पापा की बहन को चोदने का वादा

हैल्लो दोस्तों, यह बात करीब दो साल पुरानी है और आज में सभी गंदीकहानियाँ डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने वालो को बताने आया हूँ कि मैंने कैसे अपनी बुआ को पकड़कर चोदा और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड से कैसे अपनी चूत को चोदकर शांत किया। में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ और आज में अपनी भी इस सच्ची घटना को सुनाने जा रहा हूँ। मुझे उम्मीद है कि यह कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों हमारा घर एक गाँव में है और मेरे घर में मेरी माँ, मेरा भाई और मेरे अलावा कोई भी नहीं है क्योंकि मेरे पिताजी कुछ साल पहले ही गुजर गये और अब मेरी उम्र 18 साल है और में एक कॉलेज में जाता हूँ और हमारा घर बहुत बड़ा है। दोस्तों एक दिन मेरी बुआ यानी मेरे पिताजी की छोटी बहन हमारे घर पर आ गयी और जब मैंने उनको देखा तो में बहुत खुश हो गया और मैंने उनसे कहा कि बुआ आप कितने दिनों के बाद आज आई हो क्या आपको हमारी याद नहीं आती? तो मेरी माँ ने उसी समय मुझसे कहा कि तुम्हारी बुआ भी अब यहीं पर हमारे साथ रहेगी, दोस्तों में तो अपनी माँ के मुहं से वो बात सुनकर बड़ा खुश हो गया क्योंकि मेरी बुआ के पति की कुछ सालों पहले म्रत्यु हो गयी थी और उनको अब अपने ससुराल में रहना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था और तब मुझे वैसे सेक्स का इतना लगाव भी नहीं था और तब मेरी बुआ की उम्र करीब साल 35 होगी और वो थोड़ी सी सांवली सी सूरत, लेकिन उनका बदन एकदम भरा हुआ बड़ा मस्त और उनके बूब्स भी आकार में कुछ बड़े, लेकिन वो बहुत कसे हुए थे।

फिर पूरा दिन अपनी बुआ के साथ इधर उधर की बातें हंसी मजाक करने के बाद हम सभी एक साथ बैठकर रात का खाना खाने लगे थे और फिर उसके बाद मेरी माँ ने मुझसे कहा कि तुम अपने भैया के साथ उनके कमरे में सो जाओ और तुम्हारे कमरे में तुम्हारी बुआ सोएगी, तभी मैंने उनको कहा कि नहीं में तो अपने कमरे में ही सोऊंगा मुझे कहीं दूसरी जगह पूरी रात नींद नहीं आती, में बहुत परेशान रहता हूँ। फिर बुआ ने मेरी और मेरी माँ की वो बातें सुनकर मुझसे कहा कि चलो ठीक है वैसे भी तुम्हारा कमरा थोड़ा बड़ा है इसलिए में भी तुम्हारे ही कमरे में कहीं भी सो जाउंगी। अब मैंने भी उनकी बात को सुनकर कहा कि हाँ ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ी और फिर कुछ देर बाद बुआ मेरे कमरे में आ गई और वो अब नीचे जमीन पर अपना बिस्तर लगाने लगी थी। मैंने उनको ऐसा करते हुए देखकर उनसे कहा कि क्या हुआ बुआ आप यह क्या कर रही हो मेरा बेड कितना बड़ा है, इसके ऊपर चार लोग भी बहुत आराम से सो सकते है और तुम नीचे अपना बिस्तर लगाकर सो रही हो? तब बुआ ने मुझसे कहा कि नहीं बेटा तुम्हे मेरी वजह से तकलीफ़ होगी इसलिए में यह सब कर रही हूँ और तभी मैंने उनकी बात को काटते हुए उनका बिस्तर उठाकर बेड के एक साइड में डाल दिया और उनको कहा कि आप इस बेड पर ही सो जाओ नहीं तो में आपसे कभी भी बात ही नहीं करूँगा। फिर बुआ ने मेरे बिल्कुल पास आकर उसी समय तुरंत मेरा गाल पर चूम लिया और उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा प्यारा बेटा अभी तक भी तू बहुत नटखट है और फिर वो मुझसे इतना कहकर बेड पर लेट गई और उनके साथ में भी अब बेड पर लेट गया और फिर हम दोनों कुछ देर तक इधर उधर की बातें करके ना जाने कब सो गये, मुझे इस बात का पता ही नहीं चला। फिर सुबह उठकर मुझे तैयार होकर अपने कॉलेज जाना होता है इसलिए में हर दिन जल्दी सुबह पांच बजे ही उठ जाता हूँ। फिर सुबह जब में सोकर उठ गया और फिर उसी समय मैंने देखा कि मेरी बुआ अब भी बड़ी गहरी नींद में सो रही थी, लेकिन उनकी वो चादर जिसको उन्होंने रात को ओढ़ने के काम में लिया था अब वो बेड से नीचे गिरी हुई थी और उनकी साड़ी उनकी भरी हुई चिकनी जाघों तक ऊपर आ गयी थी और उनके भरे हुए वो मस्त पैरों को देखकर मेरे पूरे शरीर में एक बिजली सी दौड़ गयी और अब में वो पैर बहुत करीब जाकर देखने लगा था, में कुछ देर अपनी चकित आखें फाड़कर उनको देखता रहा और ऐसा करने में मुझे बड़ा मज़ा आने लगा था और तभी मुझे मेरी माँ की आवाज आई वो मुझे आवाज देकर मुझसे पूछ रही थी क्यों आदि अभी तक उठा या नहीं? अब मैंने भी उनको आवाज देकर कहा कि हाँ माँ में उठ गया हूँ और में अभी बाहर आ रहा हूँ।

फिर मैंने अपनी चादर को बुआ के ऊपर डाल दिया था और उसके बाद में उस कमरे से बाहर चला आया उसके बाद में तैयार होकर नाश्ता करके अपने कॉलेज चला गया, लेकिन वहां पर भी मुझे हर बार अपनी बुआ के वो नंगे पैर नज़र आ रहे थे। उस दिन मुझे बिल्कुल भी नहीं पता था कि मुझे क्या हो गया था और कुछ देर बाद मैंने अपने आपसे मन ही मन में कहा कि में यह सब क्या सोच रहा हूँ में क्या पागल हो चुका हूँ। फिर में अपनी पढ़ाई में अपने मन को लगाने लगा था और दोपहर को में अपने घर पर पहुँच गया मैंने हाथ पैर धोकर खाना खाया और में कुछ सोचने बैठ गया। तभी बुआ भी कुछ देर बाद मेरे पास में आकर बैठ गयी और फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि हाँ तू अब यह बता कि तेरी पढ़ाई कैसी चल रही है? और फिर मैंने उनसे कहा कि मेरी पढ़ाई एकदम ठीक चल रही है दोस्तों तब मेरी नज़रे मेरी बुआ के बूब्स पर ही टिकी हुई थी और मुझे मेरे अंदर कुछ अजीब सी खुशी का अहसास हो रहा था और उनसे कुछ देर बातें करने के बाद में अपने कमरे में पढ़ाई करने चला गया। फिर माँ और बुआ दोनों मिलकर घर का काम करने लगी और काम करते समय वो दोनों एक दूसरे से बहुत हंसी मजाक इधर उधर की बातें भी कर रही थी। दोस्तों उस दिन मेरे बड़े भैया उनके किसी काम की वजह से दिल्ली चले गये थे और वो अब महीने भर वापस नहीं आने वाले थे और वो यह बात घर पर मेरी माँ को बताकर गए थे। फिर रात को खाना खाकर हम सभी सोने चले गये, में अब अपने बेड पर लेटा हुआ था तभी कुछ देर बाद मेरी बुआ भी बेड पर आकर लेट गई और फिर तब उन्होंने मुझसे पूछा कि आज सुबह तुम्हारी चादर मेरे ऊपर कैसे आ गयी? तो मैंने उनको कहा कि उसको मैंने ही आपके ऊपर डाल दिया था। उसके बाद मैंने उनसे कहा कि बुआ आप मेरी ही इस चादर को ले लो, यह ज़रा बड़ी है। फिर बुआ ने कहा कि नहीं बेटा पहले ही मैंने तुम्हारा बेड तो ले ही लिया है और अब इस चादर को लेना मुझे अच्छा नहीं लगता। फिर तभी मैंने उनसे कहा कि तो हम दोनों एक ही चादर को ओढ लेते है और तभी बुआ मुझसे बोली कि हाँ चल ठीक है और फिर हम दोनों एक ही चादर में सो गये। फिर कुछ घंटे बीतने के साथ साथ रात को अब ठंड भी धीरे धीरे बढ़ने लगी थी और इसलिए बुआ मेरी तरफ़ सरक गयी और वो मुझसे चिपककर सो गयी। उस वजह से उनके हाथ अब मेरी पीठ पर थे और उनके एक हाथ के छू जाने के अहसास से मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया, क्योंकि में सोते समय सिर्फ़ केफ्री पहनता हूँ और उसके अंदर कुछ भी नहीं पहनता। फिर मेरा लंड उस ढीली केफ्री में एकदम तन गया था। दोस्तों तभी मेरे मन में कुछ बातें आ गई जिसकी वजह से मेरे अंदर हिम्मत भर गयी और उसी समय मैंने तुरंत पलटकर अपना मुहं बुआ की तरफ कर दिया और बुआ को धीरे से एक आवाज़ लगाई, लेकिन उस समय बुआ बहुत गहरी नींद में थी, इसलिए उनको कोई भी असर नहीं हुआ और वो वैसे ही सोती रही। फिर मैंने अब थोड़ी सी हिम्मत करके अपने एक हाथ को बुआ के हाथ पर रख दिया और तब मैंने महसूस किया कि वो बहुत गरम मुलायम था और अब मैंने धीरे से उनका हाथ सहलाना शुरू किया, लेकिन तब भी बुआ की तरफ से मुझे कोई भी हलचल नहीं नजर आई जिसकी वजह से मेरी हिम्मत अब पहले से ज्यादा बढ़ गई। दोस्तों ये कहानी आप गंदीकहानियाँ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसके बाद मैंने अब अपनी केफ्री का नाड़ा खोलकर उसको बिल्कुल ढीला कर दिया और उसके बाद मैंने मेरे लंड को केफ्री से थोड़ा सा बाहर निकाल दिया और उसके बाद मैंने धीरे से बुआ का वो हाथ पकड़कर मेरे लंड के ऊपर रख दिया। उसी समय मेरा लंड उनके हाथ के स्पर्श की वजह से एकदम से बहुत जोश में आ गया और अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था। लंड ने अब हल्के हल्के झटके देने शुरू कर दिए थे। फिर मैंने फिर अपना हाथ बुआ के उस हाथ पर रख दिया जो मेर लंड पर रखा हुआ था और में हल्के से बुआ के हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगा था। अपने लंड को उनके हाथ में देकर मुठ मारने लगा था और वैसे उस समय मेरे मन में थोड़ा सा डर भी था कि अगर बुआ नींद से जाग गयी तो मुझे बहुत मार पड़ेगी, लेकिन में उस समय इतने जोश में था, इसलिए मुझसे कंट्रोल भी अब बिल्कुल भी नहीं हो रहा था और में बहुत जोश में था, इसलिए मुझे अब कुछ भी नजर नहीं आ रहा था और करीब दस मिनट तक अपने लंड को अपनी बुआ के हाथ से सहलाने के बाद मेरे लंड से अब वो गरम गरम रस बाहर निकल गया और उसकी वजह से बुआ का हाथ और मेरा लंड भी तर हो गया था और अब मेरे लंड से वीर्य के बाहर निकलते ही में धीरे धीरे ठंडा होने लगा था और उसी समय मैंने थोड़ी देर अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया था। तब मैंने मन ही मन सोचा कि में अपने इस वीर्य को कुछ देर के बाद साफ कर लूँगा और यह बात सोचकर में चुपचाप वैसे ही लेटा रहा। फिर उसके बाद मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि मुझे नींद कब आ गई और में गहरी नींद में सो गया, लेकिन सुबह के समय जब में अपनी नींद से उठ गया तो मुझे अचानक से याद आया कि रात भर से बुआ का एक हाथ और मेरा लंड वीर्य से भरा हुआ है और डरते हुए मैंने यह बात सोचकर देखा तो में एकदम आश्चर्यचकित रह गया, क्योंकि मेरा लंड तो उस समय बिल्कुल साफ था और बुआ का वो हाथ भी जिसको मैंने पिछली रात को अपनी मुठ मारने के काम में लिया था वो भी साफ था। यह सब देखकर मेरे तो दिमाग़ ने काम करना ही बंद कर दिया था और में मन ही मन में सोच रहा था कि यह सब कैसे हुआ? फिर मैंने अपने होश में आकर उठकर नहाकर नाश्ता करके अपने कॉलेज चला गया, लेकिन में तब भी यही सब बातें सोच रहा था और मेरा वहां पर भी बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था और फिर में दोपहर को अपने घर वापस आ गया। तब बुआ मुझे खाना परोस रही थी और वो उस समय मुझे ज़रा अलग नज़र से देख रही थी और वो मुझसे बात भी कर रही थी, तब मेरे मन में बुआ का वो बदन आ रहा था और में बहुत सारी बातें दिनभर सोचता रहा और रात को जब हम दोनों दोबारा बेड पर लेट गये। फिर बुआ ने मुझसे कहा कि ना जाने किस वजह से कल रात को मेरा हाथ तो बहुत गरम हो गया था और वो यह बात मुझसे कहकर मेरी तरफ अपना मुँह करके सो गयी और में भी अब उनकी गहरी नींद का इंतजार करने लगा और फिर देर रात को जैसे ही आज भी मैंने बुआ के हाथ से अपने लंड को शांत किया तब में पहले से ज्यादा जोश में था और इस बार मैंने अपने लंड को अपनी बुआ के हाथ से ज़रा ज़ोर से रगड़ा और कुछ देर बाद कल रात की तरह मेरा लंड और बुआ का हाथ वीर्य से तर हो चुके थे, लेकिन में आज जाग रहा था और में सिर्फ़ सोने का नाटक कर रहा था। मैंने अपनी हल्की सी आँखे खोली हुई थी। तभी मुझे कुछ देर बाद महसूस हुआ कि बुआ का हाथ अब मेरे लंड के ऊपर घूम रहा था और उन्होंने अपने हाथ का वीर्य मेरे लंड से साफ कर दिया था और वो उसके बाद नीचे सरककर मेरे लंड को अब अपने मुहं में लेकर उसको चूसने लगी थी और जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू किया तो मेरा लंड एक बार फिर से टाइट हो गया और वो उनके मुहं में बिल्कुल फिट हो गया। मेरे लंड के टाइट होने की वजह से अब उनको भी समझ में आ गया कि में सोया नहीं हूँ।

अब उन्होंने यह बात जानने के बाद तो मेरे लंड को ज़ोर लगाकर अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और में तो उनके यह सब करने की वजह से इतना खुश हो गया था कि मेरा लंड अब मेरी बुआ खुद अपनी मर्जी से चूस रही है और करीब दस मिनट के बाद मेरे लंड से जो वीर्य निकला वो पूरा का पूरा बुआ के मुहं में ही चला गया और बुआ उसको अपने गले से नीचे गटक गयी और अब वो मेरे होंठो को किस करके मुझसे बोली कि चल अब चुपचाप उठ जा ज्यादा नखरा मत कर। दोस्तों में तो उनके मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल सन्न रहा गया और उन्होंने अपनी जीभ को मेरे मुहं में डाल दिया वो मुझे किस करने लगी और फिर उन्होंने अपनी साड़ी को खोल दिया और तुरंत ही अपने सभी कपड़े उतार दिए उसी समय में उनका पूरा नंगा बदन देखकर पागल हो गया। इतना सुंदर बदन देख मेरी तो लार टपकने लगी थी। फिर बुआ ने मेरी केफ्री को दूर कर दिया और वो मुझे नीचे लेटाकर मुझसे बोली कि बदमाश तेरा तो काम हो गया, अब मेरा भी कर दे और यह बात कहकर उसने अपनी चूत को मेरे मुहं पर रख दिया। तब मैंने महसूस किया कि उससे कुछ पानी बाहर निकल रहा था और में एकदम पागल कुत्ते की तरह उनकी चूत को चाटने लगा और चूसने लगा था और बुआ जोश में आकर अपनी चूत को मेरे मुँह पर रगड़ रही थी और वो आह्ह्ह्हह उउमममह आवऊउक्चह माँ मर गई कर रही थी। फिर थोड़ी ही देर में उनकी चूत से पानी बाहर निकला और में उसको पीने लगा। अब वो मेरे सर के बाल पकड़कर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी, लेकिन कुछ देर के बाद में वो उठ गयी और उसके बाद वो मुझे किस करने लगी और फिर उठकर उन्होंने मेरे लंड को चूसना शुरू किया। मुझे ऐसा लगा जैसे कि वो आज एक भूखी शेरनी बन गयी है। तभी लंड को छोड़कर अब वो मेरे ऊपर आ गयी और वो मेरे ऊपर बैठकर उन्होंने मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह पर रख दिया और वो धीरे धीरे नीचे बैठ गई। फिर तब उनके मुहं से वो आवाजे बाहर आई आहहह्ह्ह माँ में मर गई उईईईईइ माँ और थोड़ी देर के लिए वो वैसे ही बैठी रही। उस समय मेरा लंबा तगड़ा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में था, उसकी वजह से मुझे भी हल्का सा दर्द हो रहा था, लेकिन वो बड़ा ही अजीब सा दर्द था और फिर बुआ कुछ देर बाद ऊपर नीचे होने लगी और जब वो नीचे आती तो में ऊपर धक्का लगता और वो उस दर्द की वजह से करहा रही थी, लेकिन वो फिर भी लगातार ऊपर नीचे हो रही थी और करीब दस मिनट के बाद हम दोनों ही एक साथ झड़ गये, जिसकी वजह से अब मेरा लंड बड़ी आसानी से उनकी चूत के अंदर बाहर होने लगा था, जिसकी वजह से हम दोनों का वो सर अब बाहर आकर मेरे लंड से होकर नीचे बहने लगा, जिसकी वजह से मुझे बड़ा मज़ा आने लगा था।

अब उसने अपने हाथों के नाख़ून मेरे कंधे में चुभा दिए और मैंने भी उनको ज़ोर से जकड़ लिया और हम वैसे ही लेट गये और करीब 15 मिनट बाद वो मेरे ऊपर से उठ गयी। तब मैंने देखा तो उनकी चूत से अब खून के साथ साथ हम दोनों का वो लावा भी बाहर निकालने लगा था। फिर मैंने उनसे पूछा कि बुआ आपकी इस चुदाई में खून कैसे बाहर आया? तब बुआ मुझसे बोली कि मेरे राजा पिछले तीन साल से जिस छेद में कभी उंगली भी ना गयी हो तो उसके अंदर लंड जाने पर खून का आना स्वभाविक है और खून तो जरुर बाहर निकलेगा ही ना। अब मैंने खुश होकर पूछा क्या सच? तो फिर बुआ ने कहा कि हाँ मेरे राजा आज तूने मेरी इतने दिनों की प्यास को बुझा दिया है, इस चुदाई से मेरी चूत को वो शांति मिली है जिसको पाकर में बहुत खुश हूँ और यह कहकर उन्होंने मेरे लंड को उसी समय अपने मुहं में डाल लिया और उसको उन्होंने चूसकर चाटकर साफ कर दिया और फिर कुछ देर बाद वो मुझसे बोली कि कल तुम्हारी माँ पूरे महीने भर के लिए तुम्हारे मामा के पास जा रही है और यहाँ पर तुम्हारा भाई भी नहीं है। वो भी महीने भर के लिए गया है तो इसलिए मेरे राजा हम दोनों इस महीने भर तो बहुत ही मज़ा मस्ती करेंगे और मुझसे इतना कहने के बाद उन्होंने अपनी चूत को भी साफ कर दिया और फिर वो मुझसे कहने लगी कि चल अब तू सो जा। अब मैंने उनसे कहा कि बुआ तुमने मुझे आज चोदा है, इसलिए पहले में आपकी चुदाई करूंगा और उसके बाद में सो जाऊंगा। फिर बुआ ने कहा कि हाँ ठीक है चल तू अब मेरे ऊपर आ जा और फिर में अपनी बुआ के ऊपर चढ़ गया और मैंने एक तकिया लेकर अपनी बुआ की कमर के नीचे रख दिया, जिसकी वजह से बुआ की चूत ऊपर उठकर फूलकर पूरी मेरे सामने आ गयी और मेरा लंड तो पहले से ही उनकी चुदाई के लिए तनकर तैयार ही खड़ा था और अब मैंने अपने लंड को बुआ की चूत के मुहं पर रख दिया, लेकिन तभी मुझे लगा कि और भी मज़ा लिया जाए और यह बात सोचकर में तुरंत ही बेड से नीचे आ गया और पास ही रखी तेल की बोतल को अपने हाथ में लेकर मैंने अपने लंड को उस तेल से नहला दिया और उसके बाद मैंने अपनी बुआ की चूत में भी बहुत सारा तेल लगा दिया। फिर उसके बाद बुआ के दोनों पैरों को अपनी तरफ पकड़कर मैंने खींच लिया और में बेड से नीचे ही खड़ा रहा। मैंने बुआ को बेड के बिल्कुल किनारे तक खींचा और फिर बुआ के दोनों पैरों को अपने कंधे तक उठाया और लंड को उनकी चूत के मुहं पर रखकर एक जोरदार धक्का देकर अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से पकक्कककक सी आवाज़ आई और फिर में ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा पकच्छ पक की आवाज़ आने लगी और उस आवाज़ में बुआ की उूउऊहह आअहह्ह्ह आक्कककचह उईईईईईई की आवाज़ आने लगी। तेल लगाने की वजह से मुझे धक्के देने में बहुत मज़ा आ रहा था और में लगातार जोरदार धक्के लगा रहा था, जिसकी वजह से बुआ भी मस्त हो गयी और थोड़ी ही देर में बुआ ने नीचे से एक ज़ोर का धक्का दिया और मैंने भी ज़ोर से धक्के दिए और अपने वीर्य को उनकी चूत के अंदर डाल दिया और अब में बुआ के ऊपर ही लेट गया। फिर करीब पांच मिनट के बाद मैंने अपना लंड बुआ की चूत से बाहर निकाला और मैंने देखा कि तेल में मिक्स दोनों का पानी भी अब बाहर निकलने लगा था।

फिर बुआ ने अपने एक हाथ से उस रसभरे तेल से अपनी चूत की हल्के हल्के मालिश भी करना शुरू कर दिया था, दोस्तों में अब बहुत थक चुका था इसलिए मैंने बुआ की चूत को एक किस किया और में बुआ के पास में ही लेट गया। तब बुआ ने मुझसे पूछा कि क्यों तुम मुझे हमेशा ऐसे ही चोदते रहोगे ना? तो मैंने बुआ से कहा कि हाँ बुआ तुम आज से मेरी पहली बीवी हो और मेरी शादी भी हो गई तो भी में तुम्हे ऐसे ही चोदता रहूँगा। यह बात सुनकर बुआ बहुत खुश हो गयी और वो मुझे चूमने लगी ऊऊऊऊहह आह्ह्ह्हह आईईईईई तुम्हारा मेरे साथ यह सब करने और आगे भी करते रहने का वादा करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, तुम बहुत अच्छे हो और तुमने मुझे बहुत मज़ा वो सुख दिया, जिसके लिए में अब तक इतना तरस रही थी, तुम बहुत अच्छी चुदाई करते हो। अब मैंने उनसे कहा कि बुआ आपको शुक्रिया तो मुझे कहना चाहिए क्योंकि अपने मुझे आज जन्नत का असली मज़ा दिया है और में आपकी इस चुदाई से बहुत खुश हूँ ।।

धन्यवाद …