूँ.. फिर उसने कहा कि आओ ना मेरे घर पर.. मेरा बहुत मन कर रहा है। मम्मी ने कहा कि विक्की नहीं है वो बाहर गया हुआ है कभी भी आ सकता है। उसने कहा कि वो अभी कहाँ आएगा.. वो बाहर गया होगा खेलने.. उसे थोड़ा टाईम लगेगा आ जाओ जल्दी से। मम्मी ने कहा कि ठीक है में आती हूँ। मुझे विश्वास नहीं हुआ उनकी बातें सुनकर कि मेरी मम्मी किसी और के साथ भी सेक्स कर सकती है। उसने मुझे मम्मी की नंगी फोटो भी दिखाई और पूछा कि अब तो तुझे विश्वास हुआ ना कि तेरी मम्मी मेरे सामने अपनी टाँगे फैला चुकी है।

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तभी डोर बेल बजी.. उसने मुझे कहा कि तू दूसरे रूम में छुप जा। मैंने कहा कि ठीक है और में दूसरे रूम में चला गया.. मुझे बार बार यही मन में आ रहा था कि मेरी वजह से मेरी मम्मी चुद रही है। तभी मम्मी आई और मैंने देखा कि मम्मी ने एक लाल रंग का सलवार सूट पहन रखा है। मम्मी और राणा सोफे पर बैठकर बातें कर रहे थे। राणा का हाथ मेरी मम्मी की जांघो पर था और उन्हें सहला रहा था.. उसने मेरी मम्मी से कहा कि भाभी सच में तुम बहुत हॉट हो जब भी तुम्हे देखता हूँ मेरा मन करता है कि चोद दूँ। तभी मम्मी शरमा रही थी और अपने बालों को बार बार ठीक कर रही थी।तभी थोड़ी देर बात करने के बाद मम्मी ने उससे कहा कि मुझे सू सू आई है और मम्मी बाथरूम में चली गयी और वो वहीं पर बैठा हुआ था। फिर मम्मी आई उसने कहा कि चलो रूम में चलते है। मम्मी ने कहा कि ठीक है और दोनों उठकर जाने लगे और अंकल का एक हाथ मेरी मम्मी के चूतड़ पर था। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। वहाँ पर जाकर वो दोनों लेट गये और वो मेरी मम्मी को किस करने लगे और मुझे बड़ा अजीब लग रहा था कि कोई और आदमी मेरी मम्मी को किस कर रहा है। तभी उसने मम्मी से कहा कि भाभी तेरा जिस्म बहुत गरम है लगता नहीं की तुम्हारी उम्र 39 की है.. ऐसा लगता है की तुम 26 की हो। अब वो मेरी मम्मी को किस करने लगा और मेरी मम्मी के बूब्स को दबाने लगा। मम्मी ने अपने घुटनों को फोल्ड कर लिया था और उनकी टाँगे फैली हुई थी। तभी मैंने गौर से देखा कि मम्मी की सलवार उनकी चूत के पास से गीली है और वो मेरी मम्मी की चूत को उनकी सलवार के ऊपर से सहला रहा है और मम्मी आआआआअ कर रही है।

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फिर राणा ने अपने कपड़े उतार लिए और मुझे उसका लंड दिख रहा था.. बिल्कुल काला और मोटा था और मुरझाया हुआ था। तभी मम्मी ने उसे अपने हाथ में ले लिया और सहलाने लगी मम्मी की चूड़ियों की आवाज़ मेरे कानो में आ रही थी। मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था और फिर थोड़ी देर तक मम्मी ने उसका लंड ऊपर से नीचे तक सहलाया और कुछ देर बाद उसका लंड खड़ा हो गया। वो बहुत ही बड़ा था। वो मम्मी के बूब्स को धीरे धीरे मसल रहा था.. अब वो आराम से बैठ गया और मम्मी ने उसका लंड अपने मुहं में ले लिया और उसे चूसने लगी.. वो बार बार आआआआअ कर रहा था। फिर उसने मेरी मम्मी का कुर्ता निकाल दिया। तभी मैंने देखा कि मम्मी ने सफेद कलर की ब्रा पहन रखी थी जिसमे लाल फूलल प्रिंट थे। फिर उसने मेरी मम्मी को अपने सीने से चिपका लिया और चूमने लगा।ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।  मम्मी उसकी जांघो पर बैठी हुई थी और वो मेरी मम्मी को जकड़ कर मेरी मम्मी के बूब्स ब्रा के ऊपर से चूम रहा था और कभी उनके होंठो को किस करता। फिर उसने मेरी मम्मी की ब्रा निकाल दी और बेड पर रख दी। अब मम्मी ऊपर से नंगी थी और मम्मी के नंगे बूब्स उसकी छाती से चिपके हुए थे। तभी थोड़ी देर बाद उसने मेरी मम्मी को लेटा दिया और मेरी मम्मी की सलवार को निकाल दिया। मम्मी ने जो पेंटी पहन रखी थी वो बहुत छोटी सी थी। उसने मेरी मम्मी के टॅंगो को फैला दिया और मम्मी की चूत के पास अपना मुहं ले गया। मम्मी की पेंटी थोड़ी गीली थी। तभी उसने पेंटी को सूंघा और बोला कि भाभी बिल्कुल नमकीन खुश्बू आ रही है मम्मी सिर्फ़ मुस्कुरा रही थी.. उसने पेंटी को थोड़ा चाटा।

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फिर उसने मम्मी की पेंटी को साईड में कर दिया और मम्मी की चूत को देखने लगा और चूत पर थोड़े थोड़े झांट के बाल थे। उसने अपनी दो उंगलीयों से मम्मी की चूत को फैला दिया। मुझे बिल्कुल लाल चूत दिखने लगी और मम्मी सिसकियां लेने लगी। फिर उसने अपनी जीभ चूत पर लगाई और चाटने लगा। मम्मी आआहह करने लगी और अपने सर को इधर उधर करने लगी। मम्मी ने अपने हाथ पीछे की तरफ कर रखे थे। जिससे मम्मी के बूब्स और तन गये थे। मुझे अपनी ग़लती पर शरम आ रही थी कि आज मेरी ग़लतियों के कारण मेरी मम्मी इसके सामने टाँगे फैलाए हुये है।अब उसने मेरी मम्मी की पेंटी निकाल दी और फिर से मम्मी की नंगी चूत को चाटने लगा। अब वो मम्मी के ऊपर लेट गया और मम्मी के होंठो को चूमने लगा और अपने एक हाथ से अपना लंड मेरी मम्मी की चूत पर रख दिया और धक्का दिया और मेरी मम्मी की चूत में अपना लंड घुसा दिया और धीरे धीरे चोदने लगा। उसका पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था और मम्मी औहह इउईई ओफफफफ्फ़ कर रही थी और वो धीरे धीरे अपनी स्पीड बड़ा कर मेरी मम्मी को चोद रहा था। मम्मी दर्द से सिसकियाँ ले रही थी.. वो मम्मी को चोदते हुए कह रहा था कि भाभी तू बहुत गरम है सारे मोहल्ले के लड़के तुझे अपने बिस्तर पर ले जाना चाहते है। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तभी मम्मी ने कहा कि मुझे पता है फिर उसने कहा कि भाभी लेकिन में नहीं चाहता कि तू किसी और का बिस्तर गरम करे.. सिर्फ़ मुझसे चिपक कर रहो तो मम्मी ने कहा कि हाँ।तभी उसने एक ज़ोर का झटका दिया और ज़ोर से मेरी मम्मी को चोदने लगा। मम्मी भी चूतड़ उठा उठाकर उसका साथ देने लगी। दोनों पसीने से लथ पत हो गये थे.. फिर भी वो जोर जोर से चोदे जा रहा था। फिर उसने एक ज़ोर का झटका दिया और मेरी मम्मी के ऊपर लेट गया। उसने अपना वीर्य मेरी मम्मी की चूत में ही डाल दिया और थोड़ी देर तक वो ऐसे ही मम्मी के ऊपर लेटा रहा। फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और फिर 20 मिनट तक दोनों नंगे पड़े रहे और वो मेरी मम्मी के बूब्स को चूसता रहा। फिर मम्मी ने कहा कि अब में घर पर जा रही हूँ और वो खड़ी होकर जाने लगी और वो नंगा ही था। में जल्दी से दूसरे रूम में चला गया कि कहीं मम्मी ना देख ले।

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कुछ देर तक में बहुत चकित रहा ये सब देखकर और में मम्मी के जाने का इंतज़ार कर रहा था.. लेकिन वो आई नहीं और में फिर से देखने गया तो देखा कि मम्मी खड़ी है और राणा बेड पर बैठा हुआ है और मम्मी की पीठ उसकी साईड में है और उसने मम्मी की कुरती उठा दी और वो मम्मी की गांड के आस पास सूंघ रहा था। फिर उसने अपना एक हाथ आगे की तरफ कर दिया और मम्मी को कसकर पकड़ लिया और मम्मी की गांड के छेद में नाक डाल दी और सूंघने लगा। तभी मम्मी बार बार अपना हाथ पीछे करके उसे हटाने लगी.. लेकिन वो लगातार सूंघता रहा। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने मम्मी की सलवार उनकी जांघ तक कर दी मम्मी की पेंटी उनकी गांड में घुसी हुई थी और वो फिर से नाक डाल कर सूंघने लगा और उसने जीभ से चाट चाट कर मम्मी की पेंटी गीली कर दी।तभी उसने मम्मी की पेंटी को नीचे सरका दिया और मम्मी की गांड के छेद में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा। मम्मी आआआआ उईई माँ कर रही थी और अपनी गांड चटवा रही थी और मम्मी को बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने आज तक मेरी मम्मी को इस हालत में नहीं देखा था। मेरी आँखों के सामने एक आदमी मेरी मम्मी की गांड चाट रहा था। फिर वो मेरी मम्मी के पीछे आ गया और मम्मी झुक गयी मम्मी की सलवार उनके पैरो तक गिर गयी थी और उसने मेरी मम्मी की पेंटी को जांघो तक सरका दिया और पीछे से अपना लंड मेरी मम्मी की गांड में डाल दिया और मम्मी की गांड मारने लगा। तभी मम्मी आआआहह सस्स्सस्स औहह धीरे धीरे कर रही थी। मम्मी की सिसकियाँ मेरे कानो में अच्छे से सुनाई दे रही थी और वो मेरी मम्मी के चूतड़ सहलाता हुआ मेरी मम्मी की गांड मार रहा था।

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तभी थोड़ी देर बाद वो ज़ोर से मेरी मम्मी की गांड मारने लगा। मम्मी दर्द से चिल्ला रही थी और मुझसे मम्मी की ये हालत देखी नहीं जा रही थी.. लेकिन में क्या करता। तभी थोड़ी देर बाद उसने मम्मी के दोनों बूब्स को पकड़ कर जोर जोर से धक्के देने शुरू कर दिये और उसने अपनी स्पीड बड़ा दी। फिर कुछ और धक्के देने के बाद उसने अपना वीर्य मम्मी की गांड के छेद में गिरा दिया और फिर मम्मी ने अपनी सलवार ऊपर चड़ा ली। तभी में वापस दूसरे रूम में चला गया और फिर कुछ देर बाद मम्मी बाहर बाहर आ गयी और वो भी साथ में था। में चुपके से थोड़ा बाहर आ कर देखने लगा।तभी वो मम्मी को किस कर रहा था और कह रहा था कि भाभी आपके पति बेंगलोर गये है क्या आप इतने दिन रात भर मेरे साथ नहीं रह सकती है? तभी मम्मी ने कहा कि में देखूंगी.. लेकिन अगर मुझे मौका मिला तो पक्का आऊंगी और फिर वो चली गयी।फिर वो आया और मुझसे बातें करने लगा। ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उसने मुझसे पूछा कि देखा तूने.. मैंने कहा कि हाँ। फिर उसने मुझसे कहा कि देख तेरी मम्मी जवान है और उनको इन सब चीज़ो की ज़रूरत है और में तेरी मम्मी की मदद कर रहा हूँ.. उसने कहा कि तुम ये बातें किसी से मत कहना। फिर मैंने उससे कहा कि ठीक है और मैंने किसी को ये बात नहीं बताई।इस बात को दो साल हो गये है वो आज भी मेरी मम्मी को चोदता है। अब उसकी हिम्मत और बड़ गई है.. वो तो आजकल मौके की तलाश में रहता है और जब भी मौका मिला चुदाई शुरू। उसने कई बार मेरे घर पर भी आकर मेरी मम्मी को चोदा है और मैंने कई बार माँ की चुदाई होते देखी देखा है ।

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