सेक्सी भाभी की प्यासी बहन | Sexy Bhabhi ki Pyasi behen

p>हैल्लो दोस्तों, में आप सभी का मित्र आकाश आज आप सभी सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालो को अपने जीवन के एक और सेक्स अनुभव को लेकर आपके सामने आया हूँ। दोस्तों में 21 साल का गठीले सुंदर गोरे बदन का लड़का हूँ और में सेक्स करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ और मुझे कहीं भी सेक्स करने का मौका मिले में उस मौके को कभी भी खाली नहीं जाने देता। दोस्तों यह उन दिनों की बात है, जब मेरे बड़े भैया जो मेरे ताऊ जी के लड़के है उनकी शादी हुई और जब पहली बार मेरी भाभी हमारे घर आई तब में तो उनकी सुंदरता को देखकर पागल ही हो गया। दोस्तों मेरी भाभी इतनी सुंदर थी कि मेरा मन अब करने लगा कि आज अपने भैया की जगह में खुद ही उनके साथ सुहागरात मना लूँ, लेकिन यह सब मुमकिन नहीं था। सच में दोस्तों मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी है और उसके बूब्स को अगर कोई एक बार देख ले तो वो पूरी दुनिया को भूलकर बस बूब्स को ही देखता रह जाएगा। दोस्तों मेरी भाभी के वो गोलमटोल आगे की तरफ बड़े हुए नोकदार बूब्स है, जिसको देखकर तो किसी नामर्द का भी लंड तुरंत बिजली के झटके के साथ खड़ा हो जाए और भाभी के वो सेक्सी बूब्स उनकी गोरी पतली सी कमर और 5.3 इंच की उनकी लम्बाई मेरी भाभी को और भी सेक्सी बम बना देती और वो दिखने में पूरी सेक्स की देवी की लगती है।

दोस्तों मेरी भाभी जब से हमारे घर आई थी तब से मेरे लंड का बड़ा बुरा हाल हो गया था और वो कभी भी सोया नहीं था और सारा दिन मेरा सात इंच का लंड हमेशा खड़ा रहने लगा था। अब मेरा सेक्स करने का बहुत मन करता था, में भाभी के सेक्सी गांड और बूब्स को देख देखकर मन ही मन मचलने लगा था। अब मेरा तो मन करता कि में अपनी भाभी को अभी पकड़कर उनकी चुदाई कर दूँ, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता था। फिर मैंने अपनी भाभी के पास जाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुझे कोई भी ऐसा मौका नहीं मिला, जिसका में फायदा उठाकर यह काम पूरा करूं। फिर ऐसे ही दिन निकलने लगे थे, मेरे ताऊ जी का घर हमारे घर के बिल्कुल पास ही था और अपने उस सेक्स के सपने को अपने मन में दबाए हुए ही में अपने दिन बिता रहा था। एक दिन मेरे मन की बात भगवान ने सुन ली और में उस दिन अपने कॉलेज से जब वापस अपने घर लौटा तो मैंने देखा कि मेरे भैया के घर एक बहुत ही ज़्यादा सुंदर भाभी से भी सेक्सी कुंवारी लड़की को मैंने देखा। फिर उसको देखकर ही मेरा तो लंड और भी ज्यादा उतावला हो गया। फिर में जल्दी से अपने काम खत्म करके में पहुंच गया अपनी ताई जी के घर। मैंने देखा कि उस समय मेरी भाभी भैया और वो लड़की भी बैठी हुई थी।

फिर कुछ देर के बाद मुझे पता चला कि वो सुंदर लड़की मेरी भाभी की बहन है। दोस्तों में आप सभी को क्या बताऊँ? दोस्तों वो लड़की बहुत बहुत मेरी भाभी से भी कहीं ज़्यादा हॉट सेक्सी लड़की थी, उसके होंठ एकदम गुलाबी सुंदर गोरा गोल चेहरा और उसके बूब्स बड़े ही टाइट भाभी की तरह गोलमटोल थे और उस लड़की ने जो सूट पहन रखा था। उसके बड़े गले से उसके दोनों गोरे बूब्स के बीच वाली लाइन बाहर से भी साफ दिखाई दे रही थी। दोस्तों यह सब देखकर मेरी तो नज़रें ही बस उस जगह पर अटक गई उसने बिना बाहं वाला सूट पहना था, जिससे उसकी सेक्सी बाहें साफ नजर आ रही थी। दोस्तों यह सब देखकर मेरी हालत बहुत खराब थी और अपने आपको संभालते हुए में अब भाभी और भैया से बात करने लगा। फिर भाभी ने उस लड़की के साथ मेरा परिचय करवाया, तब मुझे पता चला कि उस लड़की का नाम सोनिया था। दोस्तों में बहुत देर तक वहीं पर बैठा उन सभी से बातें करता रहा और मैंने जानबूझ कर उस दिन अपनी ट्यूशन को भी छोड़ दिया था। अब सोनिया मुझसे बहुत खुलकर बातें करने लगी थी और फिर मुझे पता चला कि वो अपने कॉलेज के पेपर देकर आई थी। उसकी अब एक महीने की छुट्टियाँ थी इसलिए वो यहाँ पर अपनी बड़ी बहन के पास 15-20 दिनों के लिए रहने आई थी।

फिर मेरी मम्मी ने मुझे आवाज़ लगा दी और में सोनिया को मेरे घर आने के लिए कहकर अपने घर चला गया। दोस्तों उस रात को तो में सो ही नहीं पाया, क्योंकि आज में अपनी भाभी के बूब्स और सोनिया के बूब्स दोनों को बड़ी अच्छी तरह से देख चुका था और उन दोनों के ही बूब्स बड़े सेक्सी थे। फिर उस रात को मैंने सोनिया के नाम की चार बार मुठ मारी, लेकिन फिर भी मेरा पेट नहीं भरा था। अगले दिन में जानबूझ कर अपने कॉलेज नहीं गया, मैंने अपने बीमार होने का मम्मी को झूठा बहाना लगा दिया और फिर सुबह होते ही में पहुंच गया ताई जी के घर। उस समय 8:30 का टाइम था। अब मैंने देखा कि मेरे ताऊ जी बाहर बैठे अखबार पढ़ रहे थे और मेरे भैया अभी सोए हुए थे और भाभी पूजा कर रही थी, लेकिन मेरी नज़र अब सोनिया को हर जगह ढूंड रही थी। फिर में अपनी ताई जी के पास ही बैठा बातें कर रहा था और थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि सोनिया ऊपर वाले कमरे से नीचे आ रही थी। दोस्तों अभी वो सोकर ही आई थी इसलिए उसने नाइट सूट पहन रखा था, एक पतली सी टीशर्ट और मैंने देखा कि उसने टीशर्ट के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी और उसकी उस पतली सी टीशर्ट होने की वजह से उसके दोनों बूब्स के निप्पल मुझे बाहर से ही साफ दिखाई दे रहे थे।

अब तो वो और भी ज़्यादा सेक्सी लग रही थी, मेरा मन कर रहा था कि उसी समय में उसकी टीशर्ट में अपना मुहं डालकर उसके दोनों बूब्स को बारी बारी से बहुत जमकर उनका रस चूस लूँ। में उनका सारा दूध पी जाऊं। अब मेरा लंड भी वो द्रश्य देखकर हरकत में आ गया था और वो लोहे की तरह अकड़कर खड़ा हो गया था और बहुत गरम भी हो गया था। फिर मैंने अपने लंड पर हाथ रखा हुआ था कहीं सभी को पता ना चल जाए और अब ना तो में खड़ा होने की हालत में था और ना ही बैठ सकता था। दोस्तों मैंने उस समय ट्राउज़र और एक लंबी टी-शर्ट पहनी थी और फिर मैंने तुरंत ही अपनी टी-शर्ट को बाहर निकाल लिया, जो पहले अंदर थी। दोस्तों वो सब मैंने इसलिए किया क्योंकि वो मेरा खड़ा लंड उसके नीचे आ गया और किसी को अब मेरा खड़ा लंड नजर नहीं आया। दोस्तों सोनिया ने जैसे ही मुझे देखा उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। अब वो मुझसे बोली गुड मॉर्निंग आकाश, मैंने भी उसको जवाब दे दिया, उसके बाद वो मुहं हाथ धोने और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर बाद वो वापस आ गई।

अब मैंने देखा कि वो बहुत गीली हो चुकी थी, क्योंकि वो पानी से अपने मुहं हाथ धोकर आई थी इसलिए पानी अब उसकी टी-शर्ट के ऊपर बूब्स वाली जगह पर भी पड़ गया था, इसलिए अब मुझे उसके बूब्स का वो हिस्सा साफ नज़र आ रहा था। दोस्तों मेरी नज़र उसके बूब्स पर गई और में कुछ देर उसके बूब्स को देखता ही रहा और उसके बाद मैंने ऊपर देखा, तब वो मेरी तरफ ही देख रही थी। अब वो मुझसे बोली क्यों क्या हुआ आकाश? मैंने बोला कि कुछ नहीं। फिर वो मेरे पास आ गई और उसी समय मेरे ताऊ जी नहाने के लिए चले गये और वो मेरे पास आकर बैठ गई, बहुत देर तक हम दोनों इधर उधर की बातें हंसी मजाक करते रहे और बातों ही बातों में कॉलेज की बातें चल पड़ी।

दोस्तों वो बहुत ही चालाक समझदार थी, इसलिए उसने तुरंत ही मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ लिया। फिर मैंने उसको साफ मना कर दिया किया कि मेरी अभी तक कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है और जब मैंने उसको उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, तब उसने भी मुझसे मना कर दिया और वो मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगी कि अभी मुझे कोई मिला ही नहीं, में वैसे ढूंढ रही हूँ और बहुत देर इस तरह की बात हमारे बीच चली। फिर उसके बाद में अपने घर चला गया और उसने मुझसे वादा किया कि वो मेरे घर ज़रूर आएगी।

दोस्तों मेरी मम्मी को आज सत्संग सुनने के लिए कहीं जाना था, इसलिए मम्मी ने मुझे ग्यारह बजे ही खाना खिला दिया और वो चली गई और मेरे पापा भी अपने ऑफिस जा चुके थे। दोस्तों में अक्सर जब भी मेरे घर में कोई नहीं होता तो में कोई भी सेक्सी फिल्म लगाकर मुठ मारता था। फिर मैंने वैसे ही किया। मैंने एक सीडी लगाई और में फिल्म देखने लगा था। फिर अभी कुछ देर ही हुई थी कि बाहर से किसी ने दरवाजे की घंटी को बजा दिया और मैंने जल्दी में सीडी बंद नहीं किया, मैंने बस टीवी को रिमोट से ही बंद कर दिया और फिर में उस कमरे से बाहर आ गया। अब मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो देखता ही रह गया, क्योंकि उस समय मेरे सामने सोनिया खड़ी हुई थी, उस समय तो में शॉर्ट्स और बनियान में ही था और हमेशा जिम जानने की वजह से मेरे शरीर की बनावट बहुत ही अच्छी थी। अब वो भी मेरे गोरे गठीले बदन को चकित होकर देखती ही रह गई और फिर में उसको अपने साथ अंदर ले आया, सबसे पहले मैंने उसको अपना सारा घर दिखाया और फिर हम कमरे में जाकर बैठ गये। फिर उसने मेरे गठीले बदन की तारीफ करना शुरू किया और मैंने उसको धन्यवाद कहा और उसके बाद में उसके लिए जूस बनाने के लिए रसोई में चला गया।

फिर उसने मेरे जाने के बाद टीवी को चालू किया और वो सीडी अपने आप ही चल पड़ी और वो तो बस उसको देखती ही रह गई। दोस्तों में तो उस समय रसोई में ही था, वो चोरी चोरी उस फिल्म को देख रही थी और मेरे आने की आहट पर उसने तुरंत ही टीवी को वापस बंद कर दिया। दोस्तों मुझे उसने बिल्कुल भी एहसास ही नहीं होने दिया कि उसने कुछ देखा भी है और फिर हम दोनों बैठकर बहुत देर तक बातें ही करते रहे। अब मुझे लगा कि वो शायद बोर हो रही है इसलिए मैंने टीवी को चलाने का विचार बनाए, मैंने सबसे पहले सीडी को बंद किया और केबल को चलाने लगा। दोस्तों उसको भी मेरी तरह इंग्लीश फिल्म बहुत पसंद थी। मैंने देखा कि एक चेनल पर एक इंग्लीश फिल्म आ रही थी, हम दोनों उसको देखने लगे और थोड़ी ही देर के बाद उसमे एक सेक्सी द्रश्य आ गया। अब मुझे उसके साथ बैठकर वो द्रश्य देखते हुए थोड़ी सी शरम सी आ रही थी और वो भी देखकर मन ही मन में हंस रही थी। अब मैंने उसकी तरफ और उसने मेरी तरफ देखा हम दोनों की आंखे दो और दो चार हो गई। अब वो ज़ोर से हंस पड़ी और में भी उसको देखकर मुस्कुरा गया।

दोस्तों हम दोनों उस समय सोफे पर बैठे थे, वो ज़ोर ज़ोर से हंस पड़ी और उसी समय वो मुझसे कहने लगी तुम बहुत गंदे हो आकाश और वो दोबारा से हंस पड़ी, लेकिन मुझे बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा था। दोस्तों वो 20-21 साल की थी, इसलिए उसमे जवानी की मस्ती भरी पड़ी थी और वो ज़ोर से बार बार कहने लगी तुम बहुत गंदे हो गंदे हो और हंस रही थी। फिर मैंने उसको पूछा कि वो कैसे? तब वो कहने लगी कि में नहीं बता सकती। अब मैंने उसको कहा बताओ ना, लेकिन वो जैसे मुझसे चिढ़ाते हुए भाग पड़ी और हम दोनों तो जैसे खेलने लगे थे, वो भाग रही थी में उसको पूछ रहा था बता दो बता दो और वो आगे भाग रही थी और कह रही थी नहीं बताउंगी। फिर मैंने जब कुछ देर बाद पीछे दौड़ते हुए उसको पकड़ लिया और मैंने उसका अभी तो बस एक हाथ ही पकड़ा था और में उसको बोला बताओ वो क्या बात है। फिर वो अब भी हंस पड़ी और बोलने लगी में नहीं बताउंगी में वो बात सभी को बताउंगी। फिर मेरे ज़ोर डालने पर उसने मुझसे बोल दिया कि तुम चोरी चोरी सीडी पर सेक्सी फिल्म देखते हो।

दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरे तो एक बार तोते उड़ गये और जब मैंने उसको पूछा कि तुम्हे कैसे पता चला? थोड़ी देर के बाद उसने मुझे बता दिया कि मैंने तेरे जाने के बाद टीवी को चालू कर लिया था। अब मेरे तो यह बात सुनकर माथे पर पसीना आ गया और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम इतना डर क्यों गये? में किसी को नहीं बताने वाली तुम्हे इतना डरने की जरूरत नहीं है। अब हम दोनों सोफे पर बैठ गये, लेकिन अब हम दोनों एकदम पास चिपककर बैठे हुए थे और वो थोड़ी देर के बाद दोबारा से हंसने लगी और आख़िर में उसने मुझसे कहा कि चलो आज हम दोनों ही एक साथ बैठकर वो फिल्म देखते है मुझे भी वो देखनी है, क्योंकि मेरी सभी सहेलियों ने वो फिल्मे बहुत देखी है, लेकिन में अब तक देख नहीं सकी, प्लीज एक बार मुझे भी तुम दिखा दो। दोस्तों मैंने पहले तो उसको मना किया, लेकिन फिर उसके बार बार ज़ोर डालने पर मैंने सीडी को चालू कर दिया और जब उस फिल्म में सेक्सी सेक्सी द्रश्य आने लगे तब उसको भी सेक्स चढ़ने लगा और मुझे भी जोश आने लगा था। फिर में मौका देखकर थोड़ा सा उसके साथ चिपककर बैठ गया और उसके बाद धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया, लेकिन उसने मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं किया।

फिर उसके बाद मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, उसने मेरी तरफ देखा और फिर दोबारा फिल्म देखने लगी। अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा था और उसकी तरफ से विरोध ना देखकर मैंने अपना दूसरा हाथ भी उसके दूसरे बूब्स पर रख दिया और में मसलने लगा, में लगातार अब उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो भी मस्त सी हो रही थी। अब मैंने मौका देखकर धीरे से उसके गालो पर चूम लिया और फिर अपने होंठो को मैंने उसके गरम गुलाबी रसभरे होंठो पर रख दिए। दोस्तों इतना सब होने की वजह से वो भी बहुत गरम हो चुकी थी और उसने भी मेरा पूरा साथ देना शुरू किया और हम दोनों होंठो को चूमने लगे। उसने मुझे और मैंने उसको बहुत जमकर चूसा और मेरे होंठ पर उसने काट भी दिया था। अब में नीचे से उसके बूस को मालिश कर रहा था, उसके बाद मैंने धीरे से अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया और फिर मैंने उसका टाइट सूट ऊपर से उतार दिया। अब मैंने देखा कि उसके गोरे गोरे सेक्सी बूब्स गुलाबी रंग की ब्रा के अंदर से ऐसे लग रहे थे कि जैसे कि वो मुझसे कह रहे हो जल्दी आ जा आकाश हमें आज़ाद कर दे और हमे बहुत जमकर चूस। अब मैंने वैसा ही किया। मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसके बूब्स पर में टूट पड़ा और मज़े से उसके बूब्स को चूस रहा था और वो गरम हो रही थी।

फिर मैंने अपने हाथ से उसकी पटियाला सलवार को खोल दिया। मैंने देखा कि उसने गुलाबी रंग की पेटी पहनी थी। मुझे पेंटी बहुत पसंद है वो सब देखकर मेरा लंड नाचने लगा था। अब मैंने उसकी पेंटी को फाड़ दिया और अपना हाथ सीधा मैंने उसकी चूत पर कर दिया और फिर सोनिया ने अपनी चूत के बालों के बाल साफ कर रखे थे। उसकी लाल रंग की चूत पर मैंने अपनी एक ऊँगली को डाल दिया और सोनिया ने आहहहह ऊहह्ह्ह्ह की आवाज़ निकाली। फिर में अपनी ऊँगली को कभी अंदर और बाहर निकलने लगा, वो सेक्स की वजह से पागल हो रही थी। लगातार उसके मुहं से सेक्सी सेक्सी आहे भर रही थी उम्म्म्मम आहह्ह्ह। फिर मैंने जब उसके निप्पल और बूब्स को बहुत जमकर चूस लिए उसके बाद मैंने अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और उसने भी मेरे लंड को चूसना शुरू किया। चूसते चूसते वो मेरी तरफ देख रही थी और उसकी आँखों की चमक बहुत बढ़ चुकी थी, उसकी आँखों से मुझे पता चल रहा था कि वो बहुत खुश थी, क्योंकि उसको मेरे सात इंच के लंड का स्वाद मिल रहा था। अब मुझे उसकी हरकतों से पता लग गया था कि उसने पहले भी अपनी चूत को किसी से चुदवा रखी थी, इसलिए वो तो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह मेरे लंड को हाथ में पकड़कर चूसने लगा रही थी और वो उम्म्म्मम ऊऊऊऊओ करके हंस रही थी।

अब वो तो अपने आप ही मेरे लंड को अपने मुहं के अंदर पूरा उतार देना चाहती थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मुझे इतना मस्त मज़ा आ रहा था कि आनंद मज़े की वजह से मेरी आखें बंद हो रही थी। अब मेरे भी मुहं से आअहह निकल रही थी। मैंने अपने लंड को उसके मुहं से निकाल लिया और उसके बाद में सोफे के नीचे फर्श पर अपने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत को चूसना शुरू किया। अब में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डालकर बहुत मस्त चूस रहा था। उसने अपने हाथ मेरे कंधो रखे हुए थे उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब उसका चूत रस मेरे मुहं में आ रहा था। उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी, लेकिन दोस्तों मैंने इतनी लाल चूत पहली बार देखी थी। उसके बूब्स के निप्पल भी लाल रंग के थे और दूध की बोतल की तरह उसके निप्पल बाहर निकले हुए थे। फिर उसकी चूत के दाने को भी मैंने बहुत चूसा और उसका दाना गरम हो गया था। अब मैंने उसको सोफे पर बैठाकर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और अपने लोहे की तरह तने हुए लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा था। अब मैंने अपना लंड उसकी रेशम जैसी मुलायम चूत में डालना शुरू किया, जिसकी वजह से एक बार उसने ज़ोर से चीख मारी और अपने हाथ से उसने अपने पास पड़ा अपना रुमाल अपने मुहं पर रख लिया।

फिर मैंने जब दो तीन धक्के मारे तो वो भी तब तक सेट हो गई। में जब थोड़ा ज़ोर से धक्के मारता तो वो दर्द को महसूस करती। फिर मैंने थोड़ी देर धीरे किया और उसके बाद जब उसको मज़ा आने लगा तो तब में भी थोड़ा और तेज होने लगा था, वो भी अब मेरा साथ देने लगी थी और मेरी नज़रो से नज़र मिलाकर हंस पड़ी और वो बोल रही थी में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आकाश धीरे मत करो, प्लीज लगातार ही करते रहो। अब मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मेरे धक्के लगातार बिना रुके ज़ोर ज़ोर से जारी थे। अब में सोफे पर बैठ गया और वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई। वो अपने आपको ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदवा रही थी और उस समय उसके कूल्हों की हरकत देखने वाली थी। उसके गोरे गोरे चूतड़ बहुत पागल कर देने वाले थे। दोस्तों उसके कूल्हे बहुत समय लगाकर भगवान ने तैयार किए होंगे, ऐसा लग रहा था। अब वो बड़ी ज़ोर से कभी ऊपर और कभी नीचे होकर धक्के मार रही थी। फिर जब वो थक गई तो तब मैंने उसको सोफे पर ही कुतिया बना लिया अब में पीछे से लग गया और धक्के मारने लगा था। फिर जब धक्के पड़ते तो उसके कूल्हों से ठप ठप ठप की आवाज़ निकल रही थी और पहले तो कुछ देर उसके कूल्हों पर अपने हाथ को रखकर पीछे से धक्के देकर मैंने उसको बहुत जमकर चोदा।

फिर कुछ देर बाद में पीछे से हाथ डालकर सोनिया के बूब्स को मसलने लगा था और कभी उसकी पीठ पर उसकी गर्दन पर भी चूमने लगा और एक बार तो मैंने उसके बाल ही पकड़ लिए थे, जिसकी वजह से मुझे वो बहुत मज़े देकर अपनी चूत दे रही थी। मुझे उसका जोश देखकर ऐसा लग रहा कि जैसे वो बहुत दिनों से चुदाई भूखी हो। दोस्तों उसके जिस्म का हर एक अंग ऊँची कंपनी का लग रहा था और अब मेरा लंड झड़ने वाला था। अब मैंने उसको कहा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालने को कहा। फिर उसी समय वो मुझसे कहने लगी कि नहीं तुम इसको बाहर मत निकालना, तुम ऐसे ही धक्के देकर करते रहो। फिर मैंने उसको बोला कि मेरा लंड अब किसी भी समय झड़ जाएगा, लेकिन वो नहीं मानी और आख़िर में मैंने उसकी चूत में ही अपने आखरी ज़ोर ज़ोर से पांच धक्के ऐसे मारे कि उसकी चूत के अंदर ही मैंने अपना सारा वीर्य निकाल दिया। दोस्तों वो तो अब भी मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकलवाना नहीं चाहती थी, लेकिन दोस्तों आप सभी को तो पता है कि काम पूरा हो जाने के बाद एक बार लंड को चूत से बाहर निकालना हमारी मजबूरी है।

फिर कुछ देर बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया और अपना गीला लंड मैंने उसके मुहं से अपने को उसकी जीभ से साफ करवाया, वो लंड से हटती तो मेरे जिस्म से खेलने लगी और मुझे लगातार चूम रही थी और में भी बहुत देर उसको प्यार करता रहा। अब मैंने सोनिया के ना चाहते हुए भी सोनिया को कपड़े डलवाए और उसको घर पर भेज दिया, लेकिन जाते हुए भी वो बोल गई तुम बहुत सेक्सी हो। एक तुम ही हो जिसको में अब तक ढूंड रही थी, मुझे तुम्हारे साथ यह सब करके बड़ा मज़ा आया और में तुम्हारे साथ दोबारा भी यह खेल जरुर खेलना चाहती हूँ ।।

धन्यवाद …

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