लेस्बियन लड़कियों के साथ चुदाई का अनुभव

Ladki ki chudai

Ladki ki chudai – >हैल्लो दोस्तों, आज में आप सभी गंदीकहानियाँ डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालो की सेवा में अपनी एक बहुत ही मस्त मनोरंजन से भरपूर चुदाई की घटना को लेकर हाजिर हुआ हूँ। इस कहानी में आज में बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने दो कुंवारी चुदाई के लिए तरस रही लड़कियों की एक साथ बारी बारी से चुदाई करके उन दोनों को खुश किया। अब में आप सभी को ज्यादा बोर ना करते हुए पूरी तरह विस्तार से सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों यह बात आज से करीब आठ महीने पहले की है, हमारी सोसाईटी में बहुत सी हॉट सेक्सी लड़कियाँ रहती है और वो सभी जवान होने के साथ साथ बहुत ही सुंदर भी है। दोस्तों इसलिए उन लड़कियों को देखकर हमेशा मेरा तो मन ही डोल जाता था। फिर में उन लड़कियों को हमेशा बहुत ही चकित होकर घूरकर देखा करता था और वैसे भी में तो बचपन से ही चूत का बहुत बड़ा दीवाना पागल हूँ, लेकिन मुझे एक बार मेरी अच्छी किस्मत से एक साथ एक ऐसे कामुक जोड़े को चोदने का मौका मिला। दोस्तों उन दिनों हमारी सोसाईटी में दो लड़कियाँ ट्यूशन पढ़ने आया करती थी और वो दोनों सोसाईटी में हर कभी मौका पाकर छत पर जाकर एक दूसरे को चूमने प्यार करने लगती थी। दोस्तों ऐसा उन दोनों ने कई बार किया और उन्हे यह सब हरकते करते हुए एक बार मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त ने देख लिया था और उसने मुझे पूरी तरह विस्तार से वो सब बता दिया।
फिर मैंने तभी उसी दिन से अपने मन में ठान ही लिया था कि में उन दोनों को ज़रूर एक बार चोदकर रहूँगा और वो भी एक साथ और एक ही बिस्तर पर, में अपने मन में इस काम को करने का पक्का निर्णय कर चुका था। फिर अगली बार जब भी वो दोनों सोसाईटी में आती उसके बाद से में उन दोनों को लाइन देने लगा था, लेकिन मुझे उनकी तरफ से कोई भी जवाब नहीं मिला। फिर में कुछ समय उन दोनों के पीछे हाथ धोकर पड़ गया और पूरे एक सप्ताह के बाद मैंने उनसे बात करने की कोशिश की और में उनके पास चला गया। अब मैंने उनको हाय कहा और उसी समय उन दोनों ने मुझसे अपना जवाब देकर कहा कि हम दोनों आपसे बात नहीं करना चाहते है। फिर उसी समय मैंने उनको साफ साफ कह दिया कि यह तुम्हारे फायदे की बात है, तब उन्होंने कहा कि हाँ जल्दी से बक और मैंने सबसे पहले उन दोनों से उनका नाम पूछा, तब मुझे पता चला कि एक लड़की का नाम रीना था और दूसरी का नाम पल्लवी था। अब मैंने उनको कहा कि में बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ कि तुम दोनों ऊपर छत पर जाकर कैसी कैसी गंदी हरकते करती हो? और मुझे तुम दोनों के घर भी अच्छी तरह से पता चल गये है। अब उन्होंने कहा कि तुम्हारा कहने का क्या मतलब है?
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फिर मैंने कहा कि तुम दोनों अब ज़्यादा भोली मत बनो में अच्छे से जानता हूँ कि तुम मेरी बातों का मतलब समझ चुकी हो और अब मैंने हिम्मत करके उनको पूरी तरह खुलकर कहा कि जब तुम वो सब मज़े करती हो तो क्या तुम्हे लंड की ज़रूरत महसूस नहीं होती? अब वो दोनों मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम चुप हो गयी और शांत होकर ऐसे खड़ी रही, जैसे उन दोनों को कोई सांप सूंघ गया हो। फिर मैंने उनको दिलासा देते हुए कहा कि तुम घबराओ मत आखिर में तुम्हारी समस्या को अच्छे से समझ सकता हूँ क्योंकि तुम दोनों पूरी तरह से जवान हो चुकी हो और इस उम्र में हर कोई कुछ ना कुछ जरुर करता है और मुझे भी इन सभी कामों का बहुत अच्छा अनुभव भी है। अब उन दोनों में से एक ने मुझसे पूछा कि तुम हम दोनों से क्या चाहते हो? तभी मैंने उनको कह दिया कि में भी तुम दोनों के साथ मिलकर मज़े मस्ती करना चाहता हूँ। फिर उन दोनों ने मुझसे तोड़ा दूर जाकर पहले एक दूसरे से धीरे से बात करने के बाद वापस मेरे पास आकर मुझे अपना फेसला सुनाते हुए कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन किसी के साथ कोई भी किसी भी तरह की ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं होनी चाहिए।
अब मैंने उनका वो जवाब सुनकर खुश होकर उनको कहा कि तुम एक बार मुझे आजमाकर तो देखो तुम्हे मुझसे कभी किसी भी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। तुम दोनों मेरे साथ बहुत खुश होकर बड़े मज़े मस्ती करोगी। फिर मैंने उन दोनों से उनका फोन नंबर ले लिया और उनसे बात करके में वहाँ से चला गया और में अब उन्हे हर दिन फोन करने लगा था और रात को वो भी मुझे फोन करती थी। अब में उन दोनों के साथ सेक्सी बातें भी करने लगा था और हम वो बातें करते हुए बहुत गरम हो जाते थे, लेकिन कुछ भी कहो मुझे उनके साथ बातें करने में बड़ा मज़ा आने लगा था और इसलिए मेरे अंदर की वो आग धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी और ठीक वैसा ही हाल मैंने उन दोनों का भी कर दिया था। फिर कुछ दिनों के बाद उन्होंने मुझे अपने घर पर बुला लिया, क्योंकि उस दिन उनके घर में कोई भी नहीं था और में उनके घर पर पहुँचा तब मुझे पता चला कि उनका घर बहुत ही शानदार था। फिर उन दोनों ने मेरा बड़ी अच्छी तरह से स्वागत किया। अंदर आने को कहा सोफे पर बैठाकर चाय नाश्ता करवाया और फिर कुछ देर बाद वो मुझसे कहने लगी कि आज हम दोनों तुझे आजमाना चाहती है इसलिए हमने तुम्हे आज यहाँ पर बुलाया है।
अब मैंने उनके मुहं से वो बात सुनकर खुश होकर कहा कि हाँ फिर देर किस बात कि मेडम लो ना आप मेरा इम्तिहान, में तो ना जाने कब से अपनी इस परीक्षा को देने के लिए तैयार बैठा हूँ। फिर उन्होंने कहा कि हाँ ठीक है, चलो आज तुम हम दोनों को अपना अनुभव दिखाओ जिसकी वजह से हम खुश हो जाए और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम यहीं पर बैठे रहो उठने की कोशिश बिल्कुल भी मत करना। अब वो दोनों मेरे सामने एक दूसरे को चूमने लगी एक दूसरे के बदन को सहलने लगी और वो सब देखकर मेरे दिल में इच्छा होने लगी कि में भी उनके बीच में जाकर मज़े लूँ, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया और में उसी जगह पर वैसे ही बैठा रहा और उनका खेल देखता रहा। अब वो दोनों एक दूसरे को लगातार चूमे जा रही थी और थोड़ी ही देर के बाद उन्होंने एक दूसरे के कपड़ो को उतार दिया और ऊपर से कपड़े खुलने के बाद ब्रा भी उन दोनों ने उतार फेंका और अब वो मेरे सामने एक दूसरे के बूब्स को बड़ी अच्छी तरह जोश में आकर दबाने सहलाने लगी थी। दोस्तों मैंने अपनी चकित आँखों से देखा कि उन दोनों के बूब्स बहुत अच्छे आकार के एकदम गोलमटोल थे और उन दोनों के बूब्स बड़े आकार के होने के साथ ही बहुत ही चिकने उनके निप्पल एकदम तने हुए थे और इतना सब अपनी आँखों से देखने के बाद मेरा तो लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा हो चुका था।
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अब मैंने भी अपनी शर्ट को बैठे बैठे ही उतार दिया और देखा कि वो दोनों कभी एक दूसरे को चूमती तो कभी बूब्स को दबाने लगती और कभी एक दूसरे से लिपटकर एक दूसरे के बूब्स को बूब्स से दबाने रगड़ने लगती। फिर वो दोनों इतना सब करने के बाद अब पूरी तरह से नंगी हो चुकी और अब वो एक दूसरे की गोरी चिकनी चूत पर अपने हाथ फेरने लगी थी और वो दोनों यह करते हुए सिसकियाँ भी लेने लगी थी और फिर वो वहां से बेडरूम की तरफ चली गई और में भी कुछ देर तक जब वो वापस नहीं आई उनके पीछे पीछे वहीं उसी कमरे में चला गया। अब में दोबारा अपनी आँखों को पूरा खोलकर उन दोनों का वो तमाशा देखने लगा था और अब भी वो दोनों एक दूसरे में पूरी तरह से खोई हुई थी, लेकिन में वैसे ही अब भी चुपचाप देख रहा था। फिर मैंने भी अपनी पेंट को उतार दिया था और अब मेरा लंड पूरी तरह से तनकर तैयार हो चुका था, मैंने जोश में आकर अपना अंडरवियर भी उतार दिया था। अब में अपने लंड को अपने एक हाथ से सहलाने लगा था। उसी समय रीना ने पल्लवी को बेड पर लेटा दिया और वो उसकी कामुक गीली चूत को अपनी जीभ से चूसने चाटने लगी थी, जिसकी वजह से पल्लवी गरम होकर पूरी तरह से छटपटा रही थी और वो लगातार सिसकियाँ ले रही थी। दोस्तों ये कहानी आप गंदीकहानियाँ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
दोस्तों उस समय रीना की कुंवारी गरम चूत ठीक मेरे सामने थी। मुझसे अब रुका नहीं गया और में धीरे धीरे रीना के पीछे जाकर खड़ा हो गया और फिर मैंने रीना की रसीली नमकीन चूत पर अपनी जीभ को रख दिया, मेरी जीभ का पहला स्पर्श अपनी चूत पर महसूस करके रीना एकदम से मछली की तरह छटपटा गयी। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों कूल्हों को अच्छी तरह से पकड़ लिए और अब में भी उसकी गरम चूत को अपनी जीभ से चाटकर चूसकर ज्यादा गरम करने लगा। अब रीना भी बीच बीच में सिसकियाँ लेने लगी थी और उस समय रीना पल्लवी की चूत को चाट रही थी और में रीना की चूत को चूसकर मज़े ले रहा था। फिर कुछ ही देर में रीना ने पल्लवी की चूत का पानी निकालकर ठंडा दिया और इधर रीना भी ठंडी होने वाली थी, क्योंकि रीना अब बहुत तेज तेज सिसकियाँ ले रही थी और फिर वो एकदम से झड़ गयी। फिर मैंने चूसकर चाटकर रीना का सारा चूत रस पी लिया, अब मेरे लंड की भी बड़ी बुरी हालत हो चुकी थी और अब उन दोनों को मेरा लंड चाहिए था, लेकिन उन्होंने मुझे पलंग पर लेटने के लिए कहा तो में सीधा होकर पलंग पर लेट गया। अब वो दोनों मेरे आपस में आ गयी और रीना ने मेरे होंठो पर होंठ रख दिए और वो मेरे होंठो के मज़े लेने लगी।
दोस्तों उस समय मेरी तो आप पूछो मत क्या हालत हो रही थी? में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता, उस समय में तो जन्नत में पहुँच गया था। अब नीचे से पल्लवी मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी थी, अपने साथ इतना सब होने की वजह से में बहुत ही ज़्यादा गरम हो गया था और में रीना को ज़ोर ज़ोर के चूमने उसके होंठो के मज़े लेने लगा था। दोस्तों उधर दूसरी तरफ पल्लवी मेरा लंड बड़े मज़े से चूसे जा रही थी, जिसकी वजह से में पागल हुआ जा रहा था। फिर कुछ देर बाद रीना ने कहा कि अब में भी इसका लंड चूसना चाहती हूँ और पल्लवी ने मेरे मुहं के पास आकर अपनी चूत को मेरे मुहं पर रख दिया और रीना मेरे लंड को चूसने लगी। अब में एकदम पागलों की तरह रीना की चूत को अपनी जीभ से चाट रहा था और उधर रीना मेरा लंड चूस रही थी और कुछ देर बाद पल्लवी भी झड़ गई। दोस्तों एक बात तो कहनी पड़ेगी लड़कियाँ सच में लड़को के मुक़ाबले बहुत जल्दी झड़कर ठंडी हो जाती है और दो तीन मिनट के बाद में भी झड़ गया। अब हम तीनों पलंद पर ठंडे होकर लेट गये और में जोश की वजह से बहुत ही ज़्यादा लाल हो गया था, उस कमरे में ए. सी. चालू था, लेकिन फिर भी मुझे बड़ी गरमी लग रही थी और करीब पांच मिनट के बाद में बहुत अच्छा शांत महसूस कर रहा था।
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अब एक बार फिर से पल्लवी नीचे मेरे लंड को सहलाने लगी थी और रीना मेरे साथ में चिपककर मेरे चिकने गरम बदन को चूमने के साथ प्यार कर रही थी। अब मैंने रीना को अपनी तरह खींचा और उसको अच्छी तरह से जकड़ लिया, उसके बाद मैंने दोबारा से उसके जिस्म को चूमना शुरू कर दिया और में उसके बूब्स को भी चूसने लगा था, उसके बूब्स बहुत ही मस्त थे, जिसके दोनों निप्पल तने हुए थे। अब मेरा लंड दोबारा इतना सब होने की वजह से खड़ा होना शुरू हो गया था। लंड जोश में आकर तनकर खड़ा हो चुका था। फिर अचानक से यह बदलाव रीना ने देखा और उसने झपटकर मेरे लंड को अपने मुहं में गप से अंदर डाल लिया। दोस्तों उसके मुहं से गर्मी लेकर मेरा लंड एक बार फिर से तन गया, में इस बार उन दोनों की चूत को मारना चाहता था और मैंने रीना से कहा कि प्लीज मुझे अब तुम्हारी चूत मारनी है। अब रीना ने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन हम दोनों की चूत तुम्हे बराबरी से मारनी होगी, हम दोनों को यह मज़ा आना चाहिए। फिर मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है में इस काम को पूरा करने की कोशिश जरुर करूँगा और अब मैंने रीना और पल्लवी को एक साथ लेटा दिया और सबसे पहले में रीना के ही ऊपर चड़ गया।
अब मैंने अपने लंड को रीना की सेक्सी चूत के मुहं पर रख दिया और हल्का सा धक्का दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड बड़ी ही आसानी से उसकी चूत के अंदर चला गया। फिर अपना आधा लंड उसकी चूत के अंदर जाने के बाद में रुक गया, शायद उसकी चूत कुंवारी थी और उसकी सील नहीं टूटी थी, इसलिए वो इतनी कसी हुई थी। अब मैंने ज़ोर का धक्का लगा दिया और मेरा पूरा लंड चूत के अंदर चला गया, दर्द की वजह से रीना चिल्लाने लगी। फिर मैंने पल्लवी से कहा कि मुहं बंद कर दे और वो रीना को चूमने अपनी जीभ को उसकी जीभ में डालने लगी थी, इसकी वजह से रीना के मुहं से वो आवाज़ें अब बाहर नहीं आ रही थी। अब पल्लवी अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी। मैंने पल्लवी के बूब्स पकड़ लिए और में उन दोनों को लगातार दबाने लगा था, जिसकी वजह से पल्लवी भी बहुत ज़्यादा गरम हो रही थी, क्योंकि उसके बूब्स भी कमाल के थे। अब में लगातार धक्के पे धक्के दे रहा था और अचानक ही रीना का शरीर ढीला पड़ गया और उसकी चूत में मुझे गीला गरम सा महसूस होने लगा था। शायद वो झड़ चुकी थी और इधर पल्लवी भी बहुत कामुक हो चुकी थी। दोस्तों में भी अब झड़ने वाला था, लेकिन में अब भी झड़ना नहीं चाहता था और मैंने अपना लंड तुरंत बाहर निकाल लिया और कुछ देर के लिए लंड का टोपा दबा लिया, जिसकी वजह से में झड़कर ठंडा नहीं हो सकता था।
फिर करीब एक मिनट के बाद मैंने अपनी पेंट की जेब से एक सिगरेट निकली और उसको जलाकर पीने लगा और जब सिगरेट खत्म वाली थी उसके पहले ही मैंने सिगरेट को पीते हुए, पल्लवी की चूत में अपने लंड को डाल दिया एक हल्के से धक्के में लंड पूरा अंदर चला गया। अब में अपने लंड से चूत में धक्के पे धक्के देने लगा था और में साथ ही साथ सिगरेट भी पी रहा था, क्योंकि में सिगरेट के मज़े लेने की वजह से ज़्यादा देर तक पल्लवी की चूत की सवारी कर सकता था। फिर मेरी कुछ देर धक्के देने के बाद मेरी सिगरेट खत्म हो चुकी थी और अब मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकालकर पल्लवी की गांड पर एक दो बार रगड़ा जिसकी वजह से मेरा लंड अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका था। अब मैंने चूत में लंड को वापस अंदर डालकर ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाने शुरू किए जिसकी वजह से उसके मुहं से ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ और चीखने की आवाज निकल रही थी। अब मैंने अपनी पूरी रफ्तार से उसकी चुदाई करना शुरू कर दिया और पल्लवी भी पूरे जोश से अपने कूल्हों को ऊपर उठा उठाकर मेरा साथ दे रही थी। अब मैंने अपने हाथ से पल्लवी के दोनों बूब्स को दबाना शुरू कर दिए और में उसकी चुदाई करता रहा। फिर थोड़ी ही देर के बाद पल्लवी भी झड़ गयी।
पापा के तीन दोस्तों की रांड बनी
अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर में अपने लंड को पल्लवी के मुहं के पास ले गया और अपने हाथ से मुठ मारने लगा था। फिर करीब दस सेकेंड के बाद मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुहं में डाल दिया। अब मेरे वीर्य को वो और रीना दोनों ही प्यासी रंडियों की तरह मेरे वीर्य को अपनी जीभ से चाटने चूसने लगी। उन दोनों ने मेरे लंड से निकले पूरे वीर्य को चाटकर लंड को चमका दिया। दोस्तों उन दोनों कुंवारी चूत को अपने लंड से शांत करने के बाद मुझे मन ही मन बहुत ख़ुशी हुई और मैंने जमकर बारी बारी से दोनों के मस्त मज़े लिए और उन दोनों के चेहरे से साफ पता चलता था कि वो भी मेरे इस काम से बहुत संतुष्ट थी। अब में कुछ देर उनके पास वैसे ही लेटा हुआ उनके गोरे जिस्म से खेलता रहा और वो दोनों मेरे लंड को किसी खिलोने की तरह अपने काम में ले रही थी। दोस्तों यह था मेरे उन दोनों कामुक चूत की चुदाई करने का सफर मुझे उम्मीद है कि यह सभी पढ़ने वालो को जरुर पसंद आएगी ।।
धन्यवाद …

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