श्वेता की चूत का ज्वालामुखी फटा

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Hindi Sex Kahani -> हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहित है और में एक जवान लड़का हूँ और में गोरा और हैडसम बॉय हूँ। मैंने अभी MBA पूरा किया है। अब में आपको अपनी चचेरी बहन श्वेता के साथ हुई जबरदस्त चुदाई के बारे में बताता हूँ। में 23 साल का हूँ और मेरी चचेरी बहन का नाम श्वेता है, वो 22 साल की है और उसका फिगर तो ऐसा था कि पूछो मत, वो बहुत ही सुंदर है और एकदम गोरी, लम्बे-लम्बे काले बाल, हाईट करीब 5 फुट 5 इंच और फिगर 36-25-38 है, उसका फिगर बहुत मस्त है। हम दोनों घर से बाहर आगरा में एक ही रूम में रहकर पढ़ते थे। मैंने रूम में पढ़ने के लिए कुछ गंदी किताबें रखी हुई थी जो एक दिन श्वेता के हाथ लग गयी, इसलिए में अपने लंड और वो अपनी चूत की प्यास को रोक नहीं सके।

फिर वो बोली कि में ही तुम्हारी वाईफ बन जाती हूँ और मुझे अपनी वाईफ समझो और मेरे साथ सेक्स करो। फिर वो जींस शर्ट में आई और बोली कि चलो शुरू हो जाओ और फिर उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया। अब वो मेरे लिप्स को बुरी तरह से किस करने लगी थी और अब में भी जोश में आ गया और उसको किस करने लगा और उसको अपनी बाहों में दबाने लगा था। फिर मैंने उसको खींचकर बेड पर लेटा दिया और में उसके ऊपर आ गया और उसको चूमना शुरू कर दिया और 10 मिनट तक उसको चूमता रहा। फिर मैंने उसकी शर्ट खोल दी और उसके बाद उसकी ब्रा भी खोल दी और जैसे ही मैंने उसकी ब्रा खोली तो उसके बूब्स उछलकर बाहर आ गये और में उन्हें देखकर दबाने लगा। मुझे बहुत दिनों के बाद उसके पूरे के पूरे बूब्स दिखने को और दबाने को मिले थे।

फिर मैंने उसकी निप्पल को अपने मुँह में रख दिया और चूसने लगा। अब वो आआआहहा आआहहाहह कर रही थी और में उसे चूसता ही रहा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी जींस खोलकर उसको पेंटी में ला दिया। अब उसकी चूत बहुत गर्म हो गयी थी तो उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी। फिर में उसकी पेंटी को निकालकर उसकी चूत को फैलाकर चाटने लगा, तो वो सिसकारी मार रही थी आआहसशहस्स्स आहहहहहह आअहहहह। अब वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर खींच रही थी और कसकर दबा रही थी। फिर श्वेता ने अपनी कमर को ऊपर उठा लिया और मेरे तने हुए लंड को अपनी जाँघो के बीच में लेकर रगड़ने लगी।

अब वो मेरी तरफ करवट लेकर लेट गयी थी ताकि वो मेरे लंड को ठीक तरह से पकड़ सके। अब उसकी चूची मेरे मुँह के बिल्कुल पास थी और में उन्हें कस-कसकर दबा रहा था। फिर अचानक से उसने अपनी एक चूची मेरे मुँह में डालते हुए कहा कि इनको मुँह में लेकर चूसो। फिर मैंने उसकी लेफ्ट चूची को अपने मुँह में भर लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा। फिर थोड़ी देर के लिए मैंने उसकी चूची को अपने मुँह से बाहर निकाला और बोला कि में हमेशा से तुम्हारी कसी चूची को सोचता था और हैरान होता था, मेरी इनको छूने की बहुत इच्छा होती थी और दिल करता था कि इन्हें मुँह में लेकर चूसूं और इनका रस पीऊँ, लेकिन डरता था पता नहीं तुम क्या सोचो? और कही मुझसे नाराज़ ना हो जाओ, तुम नहीं जानती श्वेता कि तुमने मुझे और मेरे लंड को कितना परेशान किया है? तो श्वेता बोली कि अच्छा तो आज अपनी तमन्ना पूरी कर लो, जी भरकर दबाओ, चूसो और मज़े लो। में तो आज पूरी की पूरी तुम्हारी हूँ, जैसा चाहे वैसा ही करो। बस फिर क्या था? अब श्वेता की हरी झंडी पाकर में श्वेता की चूची पर टूट पड़ा। दोस्तों ये कहानी आप गंदीकहानियाँा डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मेरी जीभ उसकी खड़ी निप्पल को महसूस कर रही थी। फिर मैंने अपनी जीभ को उसके उठे हुए खड़े निप्पल पर घुमाया। में उसके दोनों अनारों को कसकर पकड़े हुए था और बारी-बारी से उन्हें चूस रहा था। अब में ऐसे कस-कसकर उसकी चूचियों को दबा रहा था, जैसे कि उनका पूरा का पूरा रस निचोड़ लूँगा। अब श्वेता भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। अब उसके मुँह से ओह ओह आह आआहहहहहह की आवाजे निकल रही थी। अब वो मुझसे पूरी तरफ से सटे हुए मेरे लंड को बुरी तरह से मसल रही थी और दबा रही थी। फिर उसने अपनी लेफ्ट टांग को मेरे कंधे के ऊपर रख दिया और मेरे लंड को अपनी जांघो के बीच में रख लिया। फिर मुझे उसकी जाँघो के बीच में एक मुलायम रेशमी एहसास हुआ, जो उसकी चूत थी। श्वेता ने पेंटी नहीं पहन रखी थी और मेरा लंड का सुपाड़ा उसकी झांटो में घूम रहा था। अब मेरा सब्र का बाँध टूट रहा था तो में श्वेता से बोला कि श्वेता मुझे कुछ हो रहा और में अपने आपे में नहीं हूँ, प्लीज़ मुझे बताओं में क्या करूँ? तो श्वेता बोली कि करो क्या? मुझे चोदो और मेरी चूत को फाड़ डालो।

फिर में चुपचाप उसके चेहरे को देखते हुए उसकी चूची को मसलता रहा। फिर उसने अपना मुँह मेरे मुँह से बिल्कुल सटा दिया और फुसफुसा कर बोली कि अपनी श्वेता को चोदो। अब श्वेता अपने हाथ से मेरे लंड को निशाने पर लगाकर रास्ता दिखा रही थी और रास्ता मिलते ही मेरे लंड का सुपाड़ा एक ही धक्के में अंदर चला गया। अब इससे पहले की श्वेता संभलती या पोजिशन बदलती कि मैंने दूसरा धक्का लगाया और मेरा पूरा का पूरा लंड मक्खन जैसे चूत की जन्नत में दाखिल हो गया और श्वेता जोर से चिल्लाई उईईईईईईईईईईईई माँ ओहह ओह रोहित ऐसे ही कुछ देर हिलना डुलना नहीं, तुम्हारा लंड बड़ा जालिम है, तुमने तो मुझे मार ही डाला। अब श्वेता को काफ़ी दर्द हो रहा था, पहली बार जो इतना मोटा और लम्बा लंड उसकी चूत में घुसा था। अब में अपना लंड उसकी चूत में घुसाकर चुपचाप पड़ा था।

अब श्वेता की चूत फड़क रही थी और अंदर ही अंदर मेरे लंड को मसल रही थी। अब उसकी उठी-उठी चूचियाँ काफ़ी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी तो मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाकर उसकी दोनों चूचियों को पकड़ लिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। फिर श्वेता को कुछ राहत मिली और उसने अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी और मुझसे बोली कि रोहित अब चोदना शुरू करो। अब मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया था। फिर श्वेता बोली कि अब लंड को बाहर निकालो, लेकिन में मेरा लंड धीरे-धीरे श्वेता की चूत में अंदर-बाहर करने लगा। फिर श्वेता ने स्पीड बढ़ाकर करने को कहा तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से अपने लंड को अंदर-बाहर करने लगा। अब श्वेता को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर हर शॉट का जवाब देने लगी थी। फिर उसने अपनी रसीली चूची मेरी छाती पर रगड़ते हुए अपने गुलाबी होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी।

अब उसकी चूत में मेरा लंड समाए हुए तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था। अब मुझे ऐसा लग रहा था जैसे में जन्नत में पहुँच गया हूँ। अब जैसे-जैसे वो झड़ने के करीब आ रही थी, उसकी रफ़्तार बढ़ती जा रही थी और अब पूरे कमरे में फच-फच की आवाज़ गूँज रही थी। अब में श्वेता के ऊपर लेटकर दनादन शॉट लगाने लगा था। फिर श्वेता ने अपनी दोनों टांगो को मेरी कमर पर रखकर मुझे जकड़ लिया और ज़ोर- ज़ोर से अपने चूतड़ उठा-उठाकर चुदाई में मेरा साथ देने लगी। अब में भी श्वेता की चूची को मसलते हुए दनादन शॉट लगा रहा था। अब पूरा कमरा हमारी चुदाई की आवाज़ से भरा पड़ा था। अब श्वेता अपनी कमर हिलाकर चुत्तड उठा-उठाकर चुदा रही थी और बोले जा रही थी, आह आअहह उनह ऊओह ऊऊहह हाआआ हाआआ मेरे राजा, में मर गईईईईईईई रे, चोद रे चोद, उईईईईईई माँआआ फट गईई रे, शुरू करो चोदो मुझे, ले लो मज़ा जवानी का मेरे राजा और जोर-जोर से अपनी गांड हिलाने लगी।

फिर मैंने लगातार 30 मिनट तक उसे चोदा और में भी बोल रहा था ले मेरी रानी ले ले मेरा लंड अपनी चूत में, तूने मुझे बहुत तड़पाया है, ले ले यह लंड अब तेरा है, आहह उहह क्या जन्नत का मज़ा सिखाया है तूने? में तो तेरी चूत का गुलाम हो गया हूँ। अब श्वेता भी अपनी गांड उछाल-उछालकर मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी और में भी अपने पूरे जोश के साथ उसकी चूचियों को मसल-मसलकर अपनी जूली को चोदे जा रहा था। अब श्वेता मुझको ललकार कर कह रही थी कि लगाओ शॉट मेरे राजा और में जवाब दे रहा था कि यह ले मेरी रानी ले ले अपनी चूत में, ज़रा और ज़ोर से सरकाओ अपना लंड मेरी चूत में मेरे राजा, यह ले मेरी रानी यह लंड तो तेरे लिए ही है, देखो राजा मेरी चूत तो तेरे लंड की दीवानी हो गयी और ज़ोर से और ज़ोर से आआईईईई मेरे राजा में गइईईईई रे कहते हुए मेरी श्वेता ने मुझको कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ दिया। अब तक मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था तो मैंने बोला कि में भी आया मेरी जान और फिर मैंने भी अपने लंड का पानी छोड़ दिया और में हांफते हुए उसकी चूची पर अपना सर रखकर कसकर चिपककर लेट गया ।।

धन्यवाद …

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