चलते ट्रक में चुची चुसवा कर चुत चुदवाई – gandi khaniya – Hindi Sex Story

मैं राजेश, मैंने बहुत सी हिंदी सेक्स स्टोरी की किताबें पढ़ी हैं। मैं और मेरे दोस्त इमरान और जॉनसन ऐसी सेक्स स्टोरी की किताबें लाते हैं, जो हिंदी में होती हैं। हम सभी चोरी-छुपे इन किताबों को पढ़ते हैं। यह कहानी ऐसी ही एक किताब से है। मुझे उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी, तो कहानी पढ़िए और पानी निकालिए।
मोना और कपिल की शादी को दो महीने ही हुए थे। मोना ईसाई थी, उन दोनों की लव मैरिज हुई थी। कपिल 27 साल का था और मोना 25 की थी।
शादी के बाद कपिल का दिल ऑफिस की एक लड़की पर आया हुआ था, इसलिए मोना और कपिल में अब नहीं बन रही थी।
जब बन ही नहीं रही थी.. तो आपस में सेक्स का तो सवाल ही नहीं था।
वैसे मोना दिखने में बहुत सेक्सी थी उसकी बॉडी ऐसी दिखती थी मानो सेक्स की मूरत हो, एकदम सुडौल और भरी हुई। उसकी चुची भी एकदम भरी हुए और सख्त बिल्कुल सही आकार में थी, उसके चलने पर उसकी चुची देख कर यूं लगता था.. जैसे उसके शरीर पर रबड़ की दो बॉल्स थिरक रही हों।
मोना के बदन का रंग थोड़ा सांवला था। मोना जैसे हॉट बम को ठुकराने वाला शायद कोई कपिल जैसा पागल ही होगा।
मोना को अपने सुंदर बदन के बारे में पता था कि वो बहुत ही सेक्सी है। वो हमेशा सलवार-कमीज ही पहनती थी। मोना वास्तव में इतनी मदमस्त माल थी कि यदि कोई एक बार भी उसका नंगा शरीर देख ले, तो उसे तीन-चार बार चोद कर ही दम लेता।

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उन दोनों की यह अनबन कपिल के पेरेंट्स को पता थी। उन्होंने उन दोनों को जबरदस्ती मध्यप्रदेश के ट्रिप पर भेजा। उन्होंने सोचा कि उधर अकेले रहने से और सुंदर प्राकृतिक जगहों को देख कर हो सकता है थोड़ा बदलाव आ जाए। हालांकि कपिल इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था। उसका माल तो उसके ऑफिस में था।
मोना वैसे तो बहुत ही शरीफ़ और शर्मीले किस्म की लड़की थी। कपिल अपने पेरेंट्स की ख़ुशी के लिए मोना के साथ जाने को राजी हो गया।
ट्रिप वाले दिन उन्होंने अपनी तैयारी की और कार लेकर चल पड़े। रास्ते में छोटी-छोटी बातों पर उन दोनों में लड़ाइयां होना शुरू हो गईं। बाद में उन्होंने खाना खाने के लिए अपनी कार रास्ते में एक छोटे से होटल पर रोक दी। सामान गाड़ी में ही था।
दोनों ने होटल में खाना खाया और कार के पास आए, देखा तो गाड़ी से उनका सामान चोरी हो गया था। कपिल को बड़ा गुस्सा आया। उधर होटल में एक बूढ़ी मालकिन और दो नौकरों के सिवाए कोई नहीं था।
जब मोना और कपिल ने उस बूढ़ी औरत को सारी बात बताई तो बूढ़ी औरत को उन दोनों पर बहुत तरस आया।
वो मोना से बोली- कोई बात नहीं बेटी, मेरे पास कुछ पुराने कपड़े हैं। कुछ लोग गलती से छोड़ गए थे, तुम ये रख लो, तुम्हारे काम आएंगे।
मोना ने कपड़ों की पोटली ले ली और वे दोनों कार में बैठकर आगे चल दिए। बाद में रात होने की वजह से एक लॉज में रुक गए।
वहाँ आते ही कपिल ने पहले अपनी गर्लफ्रेंड को फोन किया तो पता चला कि उसकी शादी की बात हो रही है। तीन दिनों में यदि कपिल ने कुछ नहीं किया तो गड़बड़ हो जाएगी।
कपिल गुस्से से पागल हो उठा.. उसने सुबह ही वापस जाने का फ़ैसला कर लिया। उसने मोना को भी साफ़ तौर पर इसकी वजह बता दी।
मोना को कपिल पर बहुत ही गुस्सा आया, पर कपिल का जिद्दी स्वभाव उसे शुरूआत से ही पता था। घर चलकर कपिल के पेरेंट्स संभाल लेंगे, यह सोच कर उसने होटल से घर फोन करके उनको सारी बात बता दी।
कपिल के पेरेंट्स दुखी हो गए, वो बोले- मोना बेटी, तुम चिंता मत करो हम सब संभाल लेंगे।
मोना थोड़ी निश्चिन्त हो गई।
रात में कपिल को नींद नहीं आई, एक तो सामान आदि सब चोरी हो गया था, ऊपर से ये सब।
सुबह उठते ही उसने ब्रेकफास्ट मंगवाया। उस वक्त भी मोना और उसके बीच कहा-सुनी हो गई। गुस्से में कपिल ने टी-पॉट को पटक दिया, सारी चाय मोना के कपड़ों पर जा गिरी।
अब क्या करें.. एक तो कपड़े नहीं थे, जो थे, वो भी खराब कर दिए। मोना मन ही मन में कपिल को गालियाँ दे रही थी।
थोड़ी देर में कपिल का गुस्सा ठंडा हो गया, उसने मोना को बूढ़ी औरत के दिए कपड़े पहन कर तैयार होने को कहा। कपिल नहा कर आया.. फिर मोना नहाने के लिए गई। नहाने के बाद मोना ने बूढ़ी की दी हुई पोटली खोली, उसमें एक पुराने नीले कलर की पारदर्शी साड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज था। मोना को साड़ी पहनना पसंद नहीं था, तब भी मजबूरी में वो कपड़े पहनने लगी।
कपड़े पहने वक्त जल्दबाजी में उसकी ब्रा टॉयलेट में जा गिरी। आप लोग लॉज आदि की सफाई की स्थिति तो जानते ही हैं।
मोना ने इतने गंदे बाथरूम कभी नहीं देखे थे।

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जहा उनकि सर परक कि हुइ थि उधर पस्स हि कोने मे एक त्रुसक परकिनग किया हुअ था। उसमे दो लोग थे। कपिल वपस अया तो उसे वो तुसक दिखा। उसने त्रुसकवले को अवज दि उसमेसे से तकरिबन 68 साल के दो लोग उत्रे। वो दोनो भै थे। बदे का नाम चरन परसद था।बिलकुल शनत ओर अछसे सवभव का। लोगो कि मदद करने मे पेहले। दुसरे का नाम रनगा था वो उसका चचेरा भै था। एकदुम घतिया किसम का बदे भैसे उलता। शरब से शबाब तक सब बुरि अदते उसमे थि। बदा महतमा था तो चोता शैतन था। बदे भै कि वजह से उसकि शरब औरत अदते नहि चलति थि। फिर भि चोरि चुपे वो उसमे लगा रेहता था। कपिल ने चरनपरसद से पेत्रोल पुमप के बरे मे पुचा।उसे भि पता नहि था। कपिल ओर वो धबे वले से पुचने के लिये वपस गये। एधर मोना सरमे अकेलि थि। गरमि का मौसम था। सर का अस भि खरब हुअ था। मोअन ने उसे कोइ ना देखे इसलिये शिशे बनध रखे थे।
अनदर वो गरमे से ज़ुलस रहि थि। कपिल भि बहर बते कर रहा था। मोना थोदि देर सर से बहर अयि। उसे लगा कि कि त्रुसक मेसे उसे कोइ देख रहा हो। उसने देखा तो वो रनगा था। उमर करिबन 65 साल बुधा फिर भि हतकता शकल से दरवना और कमिना सिर पर बरिक सफ़ेद बाल। दधि भि थोदि बधि हुइ। मोना गरमि से परेशन हो गै थि। रनगा लगतर उसे देख रहा था।मोना को ये अचा नहि लगा। वो वहा अकेलि थि। बदन पेर त्रनपरेनत सरी ओर सेक्सी बलौसे पेहनके। मोना मन्न मे हि उस बुधिया को भि कोस रहोथि। मोना को पता था कि ये सोसतुमे दुसरे सरी बलौसे से बिक्कुल अलग है जानबुच कर चोते किये हुए। अपनि बोदी दिखने के लिये जैसे सल्लगिरलस होति है। तभि उसका पल्लु गरम हवा के ज़ोकेसे उदा ओर पासकि नुकिलि पौधोमे अतक गया। वो उसे चुदने कि कोशिश करने लगे। वो पसेनेसे लबलब हो चुकि थि। रनगा को यहि चहिये था। वो उसके सुदौल बदन को खुला देखना चहता था। अब मोना उसके समने सेक्सी बलौसे मे थि। उसका उपरि बदन लगभग खुला हि था। रनगा उसका पसिनेसे चिकना हुअ बदन देख रहा था। वो बहर अया ओर थोदा पास अकेर खदा हो गया। उपेर से निचे तक उसे देखने लगा। दीप नवेल खुला पेत बदे तिघत बूबस। मोना के निप्पलेस भि साफ़ ज़लक रहे थे। मोना ने पिचे मुदकर पल्लु निकल लिया उसकि ननगि पेथ रनगा ने देखि। मोना सर मे बैथ गयि। रनगा अब सर के पास अकेर शिशे से मोना के बूबस देखकेर अपनि जीभ होतो पेरसे फिरनवे लगा। इतने मे उसका भै और कपिल आगये। उनको देखकेर वो वपसस त्रुसक मे बैथ गया। कपिल ने सर चलु कि पेर वो सतरत नहि हुइ। चरन परसाद ने कपिल को कहा, आप चहे तो मैं अपको शेहर चोद देता हु।
मैं भि वहि जा रहा हु। कपिल को किसि भि हलत मे पहुनचना था। वो हा बोला। चरन परसाद अची नियत का अदमि था। रनगा उसकि नजरोमे सुधेरनेका धोनग करते हुए रेहता था। चरन को भि कि अदते पता थि पेर उसकि नजरोमे वो अब सुधर गया था। कपिल ने रनगा पेर धयन नहि दिया। सब त्रुसक मे बैथ गये। चरन परसाद के बजु मे कपिल बैथ गया। मोना उनके पिचे बैथ गयि। मोना क पिचे ,त्रुसक मे जो सोने के लिये जगह होति है रनगा उसपेर लेता हुअ था। उसने मोना के पेचे का परदा बनध किया ओर परदेके पिचे जकेर सो गया। शम को अनधेरा पदने पेर रनगा जग गया। कपिल मोना बैथे बैथे सो रहे थे। चरन परसाद त्रुसक चला रहा था। रनगकि त्ररफ़ मोना कि पेथ थि। त्रुसक कि सबिन मे अनधेरा होने किवजह से चरन का धयन नहि गया वैसे भि उसका पुरा धयन त्रुसक चलने मे था। कपिल गहरि निनध सो रहा था।

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रनगा ने परदे के कोने से हात बहर निकला ओर मोना कि पिथ को हलकेसे चुअ। मोना जाग गयि। पेर कुच नहि बोलि। रगा के दनो हाथ हरकत मे आगये वो मोना कि ननगि पिथको सेहलने लगा। मोना को कफ़ि गुस्सा अया पेर वो चुप बिति रहि।उसने सोचा कि अगेर उसने तमशा किया तो सरन रनगा को मार हि देगा और चरन के अछे सवभव के करन उनको लिफ़त मिलि थि। वो चुप चप बैथि रहि रनगा के सिरफ़ दोनो हाथ हि परदेके बहर थे।उसका हौसला बधा। उसने धरेसे दोना हाथ अगे मोना के पेत पेर सरका दिये। मोना का पल्लु गिर पदा। अब वो उसके पेत पेर हाथ फेरने लगा। उसकि दीप नवेल को सेहलने के बाद रनगा के हाथ मोना के बूबस पेर अगये। मोना के जिसम मे एक सुर्रेन दौद गया। उसनेसोचा अगेर कपिल बहेर सेक्स केर सकता है तो मैं एक बर इसका लुफ़थ कयोन ना उथौ? रनगा उनगलिया मोना के निप्पलेस पेर गोल गोल घुमा ने लगा।मोना पिचे खिसक केर बैथ गयि। रनगा ने परदेका कोना बजु करके मोना कि पिथ को चुमा। मोना के लिये ये एक नया अनुभव था। वो सपने भि नहि सोच सकति थि कि एक भुधा इतना सेक्सी हो सकता है। मोना चुकेसे परदेके अनदर सरक गये। उनदेर अतेहि रनगा ने उसे लिता दिया ओर उसका पेत नवेल चुमने लगा। उसने अपनि जीभ नवेल मे घुसा दि ओर चतने लगा। अब वो उपेर अया ओर मोना के होथ चुमने लगा। बाद मे गाल। फिर गला। अब रनगा मोअन के बूब को बलौसे के उपेर से हि चुमने लगा। मोना गरम हो गयि। उसने रनगा कि लुनगि क

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मोना ने हाथ हता देये रनगने बलौसे के हूकस खोले ओर उसके खदे निप्पलेस पेर तुत पदा। वो धिरे धिरे मोना के दोनो बल्लस चुस रहा था। उसने मोना का सया उपेर करके अपना सोसक उसकि चुत मे घुसा दिया। चुसते चुसते वो लुनद अगेपिचे करने लगा।मोना को शुमे तकलिफ़ हुए पेर बादमे मज़ा अने लागा। दोनोने दो बर पनि मरा। एक घनते ये सब चलता रहा। बाद मे मोना उथि कपदि दोनो पेहने। सुबह के 4 बजे थे। त्रुसक शेहर मे आचुका था। कपिल अब्बहि सो रहा था। उसका घर आने मे आधा घनता बाकि था। मोना बहर जने लगि रनगा ने वपस उस पकद लिया। ओर बोला अब अखोरि बर मुज़े तुमहरा दुध पिने दो मोना ने मना कपिल कि वजह से मना किया पेर रनगा जिद पेर अया।
मोना ने पल्लु हतकेर बलौसे के हूक खोले रनगा फिर से बल्ल चुसने लगा। मोना ने हाथ से उसका मुह सिनेसे हत्तनेकि कोशिश कि पेर रनगा ने उसके हथ पकद लिये। उसने मोना का पेत भि चुम लिया। मोनने बलौसे के बुत्तोन वपस लगा दिये ओर अगे अकेर बैथ गयि। चरन परसाद ओर कपिल को इस बात कि खबर भि नहि थि। कपिल का घर अनेपेर मोना ने उसे जगया। दोनो त्रुसकमेसे उतेर गये। त्रुसक निकल गया। रनगा चरन के बजुमे अकेर बैथ गया। चरन परसाद को मुह पोचता हुअ रनगा देखकेर कुच अजिब सा लगा। लेकिन शरब कि मेहेक नहि अयि इसलिये वो चुप रहा।

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