माँ को डॉक्टर ने चोदकर खुश किया

Maa Ki chudai

Maa ki chudai -> हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आकाश है, मेरे घर में हम चार लोग है। मेरे पिताजी जिनकी उम्र 42 साल, मेरी माँ उनकी उम्र 36 साल, मेरी दीदी उनकी उम्र 22 साल और मेरी उम्र 18 साल है। दोस्तों मेरी माँ दिखने में बहुत ही सेक्सी औरत है। उनके बूब्स का आकार 34-30-36 है और उनके बूब्स और गांड को देखकर तो किसी के भी लंड से पानी निकल जाए। दोस्तों मेरी माँ मुझसे और मेरे अंकल से अपनी चुदाई करवाकर बहुत खुश थी और मैंने भी जमकर उनकी चुदाई के बड़े मस्त मज़े, लिए इसलिए में भी पूरी तरह से संतुष्ट था। एक दिन मम्मी ने मुझे अपने पास बुलाया और कहा कि आकाश बेटा शायद तुमसे चुदाई करवाने की वजह से इस महीने मुझे पीरियड्स नहीं आए है और इसलिए मुझे लगता है कि शायद उस चुदाई की वजह से मेरे गर्भ में तुम्हारा बच्चा ठहर गया है।

अब हमे जल्दी से हॉस्पिटल जाकर इस बात को पूरी तरह से संतुष्ट कर लेना चाहिए वरना इसकी वजह से हमारे सामने कोई समस्या खड़ी ना हो जाए। फिर हम दोनों तैयार होकर हॉस्पिटल चले गये वो रविवार का दिन होने की वजह से हॉस्पिटल में ज़्यादा भीड़ नहीं थी और हम लोग वहां पर आखरी मरीज थे। फिर डॉक्टर ने मम्मी को अपने कमरे के अंदर बुला लिया और उनको पूछा कि आपको क्या समस्या है? मम्मी ने कहा कि मुझे इस महीने पीरियड्स नहीं आए है और इस बात से मेरे मन में डर है कि कहीं बच्चा ना ठहर गया हो। अब डॉक्टर ने कहा बच्चा ठहर गया तो उसमे क्या समस्या है? यह तो बड़ी खुशी की बात है। अब मम्मी ने उनको अंकल और मुझसे चुदाई की बात डॉक्टर को साफ साफ बता दी जिसको सुनकर डॉक्टर का लंड पेंट के अंदर ही तनकर खड़ा हो गया। फिर वो मम्मी का मुआयना करने लगा और उसने मम्मी से लेटने के लिए कहा और जब मम्मी लेट गयी तो उसने पहले स्टैथौस्कोप अपने कानो में लगाकर मम्मी की छाती पर रख दिया और फिर धीरे धीरे वो सहलाने लगा। अब माँ ने भी डॉक्टर का लंड उसकी पेंट के ऊपर से ही सहलाना शुरू कर दिया और पूरा मुआयना करने के बाद डॉक्टर ने उनको कहा कि आप अभी गर्भवती नहीं है और फिर वो इतना कहने के बाद तुरंत ही मेरी मम्मी के मुहं में अपने मुहं को लगाकर उनको चूमने लगा था।

फिर कुछ देर बाद मम्मी भी गरम हो चुकी थी। उस कमरे में पूरा माहोल गरम हो चुका था। अब माँ ने जोश में आकर अपने सभी कपड़े एक एक करके उतार दिए और डॉक्टर ने भी यह सब देखकर बिना देर किए अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। दोस्तों बस फिर क्या मस्त नज़ारा था वो? माँ ने नीचे झुककर डॉक्टर के लंड को तुरंत अपने मुहं में ले लिया और वो लगी उसको चूसने और डॉक्टर ने भी माँ के बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और वो उनको चूसने भी लगा था। अब माँ के मुहं से ऊओहू आआहह्ह्ह की आवाज़ निकलने लगी थी। अब डॉक्टर ने उनकी गोरी चिकनी और बिना बालो वाली चूत में अपनी उंगली को डाल दिया और वो लगा उसको अंदर बाहर करने। अब मेरी माँ के मुहं से वो आवाज़ और तेज़ आने लगी थी वो ऊऊऊह्ह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ फाड़ दो तुम आज मेरी चूत को इसमे तुम अपनी सारी उँगलियाँ डाल दो। अब वो जोश भरी बातें सुनकर डॉक्टर का हाथ तेज़ी से चलने लगा और चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। फिर डॉक्टर झट से उनकी दोनों जाँघो के बीच में बैठ गया और अपने लंड से मेरी माँ की चूत पर निशाना लगाकर एक ही झटके से उसने अपने लंड को पूरा अंदर डाल दिया। फिर वो उनके ऊपर ही लेटकर धनाधन धक्के लगाने लगा था।

अब माँ ने अपने पैर को डॉक्टर की कमर पर रखकर डॉक्टर को जकड़ लिया और वो ज़ोर ज़ोर से अपने कूल्हों को उठा उठाकर अपनी चुदाई में डॉक्टर का पूरा पूरा साथ देने लगी थी। दोस्तों डॉक्टर भी अब मेरी माँ का वो जोश देखकर उतना अनाड़ी नहीं रहा और वो उनके बूब्स को मसलते हुए धकाधक धक्के लगा रहा था और पूरा कमरा उनकी चुदाई की जोश भरी सिसकियों की आवाज़ से भरा पड़ा था। अब माँ जोश में आकर अपनी कमर को लगातार हिलाकर अपने दोनों कूल्हों उठा उठाकर चुदाई के मज़े ले रही थी और वो बोले जा रही थी, आहह्ह्ह ऊओह्ह्ह ऊऊहहह हाँ मेरे राजा में मर गई हाँ ऐसे ही धक्के देकर चोदो ऊईईईईईई माँ फट गई आज तो मेरी चूत, ऊफ्फ्फ आज तूने मेरा तो पूरा जूस निकाल दिया रे तू बड़ा जालीम है रे तेरे लंड ने एकदम मूसल की तरह मेरी चूत का मसाला पीस दिया, वाह मज़ा आ गया तेरे लंड में बड़ा दम है, मुझे तेरी चुदाई बड़ी पसंद आई। फिर डॉक्टर भी जोश में आकर बोल पड़ा, ले मेरी रानी तुझे पसंद आया ना मेरा लंड तो तू ले मेरा पूरा लंड पूरा अंदर तक ले अपनी ओखली में। अब माँ कहने लगी उफ्फ्फ हाँ इस तरह की चुदाई के लिए में बड़ा तरसी हूँ यह लंड अब बस मेरा ही है आहह्ह्ह उऊहह वाह क्या जन्नत का मज़ा दिया है रे तूने मुझे में तो अब तेरी गुलाम हो गई हूँ।

यार… डॉक्टर हमे कहाँ कुवारी रहने देते हैं || yaar doctor hume kahan kuwari rehne dete hai

अब माँ ख़ुशी से अपनी गांड को उछाल उछालकर डॉक्टर का लंड अपनी चूत में ले रही थी और डॉक्टर भी पूरे जोश के साथ उनके बूब्स को मसल मसलकर मेरी माँ को तेज धक्के देकर चोदे जा रहा था। अब माँ डॉक्टर को उसकी तेज दमदार चुदाई करने के लिए ललकार कर कहने लगी, हाँ लगाओ धक्के मेरे राजा दिखाओ मुझे आज तुम अपने लंड की असली ताकत। फिर डॉक्टर भी जवाब देते हुए बोला हाँ यह ले मेरी रानी ले और अंदर तक ले अपनी चूत में मेरा लंड तेरी चूत को आज मेरा लंड खाकर वो मज़ा आएगा जो पहले कभी नहीं आया होगा। अब माँ उसकी बातें सुनकर तेज धक्के खाकर जोश में आकर बोली हाँ ज़रा और ज़ोर से सरकाओ अपना लंड मेरी चूत में मेरे राजा तुम मेरी चूत का आज भोसड़ा बना दो। फिर डॉक्टर बोला हाँ यह ले मेरी रानी, तू यह ले मेरा लंड यह तो तेरे लिए ही है। अब माँ कहने लगी कि देखो मेरे राजा मेरी चूत तो अब बस तेरे लंड की पूरी तरह से दीवानी हो चुकी है और ज़ोर से हाँ और ज़ोर से आईईईई मेरे राजा में गई। फिर यह सब कहते हुए मेरी माँ ने डॉक्टर को कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसी समय उनकी चूत ने ज्वालामुखी का वो लावा छोड़ दिया, जिसको वो बड़ी देर से बचाए बैठी थी।

अब तक डॉक्टर का भी लंड वीर्य निकालने वाला था और वो बोला, लो अब में भी आया मेरी जान और उसने भी अपने लंड से वीर्य छोड़ दिया, जिसकी वजह से उसका वो जोश ठंडा होता चला गया और फिर वो हांफते हुए माँ के बूब्स पर अपने सर को रखकर उनसे कसकर चिपककर लेट गया। अब भी मेरी माँ नंगी ही लेटी हुई थी। फिर तभी डॉक्टर ने अपने पास काम करने वाले को बुलाया और उसको मेरी माँ को चोदने के लिए कहा। फिर बिना देर किए उस काम करने वाले ने भी अपने पूरे कपड़े उतारे और उसी समय अपना लंड मेरी माँ के होंठो पर लगाकर कहा कि ले चूस ले ना ऐसे क्या देखती है अब तू इसका पूरा मलाई वाला दूध चूसकर पी ले और इतना कहकर उसने अपने लंड को माँ के मुहं की तरफ धकेल दिया और अब माँ उसके लंड को भी अपने मुहं में भरकर चूसने लगी और फिर कुछ देर बाद वो उसके लंड को किसी अनुभवी रंडी की तरह अंदर बाहर करके ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी। उस समय मेरी माँ के मुहं से उम्म्म्म उम्म्म अहह की आवाज़ आ रही थी। दोस्तों उस काम करने वाले का लंड अब पूरी तरह से तनकर पूरा बड़ा हो चुका था और वो मेरी माँ की जमकर चुदाई करने के लिए एकदम तैयार नजर आ रहा था और बहुत जोश में भी था।

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दोस्तों माँ भी अब रुक नहीं पा रही थी। उनकी चूत भी अपनी दूसरी दमदार चुदाई के मज़े लेने के लिए तरस रही थी और माँ की चूत भी अब उसका लंड पाने के लिए बहुत बेकरार थी और उसका लंड भी अब मेरी माँ की चूत से पहली बार मिलने के लिए बेकरार था। अब माँ एकदम सीधी लेट गयी और उसने उसको इशारा करके अपनी चुदाई का निमंत्रण दे दिया, वो भी तुरंत ही माँ के ऊपर आ गया और एक ही झटके में उसने माँ की चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया। अब माँ भी नीचे से अपनी कमर को उठाकर लंड और चूत दोनों को आपस में मिलने में पूरा सहयोग देने लगी थी और वो दोनों उस समय इस प्रकार से मिल रहे थे कि मानो कि वो बरसो बाद मिल रहे हो। फिर उसने अपने धक्कों की रफ्तार को बढ़ाते हुए पूछा, अब क्या करूँ मेरी रानी? माँ उसको बोली अंदर तक तो तूने कर दिया अब तू मुझसे पूछता है क्या करूँ? चल गांडू कहीं का, माँ ने उसके होंठो को चूम लिया और वो कहने लगी हाँ ऐसे ही किए जा जैसे तेरी इच्छा हो, क्योंकि तू बड़ा अच्छा कर रहा है। अब वो माँ के मुहं से वो बातें सुनकर खुश होकर जोश में आकर वैसे ही तेज धक्के लगाने लगा था और माँ की चूत भी नीचे से उनका जबाब दे रही थी जिसकी वजह से बड़ी घमासान चुदाई चल रही थी।

अब माँ के मुहं से सिसकियों की आवाज निकलने लगी आह्ह्ह ऊऊईईईईईई यह क्या कर रहा है रे ज़ोर से धक्के देकर चोद मेरे राजा हाँ ऐसे ही चोदो तुम मेरी यह चूत भी कम नहीं है हाँ ऐसे कस कसकर तुम धक्के मारो मेरे राजा, चोदो ज़ोर से मेरी चूत को जो हर समय ऐसी जबर्दस्त चुदाई के लिए बेचैन रहती है, हाँ चोदो डाल दो पूरा अंदर। अब तो वो भी तूफान मैल की तरह तेज धक्के देकर चुदाई करने लगा था। चूत से पूरा लंड निकलता और पूरी गहराई तक जा रहा था, जिसकी वजह से वो दोनों स्वर्ग की हवाओ में बड़े मज़े से उड़ने लगे थे। अब वो कहने लगा वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा है मेरी रानी, खा जमकर, ले तू इसको पूरा अंदर तक ले। फिर माँ भी जोश में आकर कहने लगी ऊफ्फ्फ हाँ मेरे राजा और ज़ोर से मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा है और ज़ोर से ओह्ह्ह माँ ओह्ह्ह मेरे राजा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। फिर वो भी अब ऊपर से कस कसकर धक्के पे धक्के लगाते हुए बोल रहा था हाँ यह ले मेरी रानी तुम्हारी चूत ने तो आज मेरे लंड को पागल बना दिया है, जो में इस सुंदर चूत का दीवाना हो गया हूँ। में ऐसे ही चोद चोदकर जब तक तुम चाहोगी जन्नत की सैर करूँगा, रानी मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। फिर माँ भी बोली ऊईईईईईई चोदो हाँ ऐसे ही चोदो और ज़ोर से चोदो मेरे राजा। दोस्तों ये कहानी आप गंदीकहानियाँ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर कुछ देर बाद वो दोनों कस कसकर लगातार धक्के लगाकर साथ साथ ही झड़ गए, दोस्तों सचमुच इस चुदाई से वो दोनों बहुत खुश थे और माँ ने भी पूरी मस्ती में अपनी चुदाई का भरपूर मज़ा लिया। अब वो दोनों एक साथ झड़ चुके थे, उसने माँ का एक जोरदार किस लिया और माँ के बूब्स के बीच सर रखाकर उनके ऊपर थोड़ी देर पड़े रहकर अपनी सांसो को शांत करने के बाद वो उठ गया। फिर डॉक्टर ने मेरी माँ से कहा कि तुम फिर से चेकअप के लिए आना और फिर उसके बाद हम दोनों लोग घर आ गये। फिर अपने घर पहुँचते ही मम्मी ने मुझे डॉक्टर और उसके साथ काम करने वाले की उस चुदाई की कहानी पूरी तरह सच सच बताई, जिसकी वजह से में अब बहुत गरम हो गया था। अब मैंने तुरंत ही अपने कपड़े उतार दिए और मम्मी के भी कपड़े उतारकर उनको बेड पर सीधा लेटाकर मैंने उनकी चूत में अपना लंड डालकर चुदाई करने लगा था और में मम्मी को चूमते हुए अपने लंड को उनकी चूत में धक्के लगाते गया। तभी वो मुझसे कहने लगी ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ आज तू फाड़ डाल मेरी इस चूत को कस कसकर चोद अपनी माँ की चूत को जाने दे पूरा अंदर तक अपने लंड को वाह मज़ा आ गया।

अब मम्मी के यह सब कहने से मुझे जोश आ गया। मैंने एक बार फिर से तेज गति के धक्के लगाकर अपने पूरे सात इंच के लंड को मम्मी की चूत में डाल दिया। फिर वो इस बार थोड़ा ज़ोर से चिल्ला उठी आह्ह्ह्हह्ह ऊऊईईईईईई माँ मर गई और में तुरंत समझ गया कि मेरा पूरा लंड मम्मी की चूत में जा चुका है। फिर वो मुझसे कहने लगी कि में इस दर्द को सह नहीं पा रही हूँ बेटा अब तुम तुम्हारा लंड बाहर निकाल लो। अब मैंने उनको कहा कि मम्मी तुमने खुद ही मेरे लंड को चुदाई करने की दावत देकर यह सब करने के लिए तैयार किया है और अब मेरे लंड की भूख मिटने के बाद ही में इसको बाहर निकालूँगा। अब वो कुछ नहीं बोली बस अपने मुहं से सिसकियाँ लेती रही और में मम्मी की चूत में लगातार धक्के लगा रहा था और ऐसे ही में 15 से 20 मिनट तक में मम्मी को उसी तरह से धक्के देकर चोदता रहा। फिर मम्मी को भी मज़ा आ रहा था और वो अपनी गांड को उछाल उछालकर मुझसे अपनी चुदाई करवा रही थी और मैंने मम्मी की चूत को ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी झड़ गयी और वो शांत पड़ गई। फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बना दिया और सोफे के सहारे वो खड़ी रह गयी और मैंने मम्मी के पीछे जाकर मम्मी की गांड में अपना लंड डाल दिया।

दोस्तों इस बार मेरा लंड एक ही धक्के में पूरा का पूरा मम्मी की गांड में चला गया, मम्मी की कसी गांड ने मेरे टोपे को जकड़ लिया, मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। फिर मैंने दोबारा धक्का दिया और मम्मी की गांड को चीरता हुआ मेरा आधा लंड मम्मी की गांड में चला गया, दर्द की वजह से मम्मी ज़ोर से चीख उठी ऊउईईईईई माँ दर्द होता है मेरे राजा थोड़ा धीरे करो, लेकिन मैंने मम्मी की चीख उस दर्द पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब अपने लंड को थोड़ा सा पीछे खींचकर जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से अब मेरा लंड मम्मी की गांड को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया और मम्मी एक बार फिर से चीख उठी। फिर वो बार बार अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरे लंड को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी, मैंने आगे की तरफ झुककर मम्मी के बूब्स को पकड़ लिया और में उन्हे सहलाने लगा, मेरा लंड अभी भी पूरा का पूरा मम्मी की गांड के अंदर था। फिर कुछ देर के बाद मम्मी की गांड में अपने लंड को डाले हुए में उनके बूब्स को सहला रहा था, जब मम्मी कुछ देर बाद शांत हुई तब वो अपने कूल्हों को हिलाकर मुझसे कहने लगी, चलो मेरे राजा अब ठीक है लगाओ तुम अपनी मर्जी से कैसे भी धक्के अब जाकर मेरा दर्द कम हुआ है।

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अब मम्मी का सिग्नल पकड़ मैंने दोबारा सीधे होकर मम्मी के दोनों कूल्हों को पकड़कर धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाकर मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, लेकिन कुछ भी कहो मम्मी की गांड बहुत ही टाइट थी, इसलिए मुझे चोदने में बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। अब मम्मी भी अपना दर्द भूलकर सिसकियाँ भरते हुए मज़ा लेने लगी थी, उन्होंने अपनी एक उंगली अपनी चूत में डालकर कमर को हिलाना शुरू कर दिया। फिर मम्मी की मस्ती देखकर में भी जोश में आ गया और धीरे धीरे मैंने अपने धक्को की रफ़्तार को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया, मेरा लंड अब बड़ी तेज़ी से मम्मी की गांड के अंदर बाहर हो रहा था। अब मम्मी भी पूरी तेज़ी से अपनी कमर को आगे पीछे करके मेरे लंड का मज़ा ले रही थी और मेरा लंड ऐसे अंदर बाहर हो रहा था मानो इंजन के अंदर बाहर पिस्टन होता है। उस पूरे कमरे में चुदाई का ठप ठप की आवाज़ गूँज रही थी, जब मम्मी के थिरकते हुए कूल्हों से मेरी जांघे टकराती तब लगता कोई तबलची तबले पर ठप दे रहा हो। अब मम्मी पूरे जोश में बड़ी तेज़ी से अपनी चूत में उंगली को लगातार अंदर बाहर करती हुई सिसकियाँ भर रही थी और बड़ी देर से उस खेल को खेलते हुए हम दोनों ही पसीना पसीना हो गए थे, लेकिन कोई भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

अब मम्मी मुझे जोश में आकर बार बार ललकार रही थी और मुझसे कह रही थी ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ मार लो मेरे राजा मार लो अपनी मम्मी की गांड, आज फाड़ डालो तुम इसको भी, शाबाश मेरे शेर हाँ और ज़ोर से मेरे राजा और अंदर तक ज़ोर से जाने दो, वाह आज तुमने तो मेरी गांड भी फाड़ डाली। अब में भी जोश में आकर लगातार धक्के लगा रहा था और अपना पूरा का पूरा लंड बाहर खींचकर एक तेज झटके से अंदर डालता तो मम्मी के मुहं से चीख निकल जाती। दोस्तों मेरा वीर्य अब निकलने वाला था ऐसा मुझे महसूस होने लगा था और उधर मम्मी भी झड़कर अपनी असली मंज़िल के पास थी, उनकी हालत को देखकर लगता था कि उनकी चूत भी किसी समय अपना पानी छोड़ने वाली थी। तभी मैंने एक झटके से लंड को गांड से खींचकर बाहर निकाला और मैंने उनको बिना मौका दिए मम्मी की चूत में अपने लंड को एक तेज धक्का देकर पूरा अंदर तक घुसा दिया। दोस्तों मम्मी इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी यह सब बहुत अचानक से हुआ और उस समय उनकी उंगली भी चूत में ही रह गयी, जिसकी वजह से उनकी चूत मुझे बड़ी टाइट लग रही थी। अब में मम्मी के बदन को पूरी तरह अपनी बाहों में समेटकर धनाधन धक्के लगाने लगा था और मम्मी भी थोड़ा सा सम्भलकर ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह ऊहह्ह्ह्ह करती हुई अपने दोनों कूल्हों को अब आगे पीछे करके अपनी चूत में मेरा लंड लेने लगी थी।

दोस्तों हम दोनों की सांसे अब फूल रही थी और फिर आखिर में मेरा ज्वालामुखी फूट पड़ा और में मम्मी की पीठ से चिपककर मम्मी की चूत में ही झड़ गया। अब मम्मी की भी चूत का अब झड़ने का समय हो चुका था और फिर मम्मी भी चीखती हुई झड़ गयी और हम दोनों उसी तरह से चिपके हुए पलंग पर लेट गयी और थकान की वजह से वैसे ही नंगे लिपटकर सो गये। फिर दूसरे दिन सुबह जब मम्मी मुझे उठाने आई, उस समय में उन्हे देखकर बहुत हेरान एकदम चकित रह गया। दोस्तों उनके सूट में उनके दोनों बूब्स के बीच की दरार साफ नजर आ रही थी और उस मजेदार द्रश्य को देखकर मेरा लंड पजामे में तनकर खड़ा हो चुका था। अब उनकी नज़र मेरे तने हुए लंड पर चली गई और वो मेरे लंड को घूर घूरकर देख रही थी और कुछ बाद के बाद वो मुझे चाय देकर वापस चली गई। फिर कुछ देर के बाद में जब उठकर अपने कमरे से बाहर गया तो मैंने देखा कि वो उस समय रसोई में काम कर रही थी। अब मैंने पीछे से जाकर उनके कूल्हों से अपने लंड को छू दिया और में उनसे बातें करने लगा वो भी ऐसे ही बिना पीछे हटे मुझसे बातें करने लगी।

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अब वो मुझसे पूछने लगी कि क्या हुआ आकाश आज तुम रसोई में कैसे आ गये? मैंने कहा कि बस ऐसे ही में आपकी मदद करने आया हूँ और यह बातें करते हुए उन्होंने अपनी गांड का दबाव मेरे लंड पर डाल दिया। दोस्तों उनके ऐसा करने से मेरे पूरे बदन में तो जैसे करंट सा दौड़ गया और फिर तो में धीरे धीरे अपने लंड को मम्मी की गांड से रगड़ने लगा था, मेरे ऐसा करने से उन्हे भी बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था। अब उन्होंने अपनी दोनों आँखों को बंद कर लिया और उन्होंने मुझसे कहा यह क्या कर रहा है बेटा? मैंने कहा कि देखो ना माँ मेरे लंड को क्या हो जाता है, यह बार बार खड़ा हो जाता है और हर बार मेरा मन करता है कि में आपके पीछे ऐसे ही अपने लंड को लगाकर खड़ा रहूँ। फिर उन्होंने कहा तो लगा ले बेटा मुझे भी यह सब अच्छा लग रहा है। अब मैंने कहा धन्यवाद माँ और में पीछे से अपने लंड को उनके दोनों कूल्हों के बीच में लगाकर वैसे ही उनसे चिपककर खड़ा हो गया। फिर थोड़ी देर के बाद वो पीछे मुड़ी और वो मुझसे पूछने लगी कि क्यों अब तेरा मन भर गया क्या? मैंने कहा नहीं माँ यह तो अब और भी ज्यादा बड़ा हो रहा है। फिर उसी समय उन्होंने मेरे पजामे के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और वो उसको हिलाने, सहलाने लगी। उनके मुलायम हाथ का स्पर्श पाकर मेरे बदन में करंट दौड़ने लगा।

अब मुझे भी बड़ा मज़ा आने लगा था और कुछ देर यह सब करके के बाद उन्होंने मेरा पजामा खींचकर उतार दिया और मुझसे कहा कि बेटा यह तो सही में बहुत बड़ा हो गया है में अभी इसको शांत कर देती हूँ। दोस्तों मुझसे यह कहकर माँ ने नीचे बैठकर मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो उसको चूसने लगी। फिर हम दोनों ही कुछ देर में वापस पूरे नंगे हो गये, मैंने माँ के दोनों बूब्स को दबाकर उन्हे चूमकर प्यार करता रहा और वो मेरे लंड को किसी अनुभवी रंडी की तरह लोलीपोप समझकर चूसने चाटने लगी थी। दोस्तों कुछ देर के बाद मैंने अपना लंड उनकी चूत में वहीं रसोईघर में डालकर उनकी चूत को तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए और मेरे हर एक तेज धक्के से माँ का पूरा बदन हिल रहा था। दोस्तों मैंने खड़े खड़े ही अपने पूरे लंड को उनकी चूत की गहराईयों में डालकर वो काम करना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद हम दोनों ही मज़े मस्ती के दरिया में गोते लगाने लगे थे, हम दोनों ने बड़े मस्त जमकर मज़े किए और इस बार मैंने अपने पूरे वीर्य को अपनी माँ के मुहं में निकालकर अपने लंड को शांत किया। अब हम दोनों जब भी हमारी इच्छा होती है चुदाई में मज़े लेते है ।।

धन्यवाद …

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